दो दिन के धनतेरस से लौटी बाजार की रौनक, शाम सात बजे से शुरू होगा खरीददारी का शुभ मुहूर्त

शुभ मुहूर्त की बात की जाए तो इस बार धनतेरस की खरीदारी का मुहूर्त गुरुवार शाम साढ़े सात बजे से रात साढ़े 10 बजे तक एवं शुक्रवार को रात साढ़े 10 बजे तक अलग-अलग समय पर लोग अपनी सुविधानुसार खरीदारी कर सकते हैं।

By: Dakshi Sahu

Published: 12 Nov 2020, 02:10 PM IST

भिलाई. धनतेरस को लेकर इस बार लोग थोड़े कन्फ्यूजन में हंै, लेकिन खास बात यह है कि धनतेरस का मुहूर्त गुरुवार शाम से लेकर शुक्रवार शाम तक रहेगा, जिससे लोगों के पास खरीदारी के लिए दो दिन होंगे। इधर धनतेरस को लेकर शहर के बाजारों में व्यापारियों ने तैयारी कर ली है। गुरुवार सुबह से बाजार में रौनक दिखी। खासकर सराफा, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान, ऑटोमोबाइल, रियल स्टेट सहित अन्य बाजार में सुबह से ग्राहकों का आना शुरू हो गया था।

इस शुभ मुहूर्त में करें खरीदी
शुभ मुहूर्त की बात की जाए तो इस बार धनतेरस की खरीदारी का मुहूर्त गुरुवार शाम साढ़े सात बजे से रात साढ़े 10 बजे तक एवं शुक्रवार को रात साढ़े 10 बजे तक अलग-अलग समय पर लोग अपनी सुविधानुसार खरीदारी कर सकते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद चौबे ने बताया कि धनतेरस के दिन ही समुद्र मंथन के दौरान भगवान धनवंतरी की उत्पति हुई थी और वे स्वास्थ्य की देवता हैं। इसलिए इस दिन उनकी पूजा भी अवश्य करनी चाहिए, क्योंकि अच्छा स्वास्थ ही सबसे बड़ा धन है। साथ ही इस दिन कुबेर का पूजन भी शुभ माना जाता है। निर्णयामृत में कहा गया है कि कार्तिक कृष्ण पक्ष तेरस को घर से बाहर प्रदोष के समय यम दीपक जलाया जाए तो अकाल मृत्यु नष्ट होती है। इसलिए इस दिन को प्रदोष व्यापिनी तेरस के रूप में भी मनाया जाएगा।

दो दिन है मुहूर्त
पंडित चौबे ने बताया कि 12 नवंबर गुरुवार को कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (तेरस) तिथि रात 9.30 बजे से आरंभ होकर 13 नवंबर शुक्रवार को सायं 6 बजकर 1 मिनट तक रहेगा। जबकि सूर्यास्त 5 बजकर 20 मिनट हो रहा है। सूर्यास्त के बाद तीन घटी यानी 72 मिनट तक प्रदोषकाल होता है। इसलिए शास्त्रीय प्रमाण के अनुसार धनतेरस 13 नवंबर को ही मनाई जानी चाहिए। शुक्रवार को ही यमदीप जलाना चाहिए।

शुभ होती है खरीदारी
पंडित चौबे के अनुसार खरीदारी समृद्धि का प्रतीक है फिर चाहे वह खरीदारी छोटी ही चीज की क्यों न हो। जरूरी नहीं है कि हम सोने-चांदी के गहने या मंहगा सामान खरीदें। छोटा सा बर्तन चाहे वह पूजा के लिए कोई पात्र क्यों न हो, ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि त्योहार कोई भी हो वह समृद्धि लेकर आते हैं। खुश होकर हम चीजें खरीदते हैं और यही खुशी की वजह से घर में समृद्धि बरकरार रहती है।

यह है प्रदोषकाल में दीपदान का शुभ मुहूर्त
शाम 5 बजकर 20 मिनट से 6 बजकर 1 मिनट तक
खरीदारी का मुहूर्त चौघडिय़ा शुभ मुहूर्त
गुरुवार- सायं 7.30 से 10.30 तक (लाभ और अमृत)
शुक्रवार - दोपहर 12 बजे से 1.30 तक शुभ, रात्रि 9 बजे से रात्रि 10.30 बजे तक लाभ

Show More
Dakshi Sahu Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned