Breaking news भिलाई के 47000 संक्रमितों का ट्रेसिंग करने वाले टीम के अगुआ, खुद हुए संक्रमित

लौटकर फिर काम में जुटे.

By: Abdul Salam

Published: 20 May 2021, 11:59 PM IST

भिलाई. भिलाई के 47,000 से अधिक लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इनकी ट्रेसिंग और परिवार को होम आइसोलेशन में रहने के दौरान निगरानी करने वाली टीम के अगुवाई करने वाले डॉक्टर एसके जामगड़े हैं। वे 16 अप्रैल 2021 को खुद संक्रमित हो गए थे। होम आइसोलेशन से लौटे तो वापस कमान संभाल लिया। जन्म से ही एक किडनी है, इस वजह से उनको कई चीजों में एहतियात बरतना होता है। बावजूद इसके वे अपने काम से डिगे नहीं है।

11 मार्च 2020 से कर रहे काम
भिलाई के सुपेला अस्पताल में मौजूद शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सारे काम डॉक्टर जामगड़े के नेतृत्व में ही होते हैं। 11 मार्च 2020 को जब कोरोना महामारी शहर में पैर पसार रही थी। तब लॉक डाउन की वजह से बड़ी संख्या में लोग लौट रहे थे। तब वे टीम के साथ प्रवासियों के सैंपलिंग के काम में जुट गए। इस दौरान जो व्यक्ति संक्रमित पाया जाता, उसे आइसोलेशन सेंटर या अस्पताल शिफ्ट किया जाता। इसके बाद उसके प्रायमरी कांट्रेक्ट की जानकारी लेकर उन्हें आइसोलेशन सेंटर में दाखिल किया जाता।

ट्रेसिंग टीम को नहीं मिलती छुट्टी
18 लोगों की टीम के साथ वे लगातार १४ माह से काम कर रहे हैं। यह टीम हर दिन पॉजिटिव मरीज की ट्रेसिंग करती है। इस वजह से किसी भी दिन छुट्टी नहीं दिया जा सकता। पॉजिटिव मरीज अगर होम आइसोलेशन में है और उनके घर कोई दूसरा सदस्य नहीं है तब दवा पहुंचाने का काम भी इस टीम का ही है। एक परिवार में अगर अधिक लोग संक्रमित हो गए, तो उनके घर जाकर अन्य सदस्यों की जांच करना भी इनके जिम्मे ही है। इसी तरह से अगर किसी के घर कोरोना से मौत हो गई, तो उस मोहल्ला में टीम भेजकर आसपास वालों की कोरोना जांच भी यह टीम करवाती है।

एक साथी कर्मी की हुई संक्रमित होने के बाद मौत
उन्होंने बताया कि यह काम आसान नहीं है, टीम में शामिल सुपरवाइजर राजेश मसीह कोरोना संक्रमित हो गया था। इसके बाद उसकी मौत हो गई। कोरोना महामारी में अपने एक साथी को भी खोया है। इसके बाद भी टीम के किसी सदस्य ने अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ा।

जिला को 27 नंबर से लाकर खड़ा किया एक नंबर में
टीकाकरण के मामले में 2018 के दौरान जिला का रेंक 27 था। तब डेंगू ने दस्तक दी। भिलाई में 400 स्कूल और 200 आंगनबाड़ी के 1.8 लाख बच्चों का वैक्सीनेशन डॉक्टर जामगड़े के नेतृत्व में किया गया। जिसके बाद प्रदेश में जिला वैक्सीनेशन के मामले में पहले नंबर पर आ गया था। वे 22 साल से टीकाकरण काम का संचालन कर रहे हैं। इस दौरान वे कवर्धा, धमधा और दुर्ग में सेवा दे चुके हैं। इस वक्त उनकी टीम कोरोना का 1.5 लाख टीका लगा चुकी है। जिसमें नगर निगम का भी सहयोग है।

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