बच्चों को ब्रांडेड शैंपू, शोप और पावडर लगाने वाले सावधान, बाजार में बिक रहे डुप्लीकेट प्रॉडक्ट

बच्चों को ब्रांडेड शैंपू, शोप और पावडर लगाने वाले सावधान, बाजार में बिक रहे डुप्लीकेट प्रॉडक्ट

Satyanarayan Shukla | Updated: 29 May 2019, 11:40:01 PM (IST) Bhilai, Durg, Chhattisgarh, India

बच्चों के लिए खासतौर पर बनाए गए ब्रांडेड शैंपू जांच में अमानक पाए जाने के बाद खाद्य एवं औषधी प्रशासन विभाग ने होलसेल डीलर से शैंपू, पावडर और शोप क ा सैंपल लिया। जिसे जांच के लिए लैब भेजा गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

दुर्ग@Patrika. बच्चों के लिए खासतौर पर बनाए गए ब्रांडेड शैंपू जांच में अमानक पाए जाने के बाद खाद्य एवं औषधी प्रशासन विभाग ने होलसेल डीलर से शैंपू, पावडर और शोप क ा सैंपल लिया। जिसे जांच के लिए लैब भेजा गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। विभाग के अधिकारियों की टीम शहर के कॉस्मेटिक और जनरल स्टोर्स में बिकने वाले जॉनसन एंड जॉनसन प्रोडक्टस की जांच की। अधिकारियों ने बताया कि इसके लिए देशभर में एडवाइजरी जारी किया गया है। जिसमें एक विशेष बैच नंबर उपलब्ध कराते हुए जॉनसन एंड जॉनसन का बेबी शैंपू मिलने पर जब्त करने का आदेश दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान उस बैच नबंर का प्रोडक्ट नहीं मिला। इसके बाद मालवीय नगर स्थित गांधी इंटरप्राइजेस से उसी कंपनी की दूसरे बैच के शैंपू,पावडर व शोप का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया है।

राजस्थान में प्रोडक्ट अमानक पाया गया
राजस्थान में कुछ माह पहले बेबी शैंपू जब्त कर जांच के लिए लैंब भेजा गया था। रिपोर्ट में प्रोडक्ट को अमानक और बच्चों के उपयोग के लिए खतरनाक बताया गया था।

 

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राष्ट्रीय बाल आयोग ने जारी किया एडवाइजरी
राजस्थान शासन ने लैब की रिपोर्ट को राष्ट्रीय बाल आयोग और महिला एवं बाल विकास विभाग को भेजा था। इसी रिपोर्ट को आधार बनाते हुए आयोग ने संबधित बैच नंबर के प्रोडक्ट को जब्त करने एडवाइजरी जारी किया है।

लाखों का कारोबार
बाजार में बेबी कास्मेटिक या अन्य शैंपू, शोप, आइल की भरमार है। अलग अलग कंपनी ने कई प्रोडक्ट बाजार में लांच की है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केवल बेबी कॉस्मेटिक व अन्य प्रोडक्ट का हर माह १० लाख से भी अधिक का कारोबार है।

जांच के लिए सैंपल लैब भेजा गया
सेंट्रल की एडवाइजरी के आधार पर जॉनसन एंड जॉनसन प्रोडक्टस की जांच की गई। जांच के दौरान पत्र में उल्लेख बैच नंबर का प्रोडक्ट नहीं मिला। एहतियात के तौर पर दूसरे बैच नंबर का सैंपल लेकर जांच के लिए रायपुर लैब भेजा गया है।
बृजराज सिंह, अधिकारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग दुर्ग

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