परीक्षा परिणाम निकलने के चार दिन बाद ही परीक्षा ले ली, फिर भी 40 बच्चे फेल, पढि़ए पूरी खबर

एमजीएम सीनियर सेकंडरी स्कूल सेक्टर-6 की नवमीं कक्षा में फेल हुए 40 से ज्यादा छात्रों के पालकों ने खूब हंगामा मचाया।

By: Satya Narayan Shukla

Updated: 13 Mar 2018, 09:29 PM IST

भिलाई@Patrika. एमजीएम सीनियर सेकंडरी स्कूल सेक्टर-6 की नवमीं कक्षा में फेल हुए 40 से ज्यादा छात्रों के पालकों ने खूब हंगामा मचाया। पालकों का आरोप है कि स्कूल ने वार्षिक परीक्षा का रिजल्ट घोषित कर मात्र चार दिन में ही बच्चों की दोबारा परीक्षा ले ली। स्कूल में हंगामे की स्थिति को देख प्रबंधन ने पुलिस बुलाई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पालकों और प्राचार्य के बीच बातचीत हुई। दोबारा परीक्षा लेने या बच्चों को पास करने की मांग पर अड़े पालकों ने डीईओ से स्कूल प्रबंधन की शिकायत की। जिसके बाद उन्होंने मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। @Patrika

535 में 70 हुए थे फेल
@Patrika स्कूल की नवमीं कक्षा में 535 बच्चों में से 70 बच्चों का परफार्मेंस खराब रहा। स्कूल प्रबंधन ने इनका इंप्रूवमेंट टेस्ट लिया। जिसमें 40 से अधिक बच्चो को कम अंक मिले। पालक रेखा आचार्य, के. कृष्णा, प्रदीप कुमार, जगमीत कौर, साहिल शेहरा, अन्नू जायसवाल, जी सुमति आदि का आरोप है कि स्कूल ने इन बच्चों को जानबूझकर दोबारा परीक्षा की तैयारी के लिए कम समय दिया ताकि वे बच्चे फेल हो जाएं। यूथ कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद शाहीद ने बताया कि प्राचार्य से मिलने पालक सुबह 11 बजे से बैठे थे पर वे डेढ़ बजे के बाद मिलीं। जिसकी वजह से परेशान पालक और भड़क गए।@Patrika

समय कम पर वे पास हो सकते थे
@Patrika स्कूल की प्राचार्य शाइनी प्रकाश का कहना है कि भले ही स्कूल ने चार दिन का समय दिया पर छात्रों को रिजल्ट के दिन बता दिया गया था कि उनकी परीक्षा में वार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्र से ही 33 प्रतिशत सवाल आएंगे। बच्चे अगर सिर्फ उसी पेपर की तैयारी करते तो भी पास हो जाते। उन्होंने उसे गंभीरता से नहीं लिया। जो बच्चे फेल हो गए हैं। उनके अंक सभी विषय में 10 से कम ही है। प्राचार्य ने कहा कि पांच सौ से ज्यादा बच्चों में इतने बच्चों का फेल होना मामूली बात है।

पहले बोर्ड एग्जाम जरूरी
प्रिंसिपल शाइनी प्रकाश ने बताया कि पैरेंट्स मुझसे मिलने आए थे। स्कूल में बोर्ड एग्जाम हो रहे थे। इसलिए मैंने एग्जाम के बाद ही मुलाकात की। छात्रों को दो बार परीक्षा देने का मौका दिया गया पर वे बेहतर नहीं कर पाए।@Patrika

गलत ढंग से ली परीक्षा
डीईओ आशुतोष चावरे ने कहा कि फाइनल एग्जाम में पूरक आने वाले बच्चों को परीक्षा की तैयारी के लिए 10 से 15 दिन का समय देना अनिवार्य है। @Patrika पर पालकों ने बताया कि मात्र चार दिन के बाद स्कूल में परीक्षा ली गई यह गलत है। मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।

Satya Narayan Shukla Desk/Reporting
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