दुर्ग: पूर्व पंच ने फांसी लगाकर आत्महत्या की, खेत जाने की बात बोलकर निकला था घर से, पेड़ पर लटके मिली लाश

ग्राम डोमा के पूर्व पंच किसान प्रेमलाल साहू (35 वर्ष) ने बबूल के पेड़ पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। आत्महत्या करने का कारण का पता नहीं चला है।

By: Dakshi Sahu

Published: 21 Nov 2020, 11:49 AM IST

भिलाई. ग्राम डोमा के पूर्व पंच किसान प्रेमलाल साहू (35 वर्ष) ने बबूल के पेड़ पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। आत्महत्या करने का कारण का पता नहीं चला है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गांव के अच्छे लोगों में उनकी गिनती होती थी। वह एक बार गांव का पंच भी रह चुका था। चार भाइयों में वह दूसरे नम्बर पर था। बड़े दोनों भाई अलग रहते हैं। घरवालों के मुताबिक वह किसी से एक रुपए भी कर्ज नहीं लिया था। उसके पिता ने कर्ज लेकर उसे मकान बनाने के लिए 50 हजार रुपए दिए थे। वह पत्नी और बच्चों के साथ रात में खाना खाया। सुबह बिना किसी को बताए खेत चला गया। वहां खुदकुशी कर ली। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में लिया है।

बोरी थाना प्रभारी सोमेश सिंह ने बताया कि घटना गुरुवार सुबह 7 बजे की है। डोमा निवासी प्रेमलाल साहू (35 वर्ष) पूर्व पंच रह चुका है। गुरुवार की रात पत्नी रामेश्वरी और तीन बेटियों के साथ भोजन किया। इसके बाद सभी साथ में सोए हुए थे। सुबह उठकर पत्नी से कहा कि खेत की तरफ जा रहा हूं। बाद में उसकी मौत की खबर आई। वर्ष 2007 में उसकी अरसनारा में शादी हुई थी। तीन बेटी और पत्नी के साथ माता-पिता से अलग रह रहा था। पिता की नौ एकड़ जमीन है। डेढ-डेढ़़ एकड़ खेत पिता ने चारों भाइयों को दे दिया है। तीन एकड़ में खुद खेती करता है। प्रेमलाल ने किसी से कोई कर्ज भी नहीं लिया था। गांव में भी पूछताछ की गई। दो वर्ष पहले मकान बनाना शुरू किया था, जो अभी भी अधूरा है।

50 हजार रुपए मकान बनाने के लिए दिया
प्रेमलाल के पिता धनीराम ने बताया कि उनके चार बेटे बेटा पल्टू राम, संदीप और झलेश्वर में प्रेम दूसरे नंबर का था। पल्टू और प्रेम अलग रहते थे।। खेती बाड़ी करते थे। दोनों की फसल अच्छी हुई थी। धान भी रखी हुई है। दो वर्ष से प्रेम पकका मकान बना रहा था। उसे पैसे की जरूरत हुई तो उसने मांगा। किसान योजना से 50 हजार रुपए लोन लिया। उसे मकान बनाने के लिए दिया था। इस तरह का आत्मघाती कदम उठाएगा सोच भी नहीं सकता था।

बेटियां हुई बेसहारा
प्रेम की बहन ने बताया कि भाई की तीन बेटियां है। आवक ज्यादा नहीं है। मकान भी बनाने लगा था। उसे घर की माली हालत की चिंता थी। लेकिन उसने कभी किसी को नहीं बताया। बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया। एक दूधमुंही बेटी है। बेटियों के भविष्य के लिए शासन से मांग करती हूं कि मदद करें।

मामले की चल रही जांच
प्रज्ञा मेश्राम, एएसपी ग्रामीण ने बताया कि डोमा गांव के पूर्व पंच ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। उसके नाम से कोई खेत नहीं है। पिता के पास नौ एकड़ खेत है। पिता ने चारों बेटों को खेती करने के लिए डेढ़-डेढ़ एकड़ खेत दिया है। सभी खेती करते हैं। कर्ज लेने जैसी कोई बात प्रथम दृष्टया नहीं आई है। फिलहाल मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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