Durg जांच अधिकारी ने पति से पूछे यह सवाल, निजी अस्पतालों के जिम्मेदारों को भी किया तलब

प्रग्नेंट की मौत,

By: Abdul Salam

Published: 06 Oct 2021, 11:03 PM IST

भिलाई. प्रेग्नेंट महिला की एक निजी अस्पताल से दूसरे, तीसरे और चौंथे में जाने के बाद मौत के मामले में बुधवार को भी बयान लेने का सिलसिला जारी रहा। इस मामले में पति विपिन नागदेवे का बयान लेने जांच अधिकारी डॉक्टर सुगम सावंत ने चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिस, दुर्ग में बुलाया। जहां उनसे तमाम सवाल किए गए। इसमें से बहुत से सवाल ऐसे भी थे, जिसमें खुद पीडि़त को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश नजर आ रही थी। पीडि़त परिवार ने इसके जवाब भी दिए। वहीं निजी अस्पतालों के जिम्मेदारों को भी तलब किया गया। इस मामले में उनसे भी बयान लिए गए।

जांच अधिकारी ने किया यह सवाल
जांच अधिकारी ने पहला सवाल किया कि 27 सितंबर 2021 को करूणा अस्पताल में चिकित्सक ने दाखिल होने व 48 घंटे के बाद ऑपरेशन करने की सलाह दी गई थी। दूसरा सवाल डॉक्टर के मेडिकल एडवाइज देने के बाद बिना सलाह माने एक सप्ताह के बाद आने बोले थे क्या, इसका दस्तावेज है क्या है तो प्रस्तुत करें। तीसरा सवाल 27 को छुट्टी का कोई कार्ड दिया है तो पेश करो। बीपी की दवा वह मृतका कब से खा रही थी। करुणा हॉस्पिटल में कितने बार गए। एएनसी चेकअप करवाने के लिए। शादी को कितने साल हुए थे। करुणा हॉस्पिटल के बाद जिस निजी अस्पताल में लेकर गए, वहां मरीज की गंभीर हालत के बारे में बता कर आईसीयू में दाखिल करने की सलाह दी गई क्या। वहां से किस अस्पताल में जाने कहा गया। तीसरे अस्पताल में दाखिल किए थे क्या।

एक अस्पताल ने गेट से ही लौटा दिए
पति विपिन नागदेवे ने बताया कि करुणा हॉस्पिटल से बिना सलाह के नहीं गए थे। चिकित्सक ने एक सप्ताह बाद आने नहीं कहा था। वहां कोई कार्ड भी नहीं दिया गया था। पत्नी को बीपी की दवा दो माह से दी जा रही थी। करुणा हॉस्पिटल में एएनसी के लिए करीब 8 से 9 बार पिछले जुलाई के अंतिम सप्ताह से आखिरी दिन तक गए। शादी को तीन साल हुए थे। दूसरे हॉस्पिटल पहुंचे तो डॉक्टर ने देखा और तुरंत कहा कि बड़े अस्पताल लेकर जाओ। बड़े अस्पताल ने बेड उपलब्ध नहीं है कह दिया और गेट से ही लौटा दिया।

एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भागे

महाराष्ट्र में रहने वाली पूनम नागदेवे 24 साल का विवाह तीन साल पहले भिलाई के विपिन नागदेवे से हुआ था। शादी के बाद पति के साथ गुजरात में ही रह रही थी। प्रेग्नेंट होने के सात माह बाद अपने ससुराह भिलाई पहुंची। यहां रात में उनको सांस लेने में तकलीफ होने लगा तो परिवार वालों के साथ एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भागे। अंत में जहां दाखिल हुए वहां बताया कि देर हो चुकी है। इस तरह से जिला में एक प्रेग्नेंट ने दम तोड़ दिया।

कलेक्टर को सौंपा जाएगा जांच प्रतिवेदन
इस मामले में चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर डॉक्टर गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि मामले की जांच डॉक्टर सुगम सांवत कर रही हैं। जांच प्रतिवेदन आने के बाद कलेक्टर को सौंपा जाएगा।

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