ये कौन बोल रहा है : हैलो... आपने जीएसटी नंबर लिया है पर रिटर्न दाखिल नहीं किया

ये कौन बोल रहा है : हैलो... आपने जीएसटी नंबर लिया है पर रिटर्न दाखिल नहीं किया

Satya Narayan Shukla | Publish: Sep, 10 2018 02:37:51 PM (IST) Bhilai, Chhattisgarh, India

जिले में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का पंजीयन 25 हजार से अधिक व्यापारियों ने लिया है, लेकिन रिटर्न सिर्फ 65 फीसदी ने ही भरा। कई छोटे व मंझले व्यापारी हैं, जो अभी भी जीएसटी को लेकर उलझन में है।

भिलाई. जिले में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का पंजीयन 25 हजार से अधिक व्यापारियों ने लिया है, लेकिन रिटर्न सिर्फ 65 फीसदी ने ही भरा। कई छोटे व मंझले व्यापारी हैं, जो अभी भी जीएसटी को लेकर उलझन में है। सही सलाह नहीं मिल पाने की वजह से रिटर्न दाखिल नहीं कर पा रहे। ऐसे में अब जीएसटी विभाग खुद उनकी मदद करने आगे आया है। विभाग के कर्मचारी व्यापारियों को फोन लगाकर रिटर्न दाखिल करने की याद दिला रहे हैं। सैकड़ों व्यापारियों को फोन लगाया गया है, जिसमें पता चला कि उनके पास जीएसटीएन तो है, लेकिन व्यापार का टर्नओवर नहीं होने पर रिटर्न दाखिल नहीं किया। जबकि जीएसटी कानून के तहत जीएसटीएन नंबर लेने पर रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य कर दिया गया है। व्यापारियों को यह भी सहूलियत दी गई है कि स्थिति बताकर निरंक रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है, रिटर्न दाखिल नहीं करने पर जुर्माना लगाया जाना तय है।

जीएसटी के पोर्टल पर ऐसे अपलोड होगा रिटर्न
करदाता को जीएसटी के पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। वेबसाइट पर सर्विस के ऑप्शन पर क्लिक करें। सर्विस के नीचे 'रिटर्नÓ का ऑप्शन आएगा। इस पर क्लिक करें। सिस्टम आपसे आपका यूजर नेम और पासवर्ड मांगेगा। इसमें आप अपना यूजर नाम और पासवर्ड भरें। अपने जीएसटीआर रिटर्न को अपलोड कर दें। रिटर्न दाखिल करते वक्त इससे जुड़े तमाम दस्तावेजों को साथ ही रखें।

20 सितंबर तक जमा होगा रिटर्न
जीएसटी के तहत 20 सितंबर तक तीन रिटर्न करना है। एनआरआई के पास जीएसटीआर-5 और जीएसटीआर-5ए भरने के लिए कम दिन बचे हैं। जिन कारोाबरियों का टर्नओवर 1.50 करोड़ रुपए से अधिक है, उन्हें अगस्त का जीएसटीआर-1 रिटर्न 11 सितंबर तक फाइल करना है। व्यापारियों को इस बार 11 दिन का विंडो दिया गया है।

दुकानों में जाकर जीएसटीएन जांचेंगे अधिकारी
सेल एवं कमर्शियल टैक्स विभाग के अधिकारी जल्द ही क्षेत्र के बाजारों में दस्तक देंगे। अधिकारी, व्यापारियों के दुकान व गोदम में लगे साइन बोर्ड की पुष्टि करेंगे। जीएसटी कानून के तहत व्यापारियों को अपने लेटरपैड, साइन बोर्ड सरीखे तमाम जगहों पर जीएसटी नंबर लिखना अनिवार्य किया गया है, लेकिन 70 फीसदी व्यापारियों ने अभी इसको अपडेट नहीं किया गया है।

टेलीकॉलिंग के जरिए रिटर्न भरने की याद

जीएसटी, दुर्ग डिप्टी कमिश्नर गोपाल वर्मा ने बताया कि टेलीकॉलिंग के जरिए रिटर्न भरने की याद दिलाई जा रही है। करीब 30 फीसदी व्यापारियों के रिटर्न समय पर नहीं आए है। विलंब होने पर जुर्माना भी लगना तय है।

रिटर्न भरेंगे तो जुर्माने से बचा जा सकता

अध्यक्ष आइसीएआइ भिलाई सीए पीयूष जैन ने कहा कि जीएसटी रिटर्न दाखिले करने टर्नओवर के हिसाब से अलग अलग दायरे हैं। व्यापारी समय पर रिटर्न भरेंगे तो जुर्माने से बचा जा सकता है।

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