बेटा बनकर वृद्धाश्रम पहुंचे एएसपी और खुद पिलाई कॉफी तो भीगी पलकें

मदर्स डे पर वृद्धाश्रम में रहने वाली बुजुर्ग माताओं से मिलने जिले के पुलिस कप्तान अजय यादव उनके पास पहुंचे। अपने बीच एसपी को देख बुजुर्ग भावुक हुए तो एसएसपी यादव ने उन्हें खुद कप में कॉफी बनाकर सर्व की और उनके कंधे पर हाथ रख ढांढस बंधाया। Coffee With Police

By: Komal Purohit

Published: 10 May 2020, 09:17 PM IST

भिलाई. सायरन बजाती पुलिस की गाडिय़ां अचानक एक घर के सामने रूकी। मोहल्लेवालों ने देखा तो लगा जैसे उस घर में कही कोरोना मरीज तो नहीं.. जिसे लेने पुलिस आई है.. लेकिन जब पुलिस ने घर का दरवाजा खटखटाया और जब घर से बजुर्गु महिला निकली तो उसके पांव छूकर पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें मदर्स डे की बधाई दी तो उस बुजुर्ग मां की आंखें भर आई.. बेटे के रूप में पुलिस को देख उसकी ममता आंखों से कुछ यूं छलकी कि वहां खड़े लोगों की आंखें भी उन्हें देख नम हो गई। यह नजारा केवल एक घर का नहीं बल्कि जिले के उन अधिकांश घरों का था, जहां पुलिस अधीक्षक से लेकर जवान उन माताओं तक पहुंचे जिनके लाल कोरोना वॉरियर्स के रूप में काम कर रहे हैं या फिर उनके बच्चे उनसे दूर जा चुके हैं। दुर्ग पुलिस के अपने कार्यक्रम कॉफी विद पुलिस के तहत सुबह से जिलेभर में पुलिस ने यह कार्यक्रम किया।


एसपी पहुंचे वृद्धाश्रम
मदर्स डे पर वृद्धाश्रम में रहने वाली बुजुर्ग माताओं से मिलने जिले के पुलिस कप्तान अजय यादव उनके पास पहुंचे। अपने बीच एसपी को देख बुजुर्ग भावुक हुए तो एसएसपी यादव ने उन्हें खुद कप में कॉफी बनाकर सर्व की और उनके कंधे पर हाथ रख ढांढस बंधाया। उन्हें विश्वास दिलाया कि पुलिस हमेशा सीनियर सिटीजन के साथ है। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक ने उन सभी के साथ वक्त भी बिताया।


एएसपी ने पिलाई कॉफी
एएसपी सिटी रोहित झा भी कॉफी लेकर माताओं तक पहुंचे। सबसे पहले वे केलाबाड़ी स्थित एक घर में गए जहां एक मां का बेटा एम्स में कर्मचारी है और वह कोराना योद्धा के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने उनकी माता को कॉफी पिलाई और फूल देकर उनका सम्मान किया। एएसपी झा ने बताया कि सुपेला में रहने वाली एक माता के घर जाकर सभी भावुक हो गए। उनके पति का निधन हो चुका है और उनका बेटा भी आर्मी में था जो अब दुनिया में नहीं रहा। उस माता के पास जब वे अपनी टीम के साथ पहुंचे तो वे फफक कर रो पड़ी। उन्होंने कहा कि एक दिन ही सही पर ऐसी माताओं को उनके बेटे के जाने के बाद यह अहसास कराना अलग ही अनुभव था कि पुलिस भी उनके बेटे की तरह ही है जो हर मुसीबत में उनके साथ खड़ी है।


प्रिंसिपल के घर भी पहुंचे
सेक्टर 4 की सड़क 36 में निवासी एवं जेआरडी स्कूल की प्राचार्य डॉ कल्पना द्विवेदी के घर भी पुलिस पहुंची।दोपहर को अचानक अपने घर के सामने वे पुलिस को देख थोड़ी झिझकी,लेकिन जैसे ही उनके हाथों में गुलदस्ता थमाकर उन्हें हैप्पी मदर्स डे बोला तो वे सरप्राइज हो गई। उन्होंने बताया कि पहली बार उन्हें मदर्स डे पर इतनी स्पेशल फिलिंग हुई। उन्होंने बताया कि उनका बेटा और बहू दोनों ही केनेडा में रहते हैं और वे यहां अकेली रहती हैं।
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