अलग सोच से पांच सरकारी शिक्षकों ने संवार दी गरीब, जरूरतमंद बच्चों की जिंदगी, पढि़ए राष्ट्र निर्माताओं की जिंदादिल कहानी

अलग सोच से पांच सरकारी शिक्षकों ने संवार दी गरीब, जरूरतमंद बच्चों की जिंदगी, पढि़ए राष्ट्र निर्माताओं की जिंदादिल कहानी

Dakshi Sahu | Publish: Aug, 16 2019 12:01:40 PM (IST) Bhilai, Durg, Chhattisgarh, India

स्वतंत्रता दिवस (Independence day 2019) के मौके पर स्कूल शिक्षा विभाग (CG School education)ने 5 शिक्षकों (Government teacher) को सम्मानित किया। ये वे शिक्षक हैं, जिन्होंने अपने प्रयासों ने न केवल बच्चों की जिंदगी बदली, बल्कि पढ़ाई का शानदार माहौल भी दिया।

भिलाई. स्वतंत्रता दिवस (Independence day 2019) के मौके पर स्कूल शिक्षा विभाग (CG School education)ने 5 शिक्षकों (Government teacher) को सम्मानित किया। ये वे शिक्षक हैं, जिन्होंने अपने प्रयासों ने न केवल बच्चों की जिंदगी बदली, बल्कि पढ़ाई का शानदार माहौल भी दिया। स्कूल (Government school Durg) का समय खत्म हो जाने पर यह शिक्षक घर नहीं गए बल्कि अपने कीमती समय में से रोजाना कुछ घंटे बच्चों को तराशने में लगा दिए। बच्चों ने भी अपने गुरु की लाज रखी और सफलता की कहानियां रच दी। इस साल धमधा से 2, दुर्ग 2 और पाटन से एक शिक्षक का चयन पुरस्कार के लिए किया गया था।

मोतीलाल साहू, व्याख्याता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुम्हारी

साल 2018 में कॉमर्स का परीक्षाफल 96 फीसदी रहा। इनके प्रयास से ही राज्य स्तर पर थ्रोबॉल में छात्रों को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ। कैरम और क्रिकेट के छात्रों को राज्य प्रतियोगिता में चयन मिला। मार्शल आर्ट में इस साल खिलाड़ी जोन स्तर पर चयनित हुए।

नंदा देशमुख, सहायक शिक्षक एलबी शासकीय प्राथमिक शाला सिरसाखुर्द
एक साल में ही सपेरा मोहल्ला के 27 बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाया। सपेरों के जो बच्चे सांप दिखाकर भीख मांगा करते थे, उन बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ा। अब यह बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। बालिकाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए सेनेटरी पैड का इस्तेमाल बताया।

लखेश्वर प्रसाद साहू, सहायक शिक्षक एलबी, प्राथमिक शाला खम्हरिया
विद्यालय में धरोहर कक्ष की स्थापना कर ग्रामीण अंचल में उपयोग आने वाले विलुप्त होते जा रहे घरेलू उपकरण का सामुदायिक सहयोग से संग्रह कर वस्तुओं के अंग्रेजी व हिंदी नाम से बच्चों को अवगत कराया। संगीत के माध्यम से बच्चों की उच्चारण क्षमता का विकास किया।

रिखिराम पारकर, सहायक शिक्षक एलबी, प्राथमिक शाला, ढौर
प्राथमिक शाला के बच्चों को नवोदय चयन परीक्षा के लिए तैयार किया। इनके प्रयास से ही 18 बच्चों का नवोदय परीक्षा में चयन हुआ। बच्चे यदि स्कूल नहीं पहुंचते तो उनके घर जाकर बच्चों को लेकर आए। छात्रों की उपस्थिति सुधारने में प्रयास निरंतर जारी है।

वर्षा तेलंग, शिक्षक एलबी, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लिटिया
विशेष कोचिंग के माध्यम से एनएमएमएस छात्रवृत्ति प्रतियोगी परीक्षा में स्कूल के 8 बच्चों का चयन इनके प्रयास से ही संभव हो पाया। बच्चों को संगीत की मुफ्त शिक्षा दी गई। वे संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से संबद्धता के लिए भी प्रयास कर रही हैं। विद्यालय में अतिरिक्त समय देकर बच्चों को संगीत की शिक्षा दी। बच्चों को कागज से बनने वाली वस्तुओं का प्रशिक्षण दिलाया।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned