COVID Update : कोविड केयर सेंटर में कोरोना मरीज पानी को तरसे, खाना भी नहीं मिला, तो सेंटर छोड़ बाहर निकले

पुलिस बल को बुलाना पड़ा,

By: Abdul Salam

Updated: 14 Aug 2020, 12:44 AM IST

भिलाई. कचांदुर में मौजूद कोविड केयर सेंटर में करीब 200 से अधिक कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार जारी है। यहां आज सुबह मरीजों को पहले नास्ता देर से मिला। इसके बाद दोपहर का खाना बड़ी संख्या में मरीजों को मिला ही नहीं। जब समय शाम ४ बजे से अधिक बीत गया, तब वे भड़क गए और कोविड सेंटर के बाहर आकर प्रदर्शन करने लगे। यह सूचना पुलिस को मिली तो जेवरा सिरसा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कमान संभाल लिया। उन्होंने सभी को भीतर भेजा। इसके बाद खाना लाया गया।

गर्भवती महिलाएं भी हैं दाखिल
हॉस्पिटल में दाखिल एक महिला ने खिड़की से आवाज देकर बताया कि यहां गर्भवती महिलाएं और छोटे दुधमुंहे बच्चों के साथ भी महिलाएं दाखिल हैं। इनको अगर समय पर खाना नहीं मिलेगा, तब क्या हाल होगा। बच्चे को दूध कहां से मिलेगा। इस वजह से सभी निकलकर घर जाने की तैयारी में थे। पुलिस ने रोक लिया। अब भीतर में सभी को रखकर बाहर से दरवाजा बंद कर दिए हैं। मरीजों में खासा रोष है।

पेसेंट को नहीं किया एडमिट
पेसेंट को हॉस्पिटल के पीछे रास्ते से भीतर लाया जाता है। कोविड पेसेंट जब प्रदर्शन पर उतारू हो गए, तब नए मरीजों को स्टॉफ ने भीतर लेना बंद कर उनको संभालने में जुट गए। नए पेसेंट को लेकर आए एंबुलेंस को एक घंटे से अधिक समय तक पीछे खड़ा रखा गया। सामने पुलिस की टीम तैनात कर दी गई।

नास्ता और भोजन की व्यवस्था
कोविड केयर सेंटर में नास्ता और दो टाइम के भोजन की व्यवस्था करनी ही है। तब बड़ी संख्या में मरीजों के लिए खाना क्यों नहीं पहुंचा। यह बड़ा सवाल है। जिला के बड़े अधिकारियों ने कहा कि उनको इस मामले में जानकारी नहीं है कि मरीजों को सुबह से खाना नहीं मिला है। जब पुलिस की टीम मौके पर तैनात कर दी गई है। तब प्रशासन को इस मामले में जानकारी कैसे नहीं लग रही है।

बुधवार से पानी को तरस रहे थे मरीज
यहां बुधवार से पानी की आपूर्ति प्रभावित है। जिसकी वजह से दाखिल मरीज तनाव में थे। दाखिल मरीजों ने इसकी शिकायत हॉस्पिटल के इंचार्ज से लेकर जिला हॉस्पिटल के सीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर के दफ्तर में फोन कर किया है। इसके बाद भी सुबह तक पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी है। यहां की अव्यवस्था से मरीज खासे परेशान हैं।

नहाना, टायलेट जाना सब कुछ प्रभावित
यहां दाखिल मरीजों ने बताया कि बुधवार को दोपहर 3 बजे से नलों में पानी आना बंद हो गया। लोग नहाने से लेकर टायलेट जाने के लिए परेशान हो गए। इसको लेकर मौजूद डॉक्टर से शिकायत किए। तब उसने मरीजों के सामने ही फोन लगाकर प्लंबर से बात की। प्लंबर ने दूसरा काम बताकर आने से मना कर दिया। डॉक्टर ने मरीजों से कहा कि प्लंबर अभी नहीं आ पाएगा। दूसरे से बात करते हैं। तब से गुरुवार सुबह तक हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। इसको लेकर जिला हॉस्पिटल के सीएमएचओ के दफ्तर में मरीजों ने फोन लगाया। वहां से जिन्होंने फोन उठाया उन्होंने कहा कि जहां दाखिल हो, वहां के इंचार्ज को यह बताओ।

