25 अप्रेल से शुरू होगा माह-ए-रमजान : घर में पढ़ेंगे 20 रकात तरावीह, मस्जिद में इफ्तार पर रहेगी पाबंदी

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने भी शनिवार को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि कोरोना एहतियात को ध्यान में रखते हुए सभी लोग अपने घरों में ही नमाज पढ़े। मुश्किल घड़ी में सबकी सुरक्षा के लिहाज से ये सही रहेगा। यदि कोई एडवाइजरी का उल्लंघन करता है तो पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा सकेगी।

By: Satya Narayan Shukla

Updated: 18 Apr 2020, 11:45 PM IST

भिलाई@Patrika. मुस्लिम समुदाय का पवित्र महीना रमजान 25 अप्रेल से शुरू हो जाएगा। कोरोना वायरस की वजह से इस साल लोगों को मस्जिद में जाकर रोजा इफ्तार करने की भी अनुमति नहीं होगी। इसी तरह वे मस्जिद में तरवीह की नमाज भी अदा नहीं कर पाएंगे। उन्हें अपने घरों में ही रहकर तरावीह की नमाज पढऩी होगी। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने भी शनिवार को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि कोरोना एहतियात को ध्यान में रखते हुए सभी लोग अपने घरों में ही नमाज पढ़े। मुश्किल घड़ी में सबकी सुरक्षा के लिहाज से ये सही रहेगा। यदि कोई एडवाइजरी का उल्लंघन करता है तो पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा सकेगी।

यह एडवाइजरी प्रदेश की सभी मस्जिदों और जामा मस्जिदों को पहुंचा दी गई

बता दें कि मुस्लिम समाज रमजान के लिए बेसर्बी से इंतजार करता है। रमजान की सेहरी और फिर इफ्तार के लिए लोग उत्सुक रहते हैं। अल्लाह को राजी करने के लिए रोजे रखते हैं। वक्फ बोर्ड ने कहा कि भले ही मस्जिदों में जाकर नमाज व रोज इफ्तार की पाबंदी रहेगी, लेेेकिन लोगों की सहूलियत के लिए रोजाना पांच वक्त पर अजान जरूर जारी रहेगी। यह एडवाइजरी प्रदेश की सभी मस्जिदों और जामा मस्जिदों को पहुंचा दी गई है।

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जानिए...कैसे पढ़ेंगे नमाज
हमेशा से ही भिलाई की जामा मस्जिद सेक्टर-6 में तरावीह की नमाज पढऩे सैकड़ों की तादाद में लोग जुटते रहे हैं। हर नमाज की तरह इसकी खासियत यह है कि लोग तरावीह की नमाज अपने ईमाम के पीछे खड़े होकर पढऩा चाहते हैं, पर इस बार ऐसा नहीं हो पाएगा। जामा मस्जिद के ईमाम मोहम्मद इकबाल हैदर अशरफी ने बताया कि तरावीह की नमाज इस बार सभी घर पर रहकर ही पढ़ें। तरावीह नमाज में आपको 20 रकात अदा करनी होती है। अब नमाज में पढ़े जाने वाली आयतें यदि किसी को याद है तो बेहतर होगा। यदि आयत नहीं याद है तो भी कोई बात नहीं। जिसे जो भी आयत याद हो उसकी तिलावत करते हुए अपनी 20 रकात नमाज अदा की जा सकती है। कुरान पाक में आखिरी पन्ने पर 10 आयतें लिखी होती हैं, उन्हें पढ़कर भी एक तरावीह पढऩे का सवाब मिलता है। बता दें कि तरावीह की नमाज में ईमाम साहब तय दिनों में एक पूरा कुरान पाक पढ़ते हुए नमाज पढ़ाते हैं।

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Satya Narayan Shukla Desk/Reporting
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