माओवादी मुठभेड़ में बालोद के जवान नारद की शहादत की खबर सुनकर बेसुध हुई पत्नी, शहीद 17 जवानों का कल पहुंचेगा शव

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में रविवार को माओवादी मुठभेड़ में 17 जवान शहीद हो गए। शहीद जवानों में बालोद जिले के सिवनी गांव के एसटीएफ जवान नारद निषाद भी शामिल हैं। (Maoist encounter in Chhattisgarh)

By: Dakshi Sahu

Updated: 22 Mar 2020, 06:03 PM IST

भिलाई. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में रविवार को माओवादी मुठभेड़ में 17 जवान शहीद (CG Police soldiers martyred in chhattisgarh) हो गए। शहीद जवानों में बालोद जिले के सिवनी गांव के एसटीएफ जवान नारद निषाद भी शामिल हैं। वे 15 वर्ष से अपनी सेवा छत्तीसगढ़ पुलिस में दे रहे थे। आज दोपहर जवान नारद की शहादत की खबर लेकर जब डीएसपी अमर सिदार उनके घर पहुंचे तो पति के शहीद होने की सूचना पाकर पत्नी बेसुध हो गई। परिजनों पर दु:ख का पहाड़ टूट पड़ा। डीएसपी ने किसी तरह शहीद के परिजनों को ढांढस बंधाया। साथ ही उन्हें जानकारी दी की शहीद का शव सोमवार को दोपहर बाद उनके घर पहुंचेगा। जहां गार्ड ऑफ आर्नर देकर उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।

फरवरी में आखिरी बार पिता से मिली थी नौ साल की बेटी रानी
माओवादी मुठभेड़ में शहीद बालोद के जवान नारद की 9 साल की बेटी और 15 साल का बेटा है। बेटी रानी ने बताया कि वह आखिरी बार फरवरी में पिता से मिली थी। फरवरी में जवान छुट्टी पर घर आया था, उसके बाद सिर्फ फोन पर ही बात होती थी। पिता की शहादत की खबर सुनकर मासूम बेटा भी फूट-फूटकर रोने लगा। इधर गांव में भी सन्नाटा पसर गया।

नक्सलियों ने किया घात लगाकर हमला
सुकमा जिले के कसाड़पाड़ में सर्चिंग पर निकले जवानों पर नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया। जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए नक्सलियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसमें नक्सलियों के बड़े लीडरों के मारे जाने की भी खबर है। माओवादियों की इस बड़ी साजिश में एक साथ 17 जवान शहीद हो गए। वहीं 15 जवान घायल हैं। जिनमे दो की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए उनकी शहादत को नमन किया।

यह जवान हुए हैं शहीद
मिली जानकारी के अनुसार सुकमा एसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि शनिवार को सीआरपीएफ, डीआरजी और एसटीएफ के 550 से अधिक जवान सर्चिंग के लिए निकले थे। सर्चिंग से लौटते समय नक्सलियों के एंबुश में फंसकर एसटीएफ के हेमंत दास मानिकपुरी, गंधम रमेश, लिबरू राम बघेल, सोयम रमेश, उइका कमलेश शहीद हो गए। वहीं डीआरजी के इंद्रश साहू, मुकेश मंडावी, शालीग्राम,गीत राम राठिया, नारद निषाद, हेमंत पोया, अमरजीत खलखो, मडकम बुच्चा पोडियम मुत्ता उइका धुरूवा, वंजाम नागेश मडकम मासा, पोडिमय लखमा, मडकम हिड़मा, नितेंद्र बंजामी, शहीद हो गए। शहीद जवानों का शव देर रात तक कैंप लाया जाएगा।

15 जवानों के हथियार लूट ले गए नक्सली
माओवादी जंगल में मुठभेड़ के बाद 15 जवानों के हथियार भी लूटकर ले गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार एक यूजीबीएल भी माओवादी अपने साथ ले गए हैं। मुठभेड़ के बाद तीन जवानों ने सुकमा जिले के भेज्जी थाने में रविवार सुबह आमद दी। जवानों की स्थिति से अवगत कराया। बस्तर आईजी सुंदरराज ने बताया कि सभी 17 जवानों के शव मिल गए हैं। अब उन्हें लाने की कोशिश की जा रही है। 17 शहीदों में से 5 एसटीएफ और 12 डीआरजी के जवान हैं।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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