महाशिवरात्रि : चार सौ साल पहले जिस शिवलिंग को चरवाहे ने देखा, उनका आकार आज भी बढ़ रहा : Video

जिला मुख्यालय दुर्ग से 45 किमी. दूर आमनेर नदी की तट पर स्थित शिवलिंग को लगभग 400 साल पहले चरवाहे ने देखा था। तब से लेकर विशाल शिवलिंग का आकार लगातार बढ़ते ही जा रहा है

By: Satya Narayan Shukla

Updated: 03 Mar 2019, 07:49 PM IST

भिलाई@Patrika. जिला मुख्यालय दुर्ग से 45 किमी. दूर आमनेर नदी की तट पर स्थित शिवलिंग को लगभग 400 साल पहले चरवाहे ने देखा था। तब से लेकर विशाल शिवलिंग का आकार लगातार बढ़ते ही जा रहा है। प्राचीन शिव मंदिर के पुजारी जगदीश पुरी ने बताया कि शिवलिंग के बढ़ते आकार के चलते 100 साल में पांच बार मंदिर का जीर्णोद्धार किया जा चुका है। जमीन की सतह से फिलहाल शिविलंग की ऊंचाई लगभग 10 फीट व मंदिर गर्भगृह में 4 फीट है। हर महाशिवरात्रि पर धमधा ब्लॉक के इस गांव में क्षेत्र का सबसे बड़ा मेला लगता है। दो दिनों तक शिव भक्तों की कतार दर्शन-पूजन के लिए लगती है।

चरवाहों ने देखा था पहली बार शिवलिंग
सांप के बांबी के पास लगभग ४०० साल पहले चारवाहे ने गाय चराते हुए शिवलिंग की एक झलक देखी। तब उसे सामान्य पत्थर समझकर वे आगे बढ़ गए। मंदिर के पुजारी ने बताया कुछ दिनों के बाद चारवाहा को सपना आया। स्वप्न में भगवान शिव ने उन्हें प्रकट होने के और वहां मंदिर बनाने का आदेश दिया। @Patrika. जिसके बाद सांप के बांबी के आसपास खुदाई की गई। विशाल शिवलिंग खुदाई के दौरान सामने आया। शिवलिंग का आखिरी शिरा नहीं मिलने के कारण उसी स्थान पर मंदिर निर्माण किया गया।

 

शादी का पहला कार्ड भगवान भोले भंडारी को
ग्राम कोकड़ी में भगवान शिव के विशाल शिवलिंग की प्रसिद्धि बढ़ती गई तो गांव को ही शिव कोकड़ी के नाम से जाने जाना लगा। मन्नत पूरी करने वाले शिवलिंग को लोग मन्नत वाले बाबा के नाम से भी पुकाराते हैं। @Patrika. आस-पास के लोग भगवान गणेश की जगह शादी का पहला न्यौता भगवान शिव को देने शिव कोकड़ी पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं ने बताया कि शादी के बाद नव विवाहित जोड़ा यहां भगवान शिव का दर्शन-पूजन करने आते हैं। ऐसी मान्यता है कि दर्शन-पूजन के बाद उनकी वैवाहिक जीवन की सुखमय हो जाता है।

Satya Narayan Shukla Desk/Reporting
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