Breaking news फर्जी राशनकार्ड मामले में जांच पूरी, विभाग को क्लीन चिट

लंबे समय से जो फर्जी राशनकार्डो से उठा रहे राशन उनकी तलाश.

By: Abdul Salam

Updated: 07 Sep 2021, 12:01 AM IST

भिलाई. 178 फर्जी राशनकार्ड मामले में कलेक्टर के निर्देश पर जांच दल ने मामले में जांच पूरा कर ली है। जांच प्रतिवेदन पर नजर डालें तो एक शासकीय उचित मूल्य की दुकान से दूसरे दुकान में राशनकार्ड ट्रांसफर हुआ है। इसमें विभाग को जांच दल ने क्लीन चिट दे दिया है। वहीं फर्जी राशनकार्डो से लंबे समय तक राशन उठाने वालों पर मेहरबानी और एक माह पहले जिस दुकान में कार्ड ट्रांसफर हुआ उस पर सख्ती करने की तैयारी है। पूरे मामले में अज्ञात आरोपी पर सबकुछ मढऩे की तैयारी की जा रही है।

कौन है अज्ञात व्यक्ति
जांच में कहा गया है कि 178 राशनकार्डो के ट्रांसफर करने की प्रक्रिया की जांच इंटरनेट में दर्ज जानकारी से की गई। जिसमें विभागीय आईपी एड्रेस से भिन्न आईपी एड्रेस से मई में 150 राशनकार्ड का ट्रांसफर हुआ है। शिकायत में उल्लेखित राशनकार्डो का ट्रांसफर जिला खाद्य कार्यालय की जानकारी के बगैर किसी अज्ञात व्यक्ति ने अलग-अलग आईपी एड्रेस का प्रयोग कर किया है।

जांच में यह हुआ स्पष्ट :-
शासकीय उचित मूल्य दुकान आईडी क्रमांक 431004231 के संचालन में संचालक अध्यक्ष व विक्रेता ने अनियमितता की जा रही है। जांच की कंडिका 2 व 3 के अनुसार दुकान आईडी क्रमांक 431004231 में कार्डधारियों की जानकारी के बगैर राशनकार्डो का स्थानांतरण किया है। जांच की कंडिका 4 अनुसार जिला कार्यालय, दुर्ग को उक्त राशनकार्डो के ट्रांसफर के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुए है जिसकी पुष्टि कंडिका 5 से होती है।

एक दुकान में जो राशनकार्ड फर्जी वह दूसरे में कैसे सही
जांच दल का कहना है कि राशनकार्डो का ट्रांसफर शासकीय उचित मूल्य दुकान आईडी क्रमांक 431004163 से सेक्टर-4 स्थित दुकान में हुआ है। राशन कार्ड में मौजूद पता से साफ है कि कार्डधारी बापू नगर के आसपास निवासरत है, इससे स्पष्ट है कार्डधारियों की अनुमति के बगैर व विभाग की जानकारी के बिना ही अज्ञात व्यक्ति ने राशनकार्डो का ट्रांसफर किया है। सवाल उठता है कि जिन राशनकार्ड का लिस्ट लेकर दुकान के संचालक ग्राहक तलाश नहीं सके, उन राशनकार्डो को विभाग बापू नगर के आसपास का बता रहा है। अगर बापू नगर के आसपास यह लोग रहते हैं तो जांच दल को एक दिन वहां जाकर राशनकार्ड चेक कर लेना था।

अपराधिक कृत्य
जांच की कंडिका 5 के मुताबिक राशकार्ड का ट्रांसफर खाद्य विभाग, दुर्ग के अधिकृत आईपी एड्रेस से नहीं किया गया। किसी अन्य आईपी एड्रेस का प्रयोग करते हुए किए हैं। जिसमें जिला खाद्य कार्यालय की कोई भूमिका नहीं है। जांच में साफ होता है कि किसी अनाधिकृत व्यक्ति ने शासकीय उचित मूल्य की दुकान आईडी क्रमांक 431004163 से 150 राशनकार्डो को आईडी क्रमांक 431004231 में अनाधिकार स्थानांतरित किया गया है, जो कि अपराधिक कृत्य है। इसी प्रकार दुकान के संचालकों ने राशनकार्डो की बड़ी संख्या में स्थानांतरित होने ने की जानकारी विभाग को न देकर उन्हें फोटो के माध्यम से वितरण किया गया, जबकि शहरी क्षेत्र में शतप्रतिशत आधार प्रमाणिकरण के माध्यम से वितरण करने के निर्देश है।

नियमों का उल्लंघन
दुकान में संधारण के लिए निर्धारित पंजी में से केवल स्टॉक व वितरण पंजी ही संधारित है अन्य पंजी नहीं। वितरण पंजी के अवलोकन पर किया। जिसमें पाया कि संचालक ने कार्डधारियों के हस्ताक्षर कोरे वितरण पंजी में दर्ज किए है व उनके मुताबिक बाद में क्रेता वितरण की जानकारी दर्ज की जाती है। संचालक ने सामग्री वितरण शासन से तय नियमों के मुताबिक न कर मनमाने ढंग से किया जा है जो छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की कंडिका 11,13,14 वं 15 का उल्लंघन है जो आदेश की कंडिका 16 में दिए प्रावधानों के अंतर्गत दंडनीय है।

यह करना है बेहतर
दुकान क्रमांक 431004163 से दुकान क्रमांक 431004231 में माह मई 2021 में स्थानातंरित किए कार्डो की तिथिवार, कार्डवार जानकारी आईपी एड्रेस व पोर्ट नंबर सहित प्रदाय करने के लिए संचालनालय खाद्य नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण विभाग को पत्र लिखा जाना उचित होगा। जिससे किसी अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

दूसरे प्रकरण में पूर्व संचालक को बताया जिम्मेदार
जांच दल ने शासकीय उचित मूल्य की दुकान आईडी क्रमांक 431004163 के संचालक संस्था अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी ने बताया कि वह मई 2021 से दुकान का काम खुद देख रहा है। इसके पहले रवि चौधरी नामक व्यक्ति को विक्रेता के रूप में रखा था व दुकान नियुक्ति से लेकर मई तक वही दुकान आईडी क्रमांक 431004163 संचालन से संबंधित समस्त कार्य की देखरेख करता था। कार्डधारियों से शिकायत मिलने पर मई 2021 से काम से हटा दिया। अत: मई 2021 के पहले हुई गड़बडिय़ों के लिए रवि चौधरी नामक व्यक्ति
जिम्मेदार है। जांच टीम ने 261 फर्जी राशनकार्ड से संबंधित कार्डवार तिथिवार, कार्डवार जानकारी, आईपी एड्रेस व पोर्ट नंबर सहित देने के लिए संचालनालय खाद्य नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण विभाग को पत्र लिखा जाना उचित होगा जिससे अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

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