ये कैसी व्यवस्था, जो कोरोना से भी ज्यादा है घातक, संक्रमित की मौत के बाद आठ घंटे परिजन करते रहे शव वाहन का इंतजार

पावर हाउस निवासी 32 वर्षीय मृतक के शव के लिए परिजनों को सुबह से शाम तक 8 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। सोमवार सुबह 9 बजे उसके पिता, पत्नी समेत पूरा परिवार पहुंचा। (Coronavirus death in chhattisgarh)

By: Dakshi Sahu

Published: 25 Aug 2020, 12:25 PM IST

भिलाई. पावर हाउस निवासी 32 वर्षीय मृतक के शव के लिए परिजनों को सुबह से शाम तक 8 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। सोमवार सुबह 9 बजे उसके पिता, पत्नी समेत पूरा परिवार पहुंचा। शाम करीब 5 बजे शव शास्त्री हॉस्पिटल से रामनगर मुक्तिधाम के लिए शव वाहन से रवाना किया गया। पूरे समय जिला प्रशासन और नगर पालिक निगम भिलाई के अधिकारियों को जानकारी दी जाती रही। हर बार यही कहा जाता रहा कि वाहन भेज रहे हैं। टीम भी आ रही है। इस तरह पूरा दिन बीत गया। इसमें बड़ी लापरवाही नगर पालिक निगम भिलाई की ओर से बरती गई। जिला प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठना लाजमी है।

सुबह 10 बजे से मिलने लगा आश्वासन
मरीज की रविवार को सुबह करीब 6 बजे मौत हो गई। लाल बहादुर शास्त्री हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की कोरोना जांच पॉजिटिव निकला। परिवार को बता दिया गया कि सोमवार की सुबह एक टीम शव वाहन में शव लेकर राम नगर मुक्तिधाम पहुंचेगी। परिवार के सदस्य आ जाना सीधे अंतिम संस्सकार किया जाएगा।

अंतिम संस्कार कराने वाले को लाने गए गां
निगम की ओर से पीडि़त परिवार को सुबह करीब 11 बजे बताया गया कि अंतिम संस्कार के लिए शव को मारच्यूरी से उठाकर चिता तक लेकर जाने का काम निगम की एक टीम करेगी। उस टीम के लिए सदस्य की तलाश की जा रही है। गांव से लेकर आने के लिए भेजा गया है। दोपहर 12 बजे फिर परिवार से कहा गया कि अंतिम संस्कार करने वाले मिल गए हैं, गांव से लेकर आ रहे हैं।

4 घंटे बाद पहुंची टीम,वाहन नहीं था
दोपहर 1 बजे के बाद यह टीम मौके पर पहुंची। चार सदस्यों ने आकर पूछा कि शव वाहन कहां है, जिसमें शव लेकर जाना है। इस पर पीडि़त परिवार ने बताया कि नगर पालिक निगम भिलाई से शव वाहन आ रही है। यह जानकारी नगर निगम ने दिया है।

पिता की तबीयत बिगड़ी
मृतक के बुजुर्ग पिता की तबीयत बिगड़ गई। उसने कहा कि उनके सीने में दर्द हो रहा है। आंध्र प्रदेश से आए उनके परिवार के सदस्यों ने बहुत मुश्किल से उसे संभाले रखा।

निगम ने कहा भेज रहे शव वाहन
दोपहर करीब 2 बजे फिर एक बार नगर निगम से किसी ने फोन कर कहा कि शव वाहन भेज रहे हैं। एक घंटे तक इंतजार करने के बाद जब शव वाहन नहीं आया, तब दोपहर 3 बजे कलेक्टर, दुर्ग ऑफिस से कहा गया कि शव वाहन दुर्ग से भेज रहे हैं।

रामनगर मुक्तिधाम से टीम को बुलवाया
शाम 4 बजे तक शव वाहन तो नहीं पहुंची, लेकिन मौके पर मौजूद चार लोगों की टीम जो पीपीई किट लेकर तैयार थी, उसे जरूर रामनगर मुक्तिधाम यह बोलकर बुला लिया गया कि दूसरा शव यहां आया है, उसका अंतिम संस्कार करना है। वे राम नगर मुक्तिधाम के लिए रवाना हो गए।

शाम 5 बजे शव वाहन के साथ फिर पहुंची टीम
राम नगर मुक्तिधाम से शव वाहन लेकर उक्त टीम करीब शाम 5 बजे लाल बहादुर शास्त्री हॉस्पिटल सुपेला पहुंची। टीम के सदस्यों ने शव को मारच्यूरी से निकाला और वहां से सीधे राम नगर मुक्तिधाम के लिए रवाना हुई। इस तरह से दो किलोमीटर का फासला पूरा करने में नगर निगम और जिला प्रशासन को 8 घंटे का समय लगा।

कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे ने कहा कि आयुक्त नगर पालिक निगम, भिलाई से बात हुई। वह व्यवस्था कर रहे हैं। शव वाहन जल्द भिजवाया जा रहा है। आर रघुवंशी, आयुक्त, नगर पालिक निगम, भिलाई ने कहा कि एक शव लेकर शव वाहन निकला था, वहां का नहीं था क्या। अभी भिजवा रहा हूं।

प्रशासन की लापरवाही है यह
दुर्ग सांसद विजय बघेल ने कहा कि कोरोना से हर दिन मौत हो रही है, इसको देखते हुए हॉस्पिटल में शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर जाने वाली 4 लोगों की टीम और शव वाहन हर समय हॉस्पिटल में मौजूद रहना चाहिए। 8 घंटे तक एक परिवार अंतिम संस्कार के लिए इंतजार करता रहा, यह प्रशासन की लापरवाही है। इससे कोरोना का वायरस और फैलेगा। जितना जल्दी हो सके अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराने की जरूरत है।

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