पीने का पानी भी नहीं
हॉस्पिटल के वार्डों में पीने के लिए पानी तक खत्म हो गया। बहुत से मरीजों ने घर से पानी का बोतल मंगवा लिया। जिनके घर से कोई आने वाला नहीं था, वे दूसरे का मुंह तक रहे थे। गुरुवार की सुबह तक हॉस्पिटल के वार्ड क्रमांक - १४ में पीने के पानी तक की आपूर्ति नहीं की जा सकी है। दूसरे वार्ड की तरह यहां आरओ लगा है, लेकिन उसमें पानी नहीं आ रहा है। इस वजह से पीने के लिए दूसरे वार्ड से वे पानी लेकर आ रहे हैं। बुधवार को दूसरे वार्डों के आरओ भी खाली पड़े थे।

पेटभर नहीं मिल रहा नास्ता, खाना
यहां उपचार के लिए दाखिल मरीजों को सुबह नास्ता में एक दिन इडली, दूसरे दिन सांभर बड़ा, पोहा वगैरह दिया जा रहा है। लोगों को सुबह नास्ता अच्छे से करने का आदत होता है। यहां नास्ता के किसी पैक में दो इडली तो किसी में तीन इडली निकल रही है। वह भी छोटी, मरीज और मांगता है, तो उसे फटकार दिया जाता है। इसी तरह से पोहा और बड़ा का मामला है। शाम को न नास्ता दे रहे हैं और न चाय मिल रही है। लोगों को शाम में चाय नास्ता की आदत होती है। खाना में रोटी, चावल, सब्जी और मीठा दिया जा रहा है। मरीजों का कहना है कि कुछ और डिब्बा रख दिया जाना चाहिए। जिससे मरीज पेटभर कर खाना खा सके।

मनोरंजन का साधन नहीं, मानसिक तनाव से गुजर रहे
यहां एक वार्ड में करीब 40 मरीज दाखिल हैं। पूरे दिन वे एक दूसरे को देखते रहते हैं। इस तरह के स्थानों में मरीजों को मनोरंजन के लिए टीवी, कैरम या व्यायाम कराने की व्यवस्था होनी चाहिए। मरीजों का कहना है कि कोरोना से वे परेशान नहीं है, लेकिन यहां मानसिक तनाव से जरूर गुजर रहे हैं। बेहतर होता कि अलग कमरे में घर पर ही रखने की व्यवस्था कर दी जाती।

बिना लक्षण के आया रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव
कचांदुर के कोरोना केयर सेंटर में दाखिल मरीजों के मुताबिक उनमें से अधिकतर में लक्षण था ही नहीं। जांच के बाद फोन आया कि उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव है और यहां लाकर रख दिया गया है। न उनको बुखार था, न सिर दर्द, न कोई खांसी। सभी मरीजों को जांच की रिपोर्ट तक नहीं मिली है, जिसमें उनके कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हो। मरीजों को कोरोना पॉजिटिव की रिपोर्ट मिले, यह व्यवस्था जिला प्रशासन को करा देनी चाहिए।

कम से कम दो दिनों में बदला जाए बेडशीट
मरीजों का कहना है कि जब से यहां दाखिल हुए हैं, तब से वही बेडशीट बिछा हुआ है। अब उनके छुट्टी होने का समय आ गया। आशंका है कि उनके जाने के बाद दूसरे मरीज के लिए भी इसे बदला जाएगा या नहीं। इन व्यवस्था को देखने अलग से प्रशासन की ओर से जिम्मेदार को नियुक्ति किया जाना चाहिए।

रात में मच्छर से बचाव का इंतजाम नहीं
रात में हॉस्पिटल के हर वार्ड की खिड़कियां बंद कर दी जाती है। इसके बाद सोने के लिए कह दिया जाता है। यहां मच्छरों से बचाव को लेकर कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

निगम आयुक्त हैं नोडल अधिकारी
कलेक्टर, दुर्ग, डॉक्टर सर्वेश्वर भूरे ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों को सुबह से भोजन नहीं मिला, इसकी शिकायत नहीं मिली है। कचांदुर कोविड केयर सेंटर के नोडल अधिकारी नगर पालिक निगम, भिलाई के आयुक्त हैं। उन्होंने मौके पर जाकर व्यवस्था को ठीक कर दिया है।

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