IIT भिलाई के सुपर स्ट्रक्चर भूमिपूजन कार्यक्रम को बीच में छोड़कर चली गई सांसद सरोज, देखते रह गए CM और बाकी मंत्री

IIT Bhilai के भवनों के सुपर स्ट्रक्चर की आधारशिला सीएम ने नींव में ईंट रखकर की। इस कार्यक्रम में सीएम के भाषण के पहले अतिथि के रूप में मौजूद राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने मंच छोड़ दिया।

By: Dakshi Sahu

Published: 02 Dec 2020, 05:08 PM IST

दुर्ग. कोरोना संक्रमण के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बुधवार को पहली बार दुर्ग-भिलाई के प्रवास पर हैं। मुख्यमंत्री बघेल सबसे पहले आईआईटी भिलाई पहुंचकर ब्रिक लेयिंग समारोह में शामिल हुए। IIT भिलाई कुटेलाभाठा के अकादमिक ब्लॉकों के आधार के साथ निर्माण कार्य प्रगति पर है। अकादमिक क्षेत्र के लिए भूमिपूजन और भवनों के अधिरचना का शुभारंभ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया। आईआईटी भिलाई के भवनों के सुपर स्ट्रक्चर की आधारशिला सीएम ने नींव में ईंट रखकर की। इस कार्यक्रम में सीएम के भाषण के पहले अतिथि के रूप में मौजूद राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने मंच छोड़ दिया। IIT भिलाई के डॉयरेक्टर ने मंच से सांसद सरोज को सुश्री की जगह श्रीमति संबोधित कर दिया। जिसके बाद वह नाराज होकर कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर चलीं गई। इस दौरान मुख्यमंत्री के अलावा मंच पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रवींद्र चैबे, तकनीकी शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, लोक स्वस्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्र कुमार मौजूद थे। सभा को संबोधित करते हुए सीएम भूपेश ने बाद में आईआईटी के डायरेक्टर को इस बात के लिए खेद प्रकट करने के लिए कहा।

IIT भिलाई के सुपर स्ट्रक्चर भूमिपूजन कार्यक्रम को बीच में छोड़कर चलीं गई सांसद सरोज, देखते रह गए CM और बाकी मंत्री

पहले चरण में खर्च होंगे 720 करोड़
आईआईटी भिलाई का निर्माण तीन चरणों में पूरा होना है। पहले चरण के निर्माण कार्य में 720 करोड़ रुपए खर्च होंगे वहीं दूसरे चरण में यह लागत हजार करोड़ के पार होगी। आईआईटी प्रशासन ने बताया कि पहले चरण के निर्माण में फाउंडेशन वर्क पूरा हो गया है। यानी निर्माण का 15 फीसद हिस्सा पूरा हो गया। अब सुपर स्ट्रक्चर तैयार करने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी होती है। स्ट्रक्चर तैयार करना आसान हो जाता है। करीब एक साल में आईआईटी पहले चरण का निर्माण कार्य पूरा कराने के बाद अगले साल नए बैच इसमें संचालित कराने की तैयारी में है।

जानिए... पहले चरण में क्या-क्या बनेगा...
- एकेडमिक ब्लॉक - 2
- साइंस विभाग भवन -2
- सेंट्रल लैब
- सेंट्रल लाइब्रेरी
- सेंट्रर इंस्टूमेंटेशन लैब
- लैक्चर हॉल - 1
- रेसीडेंशियल टॉवर - 3

हॉस्टल में रह सकेंगे 1250 छात्र
आईआईटी निर्माण के हर चरण में हॉस्टल की व्यवस्था में बढ़ोतरी करता चला जाएगा। पहले चरण में हॉस्टल निर्माण 1250 छात्रों की क्षमता के साथ कराया जा रहा है। हॉस्टल में इन छात्रों के लिए तमाम सुविधाओं का खयाल रखने के लिए विशेष प्लान भी बने हैं। पहले चरण में तीन हॉस्टल के निर्माण होने हैं। इसके अलावा स्टाफ के लिए रेसीडेंशियल टॉवर भी तैयार किया जाएगा।

कोहका-सिरसा सड़क होगी बंद
आईआईटी प्रशासन ने बताया कि संस्थान के लिए जमीन के बीच से सड़क गुजर रही है, जिससे निर्माण कार्य कराने में दिक्कत पेश आएगी। यह कोहका-सिरसा सड़क है, जिसे बंद करना पड़ेगा। इसके लिए आईआईटी ने जिला प्रशासन को लिख दिया है, जिसमें हामी भी मिल गई है। प्रशासन ने सड़क का विकल्प देने की बात कही है।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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