नौकरी की आस और ये सर्द रात, पुलिस भर्ती में आए हजारों युवा खुले आसमान के नीचे, पत्रिका की पहल से बढ़े मदद के लिए हाथ

भिलाई में चल रही पुलिस आरक्षक भर्ती के फिजिकल टेस्ट में रोज आ रहे सैकड़ों युवाओं को खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ रही है।

 

By: Dakshi Sahu

Published: 31 Jan 2021, 11:29 AM IST

भिलाई. भिलाई में चल रही पुलिस आरक्षक भर्ती के फिजिकल टेस्ट में रोज आ रहे सैकड़ों युवाओं को खुले आसमान के नीचे रात बितानी पड़ रही है। प्रशासन की ओर से उनके ठहरने के लिए कोई व्यवस्था नहीं होने से वे सभी रात को एसएफ लाइन स्थित बटालियन के सामने ही सड़क पर ठिठुरते हुए रात बिता रहे हैं। पहले ही दिन जब रात में भूख और ठंड से परेशान युवाओं पर पत्रिका की नजर पड़ी तो रात में ही शहर की सेवाभावी संस्थाओं से संपर्क कर उनके खाने और कंबल का इंतजाम करवाकर पत्रिका ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई। दुर्ग के जन समपर्ण संस्था ने इन युवाओं को रात में खाने की व्यवस्था की जिम्मेदारी ली। साथ जिनके पास ठंड में ओढऩे की सुविधा नहीं है,उन्हें वे कंबल भी बांट रहे हैं। वही जीव दया ग्रुप ने भी इसमें अपनी सहभागिता निभाई और सर्द रात में कंबल बांटे। यहां 15 फरवरी तक भर्ती प्रक्रिया चलनी है, जिसमें संभाग भर से करीब 21 हजार युवा शामिल होंगे।

तीन दिन से कर रहे सेवा
पत्रिका की पहल पर जन समर्पण सेवा संस्था के साथी लगातार तीन दिनों से भर्ती स्थल के सामने रोज रात को जाकर युवाओं की मदद कर रहे है। यह संस्था पिछले 4 वर्षों से रोजाना रेलवे स्टेशन पर जरूरतमंदों के लिए रात को भोजन की व्यवस्था कर रहा है। संस्था के सदस्यों ने पुलिस भर्ती के लिए आए युवाओं को ठंड से बचने के लिए कम्बल, खाने के लिए बिस्किट, मिक्चर, चिप्स, चना, मुर्रा एवं पानी पाउच बांट रहे हैं। इन दो दिनों में सैकड़ों युवाओं को भोजन सामग्री एवं 38 युवाओं को कम्बल बांटा। देर रात्रि इस सेवा में संस्था के योगेन्द्र शर्मा(बंटी) आशीष मेश्राम, प्रकाश कश्यप, शिशु शुक्ला, संजय सेन, महेश गुप्ता, मृदुल गुप्ता, शुभम सेन, हरीश ढीमर, दद्दू ढीमर, यश शर्मा, राजेन्द्र ताम्रकार, सुजल शर्मा सहयोग कर रहे हैं।

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पत्रिका हमेशा आगे
अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने में पत्रिका हमेशा आगे रहा है। मानवीय संवेदना के साथ पत्रिका की टीम ने पहले भी कई बार लोगों की मदद के लिए पहल की और चंद घंटों में ही जरूरतमंदों को मदद मिल गई। योगेन्द्र शर्मा ने कहा कि पत्रिका से जब देर रात फोन आया तब उनकी टीम ने बिना देर किए जो संभव हो सका वह खाने का सामान लेकर पहुंचे और वहां जाकर देखा तो पता चला कि युवाओं को उनकी मदद की कितनी जरूरत थी। बाहर से आए युवाओं की मदद के लिए उनकी संस्था ने भर्ती चलने तक रोज रात में युवाओं की मदद का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि पत्रिका ने जो संवेदनशीलता दिखाई है, वह अनुकरणीय है कि हमें मानव सेवा के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। फिर उस सेवा के लिए जरिया कोई भी क्यों न बनें।

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