किसी ने बंगला बनाया तो किसी ने खरीदी कार, तब खुला कर्जमाफी में लाखों की हेराफेरी का राज

सेवा सहकारी समिति ग्राम माहुद में किसानों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद समिति के तहत आने गांवों के किसानों में हड़कंप की स्थिति है। मामला उजागर होने के बाद कर्मचारी लीपापोती में लग गए हैं। मीडिया प्रतिनिधि पीडि़त किसानों से मिले तो कई चौकाने वाले खुलासे हुए।

बालोद/सिकोसा@Patrika. सेवा सहकारी समिति ग्राम माहुद में किसानों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आने के बाद समिति के तहत आने गांवों के किसानों में हड़कंप की स्थिति है। मामला उजागर होने के बाद कर्मचारी लीपापोती में लग गए हैं। मीडिया प्रतिनिधि पीडि़त किसानों से मिले तो कई चौकाने वाले खुलासे हुए।

किसानों ने बताया कि सोसायटी के कर्मचारियों द्वारा किसान को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। एक किसान के पास 10 हजार लेकर शिकायत वापस लेने के लिए रिश्वत देने 6 कर्मचारी पहुंच थे। किसानों ने इसकी जानकारी मीडिया को लिखित में दी। पीडि़त किसान ने बताया कि संबंधितों पर कार्रवाई व जांच के लिए एसडीएम से शिकायत करने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया।

बिना ऋृण लिए कर्जमाफी का प्रमाण पत्र
बता दें कि समिति प्रबंधक व कर्मचारियों ने लाखों की हेराफेरी की है। नंबर दो की कमाई में किसी ने बंगला बनवा लिया तो कई ने कार खरीद ली। कर्मचारियों ने किसानों के खातों से लाखों रुपए पार कर दी। जिस किसान ने 6 हजार कर्ज लिया था उनके ऋण माफी प्रमाण पत्र में रासि बढ़ाकर 66 हजार कर दिया गया। इसी तरह एक किसान के 7 हजार कर्ज के नाम पर 71 हजार रुपए कर दिया। अंतर राशि कर्मचारी हड़प कर गए। सबसे चौकाने वाली यह है कि ऐसे किसान जिसने कर्ज ही नहीं लिया उन्हें ढाई लाख का ऋण माफी प्रमाण पत्र दे दिया गया। इसकी जानकारी जब ग्रामीणों को हुई तो सोसायटी के कर्मचारियों द्वारा प्रमाण पत्र को फाड़ दिया गया। इसके बाद कई किसानों को प्रमाण पत्र नहीं दिया गया।

21 हजार कर्ज को बढ़ाकर किया 1 लाख 37 हजार
माहुद के किसान सुमेर सिंह ने बताया कि उन्होंने सोसायटी से 21 हजार रुपए कर्ज लिया था। लेकिन उन्हें 1 लाख 37 हजार रुपए का ऋणमाफी पत्र थमा दिया गया। जिसकी जानकारी जब उन्हें हुई तो कर्मचारियों ने कम्प्यूटर में गड़बड़ी का हवाला दे दिया। उन्होंने इसकी शिकायत कलेक्टर से की है।

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शिकायत नहीं लेने पर परिणाम भुगतने की धमकी
खपरी के किसान भोज साहू ने बताया कि उनके खाते से कर्मचारियों द्वारा 42 हजार रुपए की रकम निकाल ली गई। जब इनकी शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री से की तो कर्मचारियों द्वारा उन्हें शिकायत वापस नहीं लेने की स्थिति में जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसी प्रकार माहुद के किसान सुमेर सिंह को भी गाली गलौच के अलावा मारने की धमकी दी गई।

10 हजार रुपए लेकर पहुंचे 6 कर्मचारी
किसान सुमेर सिंह ने मीडिया को लिखित में बताया कि माहुद सोसायटी के कर्मचारी घनसुराम साहू, प्रभुराम साहू, उमेश ठाकुर, देवानंद साहू, नितेश सिन्हा और मनीष साहू सोमवार को सुबह उनके घर पहुंचे। सभी ने शिकायत वापस लेने के लिए 10 हजार रुपए देने का लालच दिया। जब वे नहीं माने तो उनके साथ गाली गलौच करते हुए जान से मारने की धमकी तक दे डाली।

6 को 66, 52 को 58 व 50 हजार कर्ज को किया 99 हजार
माहुद के किसान सुखचंद ने बताया कि उनके 6 हजार रुपए कर्ज को 66 हजार कर ऋण माफी प्रमाण पत्र दिया गया। इनके अलावा ग्राम मटिया के किसान मनहरण ने बताया कि उन्होंने 52 हजार कर्ज लिया था लेकिन समिति से उन्हें 58 हजार का ऋण माफी प्रमाण पत्र मिला। इसी प्रकार मटिया के किसान रामखिलावन ने बताया कि वह 50 हजार का कर्ज लिया था लेकिन उन्हें भी 99 हजार का ऋण माफी प्रमाण पत्र मिला। इन किसानों ने मीडिया को लिखित में जानकारी सौंपी है।

कर्मचारियों की शान-ओ-शौकत देख हुआ शक
चर्चा के दौरान किसानों ने बताया कि कर्मचारियों की शान-ओ-शौकत देख शंका हुई कि आखिर इन लोगों के पास इतने पैसे आए कहां से। इन कर्मचारियों में से किसी ने बंगला बनाया तो किसी ने नई कार खरीद ली।

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Satya Narayan Shukla
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