गर्मी में कम पानी पीने से यूरिनल इंफेक्शन का खतरा, डब्बा बंद जूस भी पहुंचाएगा नुकसान, डॉक्टर ने दिए हेल्थ टिप्स

Mohammed Javed

Publish: Apr, 17 2018 11:55:09 PM (IST)

Bhilai, Chhattisgarh, India
गर्मी में कम पानी पीने से यूरिनल इंफेक्शन का खतरा, डब्बा बंद जूस भी पहुंचाएगा नुकसान, डॉक्टर ने दिए हेल्थ टिप्स

ज्यादा से ज्यादा पानी पीते रहना चाहिए। पानी कम पीने से यूरिन इन्फेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है।

भिलाई . स्वामी श्री स्वरूपानंद सरस्वती महाविद्यालय में विश्व स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में हेल्दी प्रैक्टिसेस सेल द्वारा स्वास्थ्य संबंधी जागरुकता लाने परिचर्चा कराई गई। श्री गंगाजली शिक्षण समिति के चेयरमेन आईपी मिश्रा ने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिश्क का वास होता है, इसलिए समय-समय पर अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच कराते रहना चाहिए। समिति के सीओओ डॉ. दीपक शर्मा ने कहा कि गर्मी के दिनों में ठोस खाद्य पदार्थो की अपेक्षा पेय पदार्थ पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। क्योंकि इस मौसम में शरीर का तापमान असंतुलित हो जाता है, जिससे बीमारियां होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

डायट का ख्याल सबसे जरूरी
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. हंसा शुक्ला ने कहा कि हम अपने स्वास्थ्य को लेकर सचेत नहीं रहते। साथ ही हम खान-पान में जरुरत के बदले स्वाद को अधिक महत्व देते है। कई बार कार्य के अनुरुप समय-सारणी के अनुसार डाइट न लेकर हम स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही बरतते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ता है। इसलिए हमें खासकर गर्मी के मौसम में खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

कम उपयोग करें डब्बा बंद जूस
गायनोलाजिस्ट डॉ. सृष्टि सालवतकर ने स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जानकारी देते हुए बताया कि गर्मीयों में हम डिब्बा बंद जूस, खाना एवं गन्ने के रस का सेवन अधिक करते है यह ओरल ट्रॉंसमिशन, हेपेटाइटिस, लूज मोशन एवं डायरिया जैसे रोगों की संभावना को बढ़ा देता है। गर्मी में शरीर में पानी की कमी जल्दी होती है, इसलिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीते रहना चाहिए। पानी कम पीने से यूरिन इन्फेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है।

दिए कैंसर से जुड़े कई जवाब
डॉ. तृषा शर्मा द्वारा सरवाइकल कैंसर के लक्षण के बारे में पूछे जाने पर डॉ. सृष्टि ने बताया कि इसका मुख्य लक्षण हड्डियों में लगातार दर्द और यूरिन में ब्लड का आना है। यह लोअर सोशल इकोनॉमिक वर्ग में ज्यादा पाया जाता है। एचपीवी वाइरस की वजह से सरवाइकल कैंसर होता है। डॉ. शमा सिद्दीकी ने सरवाइकल कैंसर के वेक्सीन के विषय में पूछा कि क्या इसे लगवाना ठीक है या नहीं? इस संदर्भ में डॉ. सृष्टि का कहना है कि यह वैक्सीन 15-18 साल की उम्र में लगता है पर अभी यह राष्ट्रीयकृत नहीं हुआ है, क्योंकि इसके परिणाम अभी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं पाए गए हैं।

महिलाएं कम करें पिल्स का उपयोग
डॉ. सालवतकर ने बताया कि पीरिड्स आगे बढ़ाने के लिए पिल्स का कम से कम उपयोग करना चाहिए क्योंकि हर दवाई का कोई न कोई साइड ईफेक्ट भी होता है। साथ ही इन दिनों बैक्टीरिया इन्फेक्शन की संभावना रहती है, दिन में कम से कम 3 बार पेड बदलने की जरूरत रहती हैं। पिल्स खाने से वृद्धि-सार ग्लूकोश स्तर कम होता है। एपीटाइट कम हो जाता है जो हानिकारक है। वेट कम करने के लिए लाइपोसेशन करवाते समय आर्टी में लिपिड जाने से मृत्यु भी हो सकती हैं।

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