दुर्ग . हाथों में पूजा की थाली, शिख से लेकर नख तक सोलह श्रृंगार कर सुहागिनों ने वट वृक्ष की पूजा कर सदा सुहागन रहने की कामना की। वट सावित्री व्रत पर मंगलवार को महावीर स्कूल प्रांगण के वट वृक्ष के नीचे सुहागिनों ने सावित्री और सत्त्यवान की कहानी सुनकर अपने व्रत को पूरा किया। ज्येष्ठ माह में कृष्ण पक्ष की अमावस्या को किए जाने वाले इस व्रत में वट वृक्ष की पूजा का काफी महत्व है। माना जाता है कि वृक्ष की जड़ों में ब्रह्मा का, तने में भगवान विष्णु तथा डालियों और पत्तों में भगवान शिव का वास होता है। इसलिए इस पूजा के साथ ही स्त्रियां अपने के लिए तीन देवों का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। हिंदू शास्त्रों में सुहागनों के लिए वट सावित्री व्रत महत्वपूर्ण माना गया है। माना जाता है कि इस व्रत से पति की आयु लंबी होती है और उसके जीवन पर आया हर संकट टल जाता है।

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