मिलिए सरकारी टीचर रश्मि से, कोरोना में स्कूल बंद हुए तो बच्चों का पढ़ाई में मन लगाने मम्मियों को भी पढ़ाने लगी साथ-साथ

ये हैं शासकीय माध्यमिक शाला रिसाली की नवाचारी शिक्षिका रश्मि नामदेव। बच्चोंं की ऑनलाइन कक्षा शुरू करने से पहले उनकी माताओं को अपने वाट्सऐस ग्रुप के माध्यम से शिक्षा से जोड़ा।

By: Dakshi Sahu

Published: 18 Oct 2020, 12:07 PM IST

निर्मल साहू @भिलाई. ये हैं शासकीय माध्यमिक शाला रिसाली की नवाचारी शिक्षिका रश्मि नामदेव। कोरोना वायरस संक्रमण की विपरीत परिस्थितियों में भी अध्यापन की चुनौतियों को बखूबी स्वीकार कीं। बच्चोंं की ऑनलाइन कक्षा शुरू करने से पहले उनकी माताओं को अपने वाट्सऐस ग्रुप के माध्यम से शिक्षा से जोड़ा। अंग्रेजी के शब्द भंडार (वोकैबलरी बिल्डिंग) पर लिखी 44 पेज की अपनी किताब उपलब्ध करवाई ताकि बच्चोंं से पहले माएं खुद पढ़ व समझ सकें। अपनी प्रस्तुति में उन्होंने पढ़ाई सुरुचिपूर्ण हो, इस बात का खास ध्यान रखा। बच्चों के साथ माओं को शिक्षा से जोडऩे और अध्ययन की निरंतरता बरकरार रखने की उनकी यह तरकीब बिलकुल सही साबित हुई। उनकी कक्षा के शतप्रतिशत बच्चे ऑनलाइन और जब-जब ऑफलाइन की पढ़ाई हुई, उसमें भी पूरे मन से शामिल हुए। रश्मि बताती हैं के उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए वीडियो और आडियो दोनों संदेश भेजकर बच्चों की माताओं से बातचीत की। उन पर अपना फैसला या विचार नहीं थोपा। बल्कि पहले सभी के मनोभाव और परिथितियों को समझा। इसके बाद उन्हें समझाया कि अभी स्कूल बंद है, लेकिन माएं अगर सहयोग करेंगी तो बच्चे घर पर ही रहकर भी पूरी लगन व रुचि के साथ पढ़ाई कर सकेंगे। माएं इसके लिए सहर्ष तैयार हो गईं। इसका सुखद नतीजा यह हुआ कि रश्मि की कक्षा में अब सभी बच्चे और अब तो माएं भी शामिल हो जाती हैं।

ऐसे बढ़ाया बच्चों का मनोबल
इस दुरस्थ पढ़ाई में भी बच्चों की रुचि बनी रहे इसके लिए वे तरह-तरह के ज्ञानवर्धक व मनोरंजक स्पर्धाएं कराती रहीं। वाद-विवाद और चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित कराकर ऑनलाइन पुरस्कार भेजा। रश्मि ने 65 वीडियो और ऑडियो शिक्षण सामग्रियां शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट सीजीस्कूल डॉट इन पर अपलोड किए हैं। ब्लॉग लेखन का कार्य भी हमारे नायक कॉलम के अंतर्गत जारी है। इसमें से कोंडागांव के 5 ब्लॉग प्रकाशित हो चुके हैं।

मिलिए सरकारी टीचर रश्मि से, कोरोना में स्कूल बंद हुए तो बच्चों का पढ़ाई में मन लगाने मम्मियों को भी पढ़ाने लगी साथ-साथ

शिक्षकों के लिए भी उपयोगी है किताब वोकैबलरी बिल्डिंग
विकासखंड शिक्षा अधिकारी डॉ केवी राव के निर्देशन में लिखी किताब शब्द भंडार विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी। इसमें उन्होंने हिंदी माध्यम के बच्चों के लिए गूढ़ समझे जाने वाले अंग्रेजी विषय के पाठ्यक्रमों सिंगल एंड टू लेटर वर्ड, वॉवेल, सीवीसी वर्ड, नॉऊन, सिंगुलर एंड प्लूरल, जेंडर ऑफ नॉऊन, एंटोनिम्स, सिन्योनिम्स, मिसिंग लेटर, स्क्रैम्बल्र्ड वर्ड, ऑड वन आउट, राइमिंग वर्ड, सफिक्स, एक्शन वर्ड, स्पॉट द मिस्टेक, मैचिंग, वर्ड गेम, मेक न्यू वड्र्स को बहुत ही सहज तरीके से पिरोया है।

कदम आगे बढ़ाया तो सबका मिला साथ
रश्मि ने पढ़ई तुहर दुआर में जिला नोडल अधिकारी पुष्पा पुरुषोत्तमन और विकासखंड नोडल अधिकारी राजेश्वरी चंद्राकर के निर्देशन में 120 ऑनलाइन कक्षाएं लीं। आज भी पावर प्वॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए प्रभावी शिक्षण करा रही हैं। लगभग 3000 विद्यार्थियों ने इसका लाभ लिया है। प्रधान पाठक देवेन्द्र तिवारी के साथ मिलकर ऑफ लाइन पढ़ाई (मोहल्ला क्लास ) प्रारंभ किया। इसमें शिक्षा सारथी के रूप में रुक्मणी चतुर्वेदी और प्रियंका गेंडरे सहयोग कर रही हैं। मोहल्ला क्लास में विभिन्न नवाचारी गतिविधियां की जाती हैं।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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