सेल के डिप्लोमा इंजीनियर्स इस्पात मंत्रालय का खटखटाएंगे दरवाजा

सेल के डिप्लोमा इंजीनियर्स इस्पात मंत्रालय का खटखटाएंगे दरवाजा

Abdul Salam | Publish: Sep, 03 2018 11:47:46 AM (IST) Bhilai, Chhattisgarh, India

डिप्लोमा इंजीनियर के पदनाम को लेकर जल्द ही इस्पात मंत्रालय में चर्चा होगी। इसके लिए डिप्लोमा इंजीनियर की ओर से प्रतिनिधिमंडल रवाना होने वाला है।

भिलाई. भारत के इस्पात मंत्रालय से 1 मई 2017 को जूनियर इंजीनियर पदनाम पर एक आदेश जारी हुआ था, लेकिन यह आदेश अब तक स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) प्रबंधन के पास लंबित है। यह आदेश जब जारी हुआ था, तब डिप्लोमा इंजीनिअर्स के मन में भी अच्छे दिनों की आस जागी थी। उन्हें लगा कि केंद्र की सरकार के राज में उनके स्किल्स की परख सेल प्रबंधन को होगी व स्किल इंडिया की तर्ज पर डिप्लोमा इंजीनिअर्स को भी क्वालिफिकेशन के मुताबिक पदनाम मिलेगा। डिप्लोमा इंजीनियर्स की संस्था का कहना है कि सेल प्रबंधन की लालफीताशाही का परिणाम ही है कि 100 दिनों में मामले को निपटारा का दावा करने वाली इस सरकार के राज में भी बदलाव कुछ हुआ नहीं है.

दिल्ली में होगी चर्चा
सेल के डिप्लोमा इंजीनियर के पदनाम को लेकर जल्द ही इस्पात मंत्रालय में चर्चा होगी। इसके लिए डिप्लोमा इंजीनियर की ओर से प्रतिनिधिमंडल रवाना होने वाला है। डिप्लोमा इंजीनियर्स का संगठन मामले को जल्द निपटाने की मांग इस्पात मंत्रालय से करेगा। मामले में जल्द पहल नहीं होती है, तो डिप्लोमा इंजीनिअर्स उग्र आंदोलन के लिए कदम आगे बढ़ाएंगे।

कॉर्पोरेट ऑफिस में अटका है मामला
डिप्लोमा इंजीनियर्स के मसले पर संस्था के पदाधिकारी बार-बार स्थाई नीति बनाने की मांग कॉर्पोरेट ऑफिस से लगातार की जा रही है। सेल के नीति निर्धारकों को अधिकारियों की चिंता है, लेकिन कर्मियों की नहीं है। इसका यह परिणाम है कि ई-1, २ का पे स्केल तो बढ़ा दिए, लेकिन आदेश के एक साल बाद भी सेल के 8 हजार डिप्लोमा इंजीनियर के हाथ खाली हैं, इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।

एसीटी व ओसीटी में है रोष
डिग्रेडेशन की मार झेल रहे एसीटी व ओसीटी के बीच यूनियन की भूमिका को लेकर नाराजगी है। डिप्लोमा इंजीनियर्स के पदनाम को लेकर, जिस पर कोई वित्तीय भर नहीं लगना है, उस पर यूनियन की चुप्पी से समझ से परे है। संगठन सचिव अखिल मिश्र का कहना है कि गैर वित्तीय मामला है, इस वजह से इसे एनजेसीएस से बाहर ही निपटाने की मांग की जा रही है।

5 को होगी दिल्ली में बैठक
डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन, भिलाई के महासचिव डीपीएस बरार ने बताया कि दिल्ली में 5 सितंबर को इस्पात मंत्रालय में डेफी की बैठक मंत्रालय के उच्च अधिकारियों और इस्पात मंत्री के साथ होगी। इसके अलावा सेल कॉर्पोरेट में उच्च अधिकारियों से भी मिलकर पदनाम सहित अन्य विषयों पर अपनी बात रखेंगे।

आंदोलन की चल रही तैयारी
सेल प्रबंधन का इस्पात मंत्रालय के आदेश लागू नहीं करने से खफा डिप्लोमा इंजीनियर्स अब आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। सेल प्रबंधन आदेश को सवा साल से मंत्रालय के आदेश को लटका रखा है, जिसको एक या दो यूनियन को छोड़ बाकी सभी एनजेसीएस यूनियन प्रबंधन का सहयोग कर रही है। मिश्रा ने बतायाय कि राउरकेला में बैठक के दौरान बताए कि जूनियर इंजीनियर पदनाम देने से संयंत्र में आईआर प्रॉब्लम आ सकता है, जिस पर डेफी सहित अन्य ने असहमति जताई थी। अब संस्था का कहना है कि दिशा-निर्देश लागू न करने से माहौल बिगड़ता है तो उसका जिम्मेदार प्रबंधन का होगा।

यूआरएम में किए थे प्रोडक्शन प्रभावित
पदनाम को लागू करने में हो रही देरी के विरोध में नाराज ओसीटीव एसीटी कर्मियों ने यूआरएम में करीब 2 शिफ्ट प्रोडक्शन की गति को धीमी कर दिया था। इसके बाद सीईओ ने ओसीटी से सीधे संवाद किया, जिसके बाद यह मामला शांत हुआ। अब देर होने से मामला फिर उलझ रहा है।

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