भाजपा में अंतरकलह, पत्र लिख कार्यकर्ताओं ने बताया राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा को पीड़ा, मचा सियासी बवाल

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष के नाम लिखी चि_ी में दुर्ग व भिलाई जिला संगठन का पूरा चि_ा दिया गया है। कहा है कि यहां संगठन नाम की कोई चीज नहीं है। (BJP National president JP Nadda)

By: Dakshi Sahu

Published: 03 Sep 2020, 12:33 PM IST

भिलाई. भारतीय जनता पार्टी में लंबे समय से अंतरकलह की चिंगारी सुलग रही है। केंद्रीय पदाधिकारियों को लिखी एक चि_ी के बाद अब यह धधकने लगी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष के नाम लिखी चि_ी में दुर्ग व भिलाई जिला संगठन का पूरा चि_ा दिया गया है। कहा है कि यहां संगठन नाम की कोई चीज नहीं है। पार्टी एक की बपौती बनकर रह गई है। इससे निष्ठावान व जमीनी कार्यकर्ताओं में हताशा व निराशा है। अगर समय रहते संगठन ने हस्तक्षेप कर मनमानी पर अंकुश नहीं लगाया तो पार्टी पूरी तरह बिखर जाएगी। विधानसभा और पिछली बार हुए निकाय व ग्राम पंचायत चुनाव में पार्टी इसका हश्र देख भी चुकी है।

संगठन से भाजपा का वजूद बचाए रखने की यह गुहार लगाई है दुर्ग-भिलाई के जमीनी व पुराने कार्यकर्ताओं ने। खुद को दरी उठाने, झंडा-बैनर बांधकर पार्टी को आज इस मुकाम पर पहुंचाने वाले अनुभवी और वरिष्ठ बताते हुए कार्यकर्ताओं ने पार्टी फोरम को अपना दर्द बताया है। उन्होंने संगठन के कारनामे का पूरा लेखा-जोखा भी दिया है। कहा कि पार्टी यहां (समूचे दुर्ग जिले ) में एक की जागीर बनकर रह गई है। संगठन में पदाधिकारी उनकी मर्जी के होते हैं जो पूरी तरह उनके आधीन रहते हैं। यहां पार्टी संगठन के प्रति निष्ठा नहीं, व्यक्ति विशेष के प्रति वफादारी को तरजीह दिया जा रहा है। इससे वैचारिक प्रतिबद्धता के साथ अपना पूरा राजनीतिक जीवन पार्टी को समर्पित कर देने वाले कार्यकर्ताओं में मायूसी है।

दरी उठाने वाले कर दिए गए दरकिनार
बकायदा नाम के साथ उल्लेखित करते हुए बताया गया है कि पूर्व में ऐसे लोगों को पदाधिकारी बनाया गया जो कभी पार्टी में थे ही नहीं। कहा है कि जीवनभर प्रमुख विपक्षी दल में रहने वाले और पार्टी को कोसने वाले वामपंथी विचारधारा की राजनीति करने वालों को जिला संगठन में महती जिम्मेदारियां दे दी गई। युवा संगठन का नेतृत्व अपराधिक छवि के लोग कर रहे हैं। ऐसे भी लोग हैं जो फरार होने के कारण संगठन को कभी समय दे ही नहीं पाए। महिला संगठन आयातित नेतृत्व के भरोसे है।

जिला संगठन शून्य हो रहा है
चि_ी में पिछले विधानसभा और निकाय व पंचायत चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा है कि गुटबाजी के चलते जिला संगठन शून्य हो रहा है यह उसी का नतीजा है। विधानसभा चुनाव में संगठन पूरी तरह नदारद रहा। प्रत्याशी अपने निजी समर्थकों व ंसगे संबंधियों के दम पर चुनाव लड़े। यहां तक कि बूथ में बैठने तक के लिए संगठन कार्यकर्ता तय नहीं कर पाए। पंचायत चुनाव में संगठन की कोई भूमिका नजर नहीं आई।

प्रदेश संगठन की बेबसी से बढ़ी नाराजगी
भाजपा में चल रही खींचतान की मूल वजह संगठन चुनाव है। निर्वाचित के बजाए मंडल अध्यक्ष के थोप देने से यह कलह खुलकर सामने आई। इस पूरे प्रकरण में जिस तरह से प्रदेश संगठन की बेबसी सामने आई है उससेकार्यकर्ताओं में नाराजगी और संगठन से दूरियां बढ़ती ही जा रही है। भाजपा कार्यकर्ता ही कहने लगे हैं कि कभी अनुशासित और लोकतांत्रिक कही जाने वाली पार्टी में यह सब क्या हो रहा है?

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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