scriptLaxmi of the house being saved from the damage of smoke | Bhilai धुआं के नुकसान से बचाया जा रहा घर की लक्ष्मी को | Patrika News

Bhilai धुआं के नुकसान से बचाया जा रहा घर की लक्ष्मी को

जिला में नए तरीके से चूल्हा बना रहे मितानिन,

भिलाई

Published: January 11, 2022 10:04:09 pm

भिलाई. तंग मकानों में रहने वाले परिवार की लक्ष्मी (महिला) को धुआं से बचाने के लिए मिनानिनों ने घर-घर धुआं रहित चूल्हा बनाने का काम शुरू किया है। लगातार धुआं के साथ रहने से कई तरह की बीमारियों के होने की आशंका बनी रहती है। जिससे निजात दिलाने के लिए यह ठोस पहल की गई है। इसे बनाने के बदले किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाता। इस वक्त हर एमटी के क्षेत्र में कम से कम माह में दो से अधिक चूल्हा बनाया जा रहा है।

Bhilai धुआं के नुकसान से बचाया जा रहा घर की लक्ष्मी को
Bhilai धुआं के नुकसान से बचाया जा रहा घर की लक्ष्मी को

घर के वेस्ट से बनाया जा रहा चूल्हा
चूल्हा को घर के वेस्ट से बनाया जा रहा है। जिसमें टूटे-फूटे इंट, तेल का पुराना पीपा और छोटे तीन राड के साथ मिट्टी का उपयोग किया जाता है। इसे बनाने के लिए मितानिनों को प्रशिक्षण दिया गया है। जिसकी वजह से वे दो घंटे के भीतर एक चूल्हा तैयार कर देते हैं। महंगाई के इस दौर में आर्थिक तौर पर कमजोर लोग लकड़ी चुनकर ला लेते हैं। इसके बाद उसे मिट्टी के चूल्हा में डालकर फूंक लगाते रहते हैं, इस दौरान धुआं से पूरा घर काला पड़ जाता है और जो चूल्हा को जलाने में जुटा है, वह खुद भी इससे जूझता रहता है।

यह है फायदा
एक-एक कमरों में रहने और उसमें ही किचन बनाकर जिंदगी गुजारने वालों में से बहुत से लोगों को टीबी, अस्तमा जैसे रोग घेर लेते हैं। जिससे बचाव के लिए इस तरह का चूल्हा बना दिया जा रहा है। मितानिनों के सहयोग से धुआं रहित चूल्हा शहर से लेकर गांवों में रहने वाली महिलाओं को तक जोडऩे में सफल हुए है। इस चूल्हे से सांस संबंधी आंख संबंधी बीमारी नहीं होता गर्भवती, शिशुवती और छोटे बच्चों को धुआं नहीं लगता। साथ ही लकड़ी की बचत होती है, घर काला नहीं होता, भोजन देर तक गर्म रहता है, भोजन कम समय में पकता है।

रिसाली में बनाए जा रहे चूल्हे
मितानिन प्रशिक्षु कमला राव की देख-रेख में यह चूल्हा का निर्माण किया जा रहा है। मितानिन किरण कोरी ने बताया कि उन्होंने बीआरपी, मरोदा के समीप रहने वाली झमेश्वरी साहू के मकान में इस धुआं रहित चूल्हा का निर्माण किया। जिसका उपयोग किया जा रहा है। अब घर में धुआं की शिकायत नहीं है।

महंगाई की वजह से लोग लौट रहे लकड़ी चूल्हा की तरफ
एमटी ने कमला राव ने बताया कि गांव और शहर में उज्जवला योजना के तहत केंद्र सरकार ने गरीबी रेखा से जीवन यापन करने वाले परिवारों को नि:शुल्क गैस सिलिंडर और चूहा बांटा है, लेकिन महंगाई की वजह से लोग लौटकर अब फिर से लकड़ी का उपयोग ईंधन के रूप में करने लगे हैं। इस वजह से ही इस तरह के धुआं रहित चूल्हों की मांग बढ़ गई है। शहर में इसको बनाना शुरू किए अधिक समय नहीं हुआ है। इस वक्त जिला के शहरी क्षेत्र में करीब 70 से अधिक चूल्हा बनाया गया है।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.