फर्जी ट्रेडिंग कंपनी बनाकर लाखों की ठगी करने वाले मुख्य सरगना समेत 4 गिरफ्तार

Dakshi Sahu

Publish: Mar, 14 2018 10:22:05 AM (IST)

Bhilai, Chhattisgarh, India
फर्जी ट्रेडिंग कंपनी बनाकर लाखों की ठगी करने वाले मुख्य सरगना समेत 4 गिरफ्तार

फर्जी ट्रेडिंग कंपनी बनाकर ठगी करने वाले मुख्य सरगना सहित उसके तीन अन्य सहयोगियों को पुलिस ने पुणे से गिरफ्तार किया है।

भिलाई. फर्जी ट्रेडिंग कंपनी बनाकर ठगी करने वाले मुख्य सरगना सहित उसके तीन अन्य सहयोगियों को पुलिस ने पुणे से गिरफ्तार किया है। आरोपी स्टील का कारोबार करने वाली कंपनियों को झांसे में लेकर उनसे लाखों रुपए का माल मंगाते और उसे दूसरी जगहों पर बेच देते थे। आरोपियों ने छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश सहित अन्य प्रदेशों में कई स्टील कारोबारियों को लाखों का चूना लगाया है।

एएसपी शशिमोहन सिंह ने बताया कि श्रीसाईं इंफ्रा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड हथखोज की प्रोपराइटर प्रीति सिंह की शिकायत पर मामले का खुलासा हुआ। महाराष्ट्र की अनुराग इंड्रस्ट्रीज, आरुष इंड्रस्ट्रीज एवं ओंकार इंजीनियरिंग के कंपनी ने 150 टन लोहे की चादर का आर्डर दिया था।

72 लाख कीमती की चादर के एवज में एडवांस नकद २४ लाख रुपए और ४८ लाख रुपए का चेक दिया गया। प्रीति सिंह लोहे की चादर की सप्लाई कर दी। भुगतान के लिए बैंक गए चेक बाउंस हो गया। प्रीति ने तीनों कंपनियों से संपर्क किया। आरोपी आज-कल में भुगतान का झांसा देकर घुमाते रहे। परेशान होकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

ऐसे पकड़ाए आरोपी
एसआई मनीष शिंदे के नेतृत्व में टीम उक्त कंपनियों के पते पर पहुंची, लेकिन मौके पर ऐसी कोई कंपनी नहीं मिला। २६ फरवरी को मोबाइल लोकेशन टेे्रस कर आरोपी रवि पनवर को गिरफ्तार किया। फिर टीम ने पुणे से बैंक पासबुक, कंपनी के कागजात, सील,मोहर को बरामद किया।

चाय के ठेले पर दोस्ती
आरोपी दीपक किशोरी लाल गुजराल (31) चाय के ठेले खड़ा था बातचीत के दौरान उसकी मुलाकात मुख्य सरगना बाशीद से हुई थी। दोनों कंपनी खोलने तैयार हो गए। दीपक ने अपने पहचान के किशोरी बापू उदागे को भी इस काम में शामिल कर लिया। इसके बाद मिलकर कंपनियों को ठगना शुरू किए। आरोपियों ने अलग-अलग राज्यों से अब तक १ करोड़ की ठगी करने का खुलासा किया।

मुंबई की कंपनी से सीखा ठगी करने का तरीका
सरगना बशीद इस्माइल सय्यैद (52) ने बताया कि मुंबई में वह एक कंपनी में काम करता था। उसने वहीं से सीखा था कि कंपनियां दूसरे प्रांत की कंपनियों से किस तरह से आर्डर लेती हैं। इसके बाद स्वयं फंर्जी कंपनी बना ली और लोगों को ठगने लगा।

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