scriptDurg court acquitted the teacher accused of molestation | दबाव में आकार नामी स्कूल की छात्राओं ने अपने ही टीचर पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप, पांच साल बाद कोर्ट ने किया दोषमुक्त | Patrika News

दबाव में आकार नामी स्कूल की छात्राओं ने अपने ही टीचर पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप, पांच साल बाद कोर्ट ने किया दोषमुक्त

डीपीएस रिसाली की चार नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपी शिक्षक डॉ. आरपी द्विवेदी को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला विशेष न्यायाधीश अविनाश कुमार त्रिपाठी के न्यायालय में सुनाया गया।

भिलाई

Updated: November 08, 2021 11:41:40 am

भिलाई. डीपीएस रिसाली की चार नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपी शिक्षक डॉ. आरपी द्विवेदी को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया। यह फैसला विशेष न्यायाधीश अविनाश कुमार त्रिपाठी के न्यायालय में सुनाया गया। मामला पांच साल पहले का है। स्कूल के प्राचार्य के पत्र पर पुलिस ने शिक्षक द्विवेदी के खिलाफ धारा 354, 354 (क) व पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर ववेचना के बाद न्यायालय में चालान पेश किया था। अपराध दर्ज करने के बाद नेवई पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। आरोपी शिक्षक करीब साल भर बाद जमानत पर छूटा था।
दबाव में आकार नामी स्कूल की छात्राओं ने अपने ही टीचर पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप, पांच साल बाद कोर्ट ने किया दोषमुक्त
दबाव में आकार नामी स्कूल की छात्राओं ने अपने ही टीचर पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप, पांच साल बाद कोर्ट ने किया दोषमुक्त
प्राचार्य की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया था अपराध
बचाव पक्ष के अधिवक्ता तारेंद्र जैन ने बताया कि 14 अगस्त 2016 व 16 अगस्त 2016 को स्कूल के प्रिंसिपल प्रशांत वशिष्ठ के पत्र के माध्यम से सूचना मिलने पर नेवई पुलिस ने शिक्षक के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। न्यायालय में करीब पांच साल तक ट्रायल चला। न्यायालय ने यह पाया कि आरोपी शिक्षक द्वारा स्त्री लज्जा भंग करने के आशय से कोई आपराधिक बल का प्रयोग नहीं किया गया है। न्यायालय ने अपने 27 पृष्ठों के निर्णय में सभी गवाहों द्वारा दिए गए साक्ष्यों का विस्तृत विवेचन किया है।
12 गवाह पक्षद्रोही
इस मामले में पुलिस द्वारा पेश प्रमुख 12 गवाहों को न्यायालय ने पक्षद्रोही घोषित किया है, अर्थात उन्होंने पुलिस द्वारा प्रस्तुत की गई अपराधकथा का समर्थन नहीं किया है। शिक्षक द्वारा छेड़छाड़, बैड टच अथवा लैंगिक उत्पीडऩ की किसी भी घटना के कारित किए जाने से इनकार किया है। इस मामले में पुलिस न्यायालय में अपराध साबित करने में नाकाम रही।
पालकों ने भी कोर्ट में घटना से इनकार
इस घटना के बाद शिक्षक को स्कूल मैनेजमेंट कमेटी ने सस्पेंड कर दिया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता जैन ने बताया कि चारों छात्राओं ने न्यायालय को अपने बयान में बताया कि उनके साथ कोई बैड टच या लैंगिक उत्पीडऩ नहीं हुआ है। चारों पालकों ने भी अपने बयान में इसी बात की पुष्टि की है कि उनकी बच्ची के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुआ है। न्यायालय में कई बच्चों ने यह बताया है कि उनसे एक मैडम द्वारा बोल बोलकर शिकायत पत्र लिखवाया गया था।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

School Holidays in February 2022: जनवरी में खुले नहीं और फरवरी में इतने दिन की है छुट्टी, जानिए कितनी छुट्टियां हैं पूरे सालCash Limit in Bank: बैंक में ज्यादा पैसा रखें या नहीं, जानिए क्या हो सकती है दिक्कत“बेड पर भी ज्यादा टाइम लगाते हैं” दीपिका पादुकोण ने खोला रणवीर सिंह का बेडरूम सीक्रेटइन 4 राशियों की लड़कियां जिस घर में करती हैं शादी वहां धन-धान्य की नहीं रहती कमीइस एक्ट्रेस को किस करने पर घबरा जाते थे इमरान हाशमी, सीन के बात पूछते थे ये सवालजैक कैलिस ने चुनी इतिहास की सर्वश्रेष्ठ ऑलटाइम XI, 3 भारतीय खिलाड़ियों को दी जगहदुल्हन के लिबाज के साथ इलियाना डिक्रूज ने पहनी ऐसी चीज, जिसे देख सब हो गए हैरानकरोड़पति बनना है तो यहां करे रोजाना 10 रुपये का निवेश
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.