जिस सरकारी स्कूल में पढ़कर बने प्रदेश के एक मात्र कृषि विवि के कुलपति, उसी स्कूल में चीफ गेस्ट बनकर प्रो. पाटिल बताएंगे सक्सेस स्टोरी

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति प्रोफेसर एसके पाटिल भी हैं। जिन्होंने 1971 में धमधा के बुनियादी स्कूल से पढ़ाई की थी। आज वे प्रदेश के सर्वोच्च शिक्षा संस्थान में कुलपति हैं। (Bhilai News)

भिलाई. धमधा के जिस हाईस्कूल से पढ़ाई कर ऊंचे मुकाम पर पहुंचे पूर्व छात्र शुक्रवार को फिर एक बार अपने स्कूल में लौटेंगे। 18 जनवरी को वे सभी धमधा के हाईस्कूल में एकत्रित होंगे। इसमें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर (Indira Gandhi Krishi Vishwavidyalaya Raipur) के कुलपति प्रोफेसर एसके पाटिल भी हैं। जिन्होंने 1971 में धमधा के बुनियादी स्कूल से पढ़ाई की थी। आज वे प्रदेश के सर्वोच्च शिक्षा संस्थान में कुलपति हैं। वे इस मिलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह-सुरता 2020 के मुख्य अतिथि होंगे। कुलपति बनने के बाद यह पहला मौका होगा, जब वे अपने पुराने स्कूल में पहुंचेंगे। मिलन समारोह में स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला, रंगोली और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। वहीं पूर्व छात्रों को उनका बचपन याद दिलाने कुर्सी दौड़, बोरा दौड़ और मटका फोड़ प्रतियोगिता भी होगी।

सभी स्कूलों को होनहारों को देंगे पदक
इस समारोह में धमधा के सभी स्कूल और कॉलेज के होनहारों को पुरस्कृृत किया जाएगा। इसके लिए शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक स्कूल के पूर्व छात्र-छात्राओं ने पहल की है। उन्होंने इसके लिए एक फंड की भी स्थापना की है। जिससे नगर के सभी स्कूलों में हर वर्ष टाप करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। अब तक शासकीय कृष्णा प्रसाद दानी बालक स्कूल के लिए पांच गोल्ड मैडल, बंगाली प्रसाद स्वर्णकार शास. कन्या स्कूल के लिए छह गोल्ड मैडल, उदय प्रसाद उदय शासकीय हाईस्कूल तमेर पारा के लिए दो और चंदूलाल चंद्राकर शासकीय महाविद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए चार गोल्ड मैडल के दानदाता मिले हैं।

इन्होंने दिया राशि ताकि पुरस्कृत हो सके बच्चे
चंद्रकांत शर्मा, देवदत्त वर्मा, बी रघुकुमार, हर्ष कुमार पारख, दिनेश पवार, हिम्मत लाल ताम्रकार, संध्या सिन्हा, नंदकुमार लहरे, अब्दुल वहीद खान, रमेश पटेल, कुंवर सिंह सिन्हा, श्रवण कुमार गुप्ता, राजीव गुप्ता, सुनीता गुप्ता, प्रभु देवांगन, अशोक कसार, अशोक ताम्रकार, बीरेंद्र सिंह ठाकुर व अशोक कसार ने समिति में एकमुश्त राशि जमा की है, ताकि हर वर्ष बच्चों को पुरस्कृत किया जा सके।

आज भी शाला की रजिस्टर में दर्ज है कुलपति का नाम
बुनियादी शाला के 1969 से 1971 के दाखिला खारिज रजिस्टर में आज भी कुलपति डॉ. पाटिल का नाम दर्ज है। उनके पिता वेटरनरी अस्पताल में कार्यरत थे। उस समय वे ब्लॉक कॉलोनी में सरकारी क्वार्टर में रहते थे। आयोजन समिति ने उन्हें मुख्य अतिथि के लिए चुना है। 18 जनवरी को धमधा नगर के सभी स्कूलों के मेधावी छात्र-छात्राओं को अब से गोल्ड मैडल प्रदान किया जाएगा। इसमें एक स्मारिका सुरता-2019 का भी प्रकाशन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में 1978 से 1990 तक के ऐसे पूर्व छात्र-छात्राएं शामिल होंगे,जो वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं।

Show More
Dakshi Sahu
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned