चौंकाने वाला सर्वे: छत्तीसगढ़ में इस गंदी आदत की वजह से बढ़ रहा युवाओं में सुसाइड केस...

चौंकाने वाला सर्वे: छत्तीसगढ़ में इस गंदी आदत की वजह से बढ़ रहा युवाओं में सुसाइड केस...

Dakshi Sahu | Updated: 27 May 2019, 01:07:57 PM (IST) Bhilai, Durg, Chhattisgarh, India

हाल में हुए सर्वे में खुलासा हुआ कि प्रति हजार की आबादी में 264 लोग अवसाद से ग्रस्त है। इसकी मुख्य वजह में नशे की लत शामिल है।

दुर्ग. गांजा और ब्राउन शुगर जैसे मादक पदार्थ ने शहर से लेकर गांव तक पांव पसार लिया है। नशे की लत से न केवल कई बीमारियां नशा करने वालों को अपनी चपेट में ले रही है बिल्क बल्कि लोग अवसाद में जा रहे है। हाल में हुए सर्वे में खुलासा हुआ कि प्रति हजार की आबादी में 264 लोग अवसाद से ग्रस्त है। इसकी मुख्य वजह में नशे की लत शामिल है।

सामने आए यह तथ्य
सेंट्रल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरों साइंस देवादा के सर्वे में चौकाने वाले तथ्य सामने आए है। संस्था ने जिले में 3150 घरों में डोर टू डोर सर्वे किया। सर्वे के दौरान खुलासा हुआ कि प्रति 1000 की आबादी में 264 लोग अवसाद से ग्रस्त हंै।

आशय यह है कि 26 प्रतिशत की आबादी मानसिक बीमारी की दौर से गुजर रही है। अवसाद की मुख्य वजह नशे की लत है। इसमें 18 से 70 वर्ष आयु के लोग शामिल हैं। चौंकाने वाले तथ्य सामने आने के बाद सवाल यह उठता है कि नशे के सौदागर बेधड़क अपना काला कारोबार कर रहे हैं। पुलिस का कोई नियंत्रण नहीं है।

छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा शराब का सेवन
2016 में नेशनल ड्रग इंस्ट्रीट्यूट ट्रिटमेंट ऑफ इन मेडिसिन न्यूरों सेंटर की रिपोर्ट का अध्यन करें तो सबसे ज्यादा शराब का सेवन छत्तीसगढ़ में होता ही है। इसका प्रतिशत 35.6 है। जबकि पंजाब में 28.5 और गोवा व अरुणाचल प्रदेश में 28 प्रतिशत है। राष्ट्रीय स्तर पर हुए सर्वे में खुलासा हुआ है कि 5.4 करोड़ लोग शराब के नशे में चूर हैं और वे इससे छुटकारा पाना चाहते हैं। इसके अलावा देश में 72 लाख लोग गांजा, 60 लाख लोग अफीम और 11 लाख से अधिक लोग नियमित रुप से ड्रग के लेते हैं।

2014 में 27 युवाओं ने की आत्महत्या
विश्व की बात करे तो कुल आबादी में 15 प्रतिशत लोक डिप्रेशन में आने के बाद आत्महत्या कर लेते है। इसमें भारत पहले नंबर पर है। मिनी इंडिया के नाम से देश के नक्शे में चिन्हित भिलाई में 2014 में सर्वाधिक 27 युवाओं ने आत्महत्या की थी। जिसमें चौकाने वाले तथ्य सामने आए थे।

दिल्ली उत्तरप्रेदश के बाद गांजा की खपत छत्तीसगढ़ में
पुलिस विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गांजा की सप्लाई ओडिसा से सर्वाधिक होती है। यहां से दिल्ली, गोवा और उत्तर प्रदेश भेजा जाता है। बड़ी आबादी वाले इन राज्यों के बाद गांजा की खपत छत्तीसगढ़ में है। इसमें दुर्ग-भिलाई समेत आसपास का जिला शामिल है।

एसपी दुर्ग प्रखर पाण्डेय ने बताया कि नारकोटिक्स एक्ट प्रकरण का ग्राफ इसलिए बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा है कि हम लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले बस स्टैंड और जैन मंदिर गली से प्रतिबंधित ड्रग बेचने वाले को गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। वैसे भी नशा उन्मूलन कम्यूनिटी पुलिसिंग का एक हिस्सा है। स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संगठनों के बीच हम नशा उन्मूलन की बात कहते हैं। नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ हम सख्ती से पेश आ रहे है। ऐसे अपराधियों के खिलाफ हमने मुहिम छेड़ रखा है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट आप भी जानिए
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद गुप्ता का कहना है कि अवसाद को पहचानाना बेहद आवश्यक है। इस दौरान आदमी डिप्रेशन का शिकार हो जाता है आत्महत्या या फिर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए आमदा हो जाता है। अवसाद के दौरान शारीरिक दुर्बलता, एकाग्र न होना, याददाश्त में कमी आना, मन उदास रहना, कार्य के प्रति इच्छा नहीं रहना अपने जीवन को मूल्यहीन समझाना जैसी बात दिखाई देती है।

अगर परिवार के सदस्यों में ऐसे लक्ष्ण देखें तो सबसे पहले यह पता लगाएं कि उस व्यक्ति को नशे की आदत तो नहीं है। इसके बाद भी अगर समझ न आए तो विशेषज्ञ से अवश्य परामर्श लें। अवसाद के कई प्रकार है। इस मिथ्या को दिमाग से निकाल दें कि अवसाद का इलाज लंबा चलता है। आप जितनी जल्दी इलाज शुरू करेंगे लाभ उतना ही शीघ्रता से मिलता है।

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