लॉकडाउन में बिना मास्क निकलना पड़ा महंगा, दुर्ग पुलिस ने पहले समझाया फिर 700 लोगों से वसूले 3 लाख 50 हजार रुपए

Coronavirus lockdown in durg: मास्क न पहनने वालों के विरुद्ध लगातार चलानी कार्रवाई भी की जा रही है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार लॉकडाउन अवधि के दौरान लगभग 700 लोगों के विरुद्ध बिना मास्क के निकलने पर चलानी कार्रवाई की गई है।

By: Dakshi Sahu

Updated: 18 Apr 2021, 11:21 AM IST

भिलाई. कोरोना संक्रमण के बीच लोगों की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। प्रशासन की लाख मिन्नतों के बाद भी लोग बिना मास्क लगाए लॉकडाउन में सड़कों में घूमते हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस ने ऐसे लापरवाहों पर एक बार फिर सख्ती शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर के निर्देशन में जिले में लॉकडाउन का अनुपालन और कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के उपायों को लेकर कार्रवाई की गई। साथ ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मास्क नहीं लगाने वाले 700 लोगों से पुलिस ने कोविड नियमों का उल्लंघन करने पर 3 लाख 50 हजार जुर्माना वसूल किया है। (Durg police)

पहले काटा जुर्माना फिर बांटा मास्क
ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में लगातार पुलिस की टीम नाकाबंदी सघन चेकिंग वह निरंतर फ्लैग मार्च के माध्यम से लोगों को लॉकडाउन का पालन करने के लिए प्रेरित कर रही है। मास्क न पहनने वालों के विरुद्ध लगातार चलानी कार्रवाई भी की जा रही है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार लॉकडाउन अवधि के दौरान लगभग 700 लोगों के विरुद्ध बिना मास्क के निकलने पर चलानी कार्रवाई की गई है। लगभग 3 लाख 50 हजार अर्थदंड वसूले गए हैं और इन सभी लोगों को मास्क का वितरण किया गया है।

अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों के लिए रखा जाए 15 ऑक्सीजन युक्त बेड आरक्षित
कोरोना से बिगड़ते हालातों के बीच छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सैयद असलम दुर्ग कलेक्टर से जिले के कोविड अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ , फील्ड के स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए 15 ऑक्सीजन युक्त बेड आरक्षण करने मांग रखी है। कलेक्टर को दिए ज्ञापन में यह मांग की गई है। उन्होंने कहा है कि प्रतिदिन स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ और फील्ड के स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना मरीजों के सीधे संपर्क मे आने से संक्रमित हो रहे है। ऐसे समय में जब संक्रमण चरम अवस्था पर है चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ व फील्ड के स्वास्थ्य कर्मचारियों को सुरक्षित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

संघ ने शासन से मांग किया है कि आम जनता की इस महामारी में सेवा जतन व देखभाल में लगे हर अधिकारी कर्मचारियों को उनके खुद के संक्रमित होने पर ऑक्सीजन युक्त बेड आवश्यक दवा और समुचित इलाज मिले। जिससे ज्यादा से ज्यादा स्वास्थ्य का अमला आम जनता को इस संक्रमण काल में अपनी सेवाएं निरंतर दे सके। गत दिनो धमधा ब्लॉक के उप स्वास्थ्य केंद्र, जजंगीरी के स्वास्थ्य संयोजक को समय पर उपचार व अस्पताल मे भर्ती नहीं कराया गया। जिसकी विभागीय जांच होनी चाहिए।

Dakshi Sahu
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