जज्बे को सलाम, 89 वर्ष के दादा और 84 वर्ष की दादी ने जीता मास्टर एथलेटिक्स में छत्तीसगढ़ के लिए गोल्ड

कोहका निवासी 89 वर्षीय भुवन लाल सिन्हा और 84 वर्षीय उनकी पत्नी रूखमणी फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा 20 से 27 फरवरी तक देहरादून में आयोजित मास्टर एथलेटिक्स में भाग लेकर गोल्ड मेडल हासिल किया।

By: Dakshi Sahu

Published: 02 Mar 2019, 11:12 AM IST

भिलाई. खेल में भिलाई के युवा ही नहीं बुजुर्ग भी महारत हासिल कर रहे है। कोहका निवासी 89 वर्षीय भुवन लाल सिन्हा और 84 वर्षीय उनकी पत्नी रूखमणी फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा 20 से 27 फरवरी तक देहरादून में आयोजित मास्टर एथलेटिक्स में भाग लेकर गोल्ड मेडल हासिल किया। शुक्रवार को समाज के सदस्यों ने सिन्हा दंपत्ति का दुर्ग स्टेशन में जोरदार स्वागत किया।

तावा फेंक में हासिल किया प्रथम स्थान
बताया गया कि 84 वर्षीय रूखमणी ने 23 मिनट में 3000 मीटर दौड़कर गोल्ड मेडल हासिल किया। इतना ही नहीं 10 मिनट 10 सेकंड में 1500 मीटर और 5 मिनट 4 सेकंड में 800 मीटर दौड़कर प्रथम पर रहीं। भुवन लाल तावा फेंक प्रतियोगिता में 1 किलो वजनी तावा को 14 मीटर फेंक कर प्रथम स्थान हासिल किया। रुखमणी का कहना है कि साहस और जज्बा हो तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है।

चार साल से रोजाना एक घंटे की प्रैक्टिस
घर के करीब ही एक तालाब है। करीब 500 मीटर इस तालाब को सिन्हा दंपती रोजाना एक घंटे तक चक्कर लगाते हैं। चार सालों से रुखमणी और भुवन लाल रोजाना करते हैं। भुवनलाल ने बताया कि पहले वे अकेले ही मॉर्निंग वॉक करते थे। अपने पति से प्रेरित होकर रुखमणी भी मार्निंग वॉक शुरू की। अब रूखमणी ने दौडऩे और चलने में अपने पति को भी पीछे छोड़ दिया है।

आर्थिक तंगी के कारण इंटरनेशनल गेम में नहीं ले पा रहे भाग
सिन्हा दंपती ने बताया कि एथलेटिक्स गेम्स में भाग लेने शासन-प्रशासन से कोई मदद नहीं मिलती है। आने-जाने और रहने-खाने का खर्च खुद उठाना पड़ता है। आर्थिक तंगी की वजह से विदेशों में होने वाले प्रतियोगितों में भाग नहीं ले पा रहे है।

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