मनमाने टोल टैक्स पर लगाम लगाने दुर्ग कलेक्टर ने बनाई कमेटी, लोकल पासिंग से टैक्स लेंगे या नहीं कमेटी करेगी फैसला

टोल प्लाजा में लोकल पासिंग गाडिय़ों से शुल्क लेने के मामले में कलेक्टर ने अधिकारियों की एक कमेटी बनाई है।

By: Dakshi Sahu

Published: 20 Feb 2021, 11:39 AM IST

भिलाई. टोल प्लाजा में लोकल पासिंग गाडिय़ों से शुल्क लेने के मामले में कलेक्टर ने अधिकारियों की एक कमेटी बनाई है। दुर्ग पासिंग यानी सीजी-07 की गाडिय़ों का टैक्स लिया जाए या नहीं या लिया जाए तो कितना यह अधिकारियों की कमेटी नेशनल हाइवे व कंपनी के अधिकारियों से चर्चा कर तय करेगी। कमेटी में एसडीएम, आरटीओ और ट्रैफिक डीएसपी शामिल हैं। दुर्ग पासिंग गाडिय़ों को पहले लोगों के आक्रोश व आंदोलन के बाद टोलमुक्त किया गया था। जब से फास्टैग को अनिवार्य किया गया है बायपास टोल प्लाजा में फिर वसूली की जा रही है। कंपनी ने अपनी मर्जी से लोकल गाडिय़ों के लिए 120 रुपए का मंथली पास भी बनाना शुरू कर दिया है। पत्रिका ने इस खबर को 19 फरवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसे संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने इस पर उचित निर्णय लेने के लिए तीन अधिकारियों की कमेटी बनाई है।

फास्टैग अनिवार्य किया पर खामियों को दूर नहीं किया गया
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने देशभर के टोल प्लाजा में आने जाने वाले वाहनों के टैक्स वसूली के लिए फास्टैग को पूरी तरह से अनिवार्य तो कर दिया है, लेकिन इसमें कई खामियों पर ध्यान नहीं दिया गया है। कई टोल प्लाजा का निरीक्षण करने पर पत्रिका की टीम ने पाया कि 24 घंटे के अंदर एक वाहन को आने और जाने पर दूसरी तरफ के शुल्क में छूट दी जाती है। जबकि शिवनाथ एक्सप्रेसवे हाइवे टोल प्लाजा नेहरू नगर बायपास में व्यवस्था अलग है। आने जाने का 24 घंटे के लिए 120 रुपए लिया जा रहा है। इसके बाद 24 घंटे में जितने बार भी आना जाना करें शुल्क नहीं देना पड़ेगा।

कार चालकों ने कहा,सभी टोल प्लाजा पर टैक्स कम व सामान हो
रायपुर के कार चालक राकेश कुमार, बलौदा बाजार के रितेश तिवारी और राजनादगांव के धीरेन्द्र सिंह से पूछा गया तो उनका यह कहना है कि केन्द्र सरकार ने तो फास्टैग नियम लागू किया है वह स्वागत योग्य है, लेकिन सरकार को मनमाने टोल वसूली पर लगाम लगानी चाहिए। केन्द्र सरकार को एक टोल एक टैक्स की नीति पर काम करना चाहिए। एक टोल एक टैक्स की अभिप्राय यह है कि सभी टोल प्लाजा पर एक दर निर्धारित करानी चाहिए।

टाटा ग्रुप ने बनाई सड़क, वसूली कंपनी कर रही मनमानी
एनएच-53 दुर्ग बाइपास पर शिवनाथ एक्सप्रेस वे टोल प्लाजा बनाया गया है। इस सड़क का निर्माण टाटा गु्रप ने किया है। जिससे कंपनी ने शुल्क वसूली के लिए टाटा ग्रुप से वर्ष 2032 तक का अनुबंध किया है। शिवनाथ एक्सप्रेसवे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मैनेजर प्रवीण कुमार तेवतिया ने बताया कि यह रोड टाटा ग्रुप ने बनाया है। हमारी कंपनी उनके निर्देशों और नियम पर टोल वसूली का कार्य कर रही है। दुर्ग डीटीएमएस यूनियन रोज विवाद कर रहा है। पुलिस शिकायत पर ध्यान नहीं दे रही है।

इस टोल प्लाजा में डेली पास का है रूल्स
मैनेजर ने बताया कि एनएचइआई ने अलग-अलग टोल प्लाजा के लिए नियम बनाए हैं। दुर्ग बाइपास पर डेली पास सिस्टम है। वहीं राजनांदगांव के टोल प्लाजा में रिटर्नट्रिप का भी रुल्स है। यहां 24 घंटे में दो बार यानी आने जाने का 120 रुपए रखा है, लेकिन राजनांदगांव में एक बार का फुल चार्ज और दूसरी बार में हाफ लिया जाता है। जितनी बार गुजरेंगे उतनी बार टैक्स देना होगा। सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे, कलेक्टर, दुर्ग ने बताया कि टोल के जो नियम हैं उसका सभी को पालन करना है। दुर्ग पासिंग की जितनी गाडिय़ां है उनसे टोल टैक्स की वसूली की जा रही है। इसके लिए एसडीएम, आरटीओ और ट्रैफिक डीएसपी की एक कमेटी बनाई है। लोकल गाडिय़ों के टैक्स पर यह कमेटी निर्णय लेगी और मान्य होगा।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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