BREAKING : डेंगू ने फिर एक नन्ही परी की जान ले ली, शहर में यह 41 वीं मौत

BREAKING : डेंगू ने फिर एक नन्ही परी की जान ले ली, शहर में यह 41 वीं मौत

Satya Narayan Shukla | Publish: Sep, 07 2018 12:59:26 PM (IST) Bhilai, Chhattisgarh, India

डेंगू ने फिर एक नन्ही परी की जान ले ली। संग्राम चौक केंप 1 निवासी संजय यादव की सबसे छोटी बेटी पीहू ने शुक्रवार की सुबह बीएसपी सेक्टर 9 अस्पताल में दम तोड़ा।

भिलाई. शासन-प्रशासन के लाख दावे के बाद भी जिले में डेंगू महामारी थमने का नाम नहीं ले रहा। शहर में रोजाना इस बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। लोग मौत के आंकड़े सुन-सुनकर उक्ता गए हैं। बीती रात भी एक मासूम की उपचार के दौरान बीएसपी सेक्टर-नौ अस्पताल में मौत हो गई। इसके साथ ही दुर्ग जिले में डेंगू से मरने वालों की संख्या 41 हो गई है।

पांच दिन पहले आया था बुखार
डेंगू ने फिर एक नन्ही परी की जान ले ली। संग्राम चौक केंप 1 निवासी संजय यादव की सबसे छोटी बेटी पीहू ने शुक्रवार की सुबह बीएसपी सेक्टर 9 अस्पताल में दम तोड़ा। पीहू को गुरुवार सुबह सुपेला अस्पताल से सेक्टर 9 अस्पातल रेफर किया गया था। परिजनों का आरोप है कि एंबूलेंस में ही पीहू की तबीयत बिगड़ गई थी और वह सेक्टर 9 पहुंचने के 24 घंटे के बाद ही चल बसी। डेंगू से शहर में 41 वीं मौत है। पीहू की मौत के बाद मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है। सुबह से ही घर पर भीड़ लग चुकी थी और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है।

 

डेंगू पॉजीटिव आया तो लाए थे अस्पताल
पीहू को 3 सिंतबर से ही बुखार आ रहा था। परिजनों ने पहले उसे घर के नजदीक के लैब में उसका ब्लड टेस्ट कराया। जब डेंगू पॉजीटिव आया तो लैब वालों ने तत्काल सुपेला के शासकीय अस्पताल भेजा। यहां पर उसे तीन दिन दाखिल रखा गया था। पीहू के बड़े पापा शिव सागर ने बताया कि सुपेला अस्पताल में इलाज तो किया गया पर उसकी तबीयत में सुधार नहीं आया। तब सुपेला अस्पताल वालों ने ही सेक्टर 9 रेफर किया।

इलाज में लापरवाही
पीहू की मौसी संगीता ने बताया कि सुपेला अस्पताल में दाखिल करने के बाद पीहू को रातभर बुखार कम नहीं हुआ। उसने दो बार डॉक्टर से भी बात की, पर उन्होंने आकर सही ढंग से चेक नहीं किया। बस ग्लूकोज की बॉटल चढ़ाकर उसे एक इंजेक्शन लगाया। जिसके बाद उसकी तबीयत और बिगड़ गई। क्या और क्यों इंजेक्शन लगाया बताया नहीं। इंजेक्शन के बाद उसकी तबीयत और ज्यादा खराब हो गई। मृतक मासूम का पिता बढ़ई का काम करता है।

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