धान खरीदी से पहले बारदाना संकट, जरूरत का आधा भी नहीं जुटा पाए अफसर, बंपर पैदावर के बाद भी मुसीबत में किसान

धान खरीदी से पहले इस बार बारदाने का संकट अफसरों को परेशान कर रहा है। जिले में धान खरीदी के लिए कम से कम 20 हजार गठान यानी करीब 1 करोड़ बारदानों की जरूरत होगी।

By: Dakshi Sahu

Published: 29 Oct 2020, 11:29 AM IST

दुर्ग. धान खरीदी से पहले इस बार बारदाने का संकट अफसरों को परेशान कर रहा है। जिले में धान खरीदी के लिए कम से कम 20 हजार गठान यानी करीब 1 करोड़ बारदानों की जरूरत होगी। इसके विपरीत अफसर तमाम प्रयासों के बाद अब तक 10 हजार 790 गठान यानि 53 लाख 95 हजार बारदाना ही जुगाड़ पाए हैं। अभी भी 46 लाख बारदानों की जरूरत है। इन बारदानों की व्यवस्था कहां से होगी अफसर अभी कुछ भी कह पाने की स्थिति में नहीं है।

पिछले साल 2019-20 में जिले में 36 लाख 21 हजार 514 क्विंटल से अधिक धान खरीदा गया था। इस साल यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। दरअसल 2500 रुपए समर्थन मूल्य और कोरोना संक्रमण के चलते अन्य प्रदेशों से लोगों के लौटने के कारण किसानों का रूझान धान की खेती में बढ़ा है। सोयाबीन या अन्य फसल लेने वाले किसानों ने भी इस बार धान की खेती की है। जिससे धान का रकबा बढ़ा है। मानसून अनुकूल रहने के कारण रिकार्ड पैदावार होने की संभावना है। इससे खरीदी में करीब 10 फीसदी इजाफा का अनुमान है।

करीब 40 लाख क्विंटल खरीदा का अनुमान
पिछले बार 36 लाख क्विंटल से ज्यादा धान की खरीदी हुई थी। इस बार अनुकूल स्थिति को देखते हुए करीब 40 लाख क्विंटल खरीदी का अनुमान लगाया जा रहा है। इसी के अनुसार 20 हजार गठान बारदाने की जरूरत आंकी जा रही है। इसका करीब 50 फीसदी बारदानों की ही फिलहाल व्यवस्था हो पाई है।

केवल 1526 गठान नया बारदाना
जिला प्रशासन को इस बार महज 1526 गठान यानि 7 लाख 63 हजार बारदाना ही नया मिल पाया है। इसके अलावा 8 हजार 281 गठान 41 लाख 40 हजार बारदाना मिलर्स ने उपलब्ध कराई है। बारदानों की कमी को देखते हुए इस बार पीडीएस के बारदानें भी लिए जा रहे हैं। पीडीएस से महज 983 गठान 4 लाख 91 हजार 500 बारदानों की व्यवस्था हो पाई है।

संयोजक, संयुक्त प्रगतिशील किसान मोर्चा रविप्रकाश ताम्रकार ने बताया कि पीडीएस के बोरों के भरोसे धान खरीदी नहीं की जा सकती। किसान के पास भी बोरा नहीं होता। सरकार को और विकल्प पर विचार करना चाहिए। डीएमओ दुर्ग भौमिक बघेल ने बताया कि पिछली बार की खरीदी के आधार पर करीब 50 फीसदी बारदानों की व्यवस्था हो गई है। यह पर्याप्त नहीं है। और बारदानों की व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं।

आंकड़ों से इस तरह समझें स्थिति को
पिछले सीजन में धान खरीदी- 36 लाख 21 हजार 514 क्विंटल
इस बार खरीदी का अनुमान- 40 लाख क्विंटल
( पिछले साल से करीब 10 फीसदी अधिक)
बारदानों की जरूरत - 20 हजार गठान यानि एक करोड़ बारदानें
(प्रति बारदानें 40 किलो की भर्ती के हिसाब से)
मिलर्स के बारदानें - 8281 गठान 41 लाख 40 हजार बारदानें
पीडीएस से बारदानें - 983 गठान 4 लाख 91 हजार 500 बारदानें
नए बारदानें - 526 गठान यानि 7 लाख 63 हजार
कुल उपलब्धता - 10 हजार 790 गठान यानि 53 लाख 95 हजार बारदानें
बारदानें की कमी - 9 हजार 210 गठान यानि 46 लाख 5 हजार

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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