छेडख़ानी की शिकार नाबालिग ने मौत को लगाया गले, नहीं मिला सुसाइडल नोट

छेडख़ानी की घटना का एफआईआर लिखाने के चार माह बाद मौत को गले लगाने वाली नाबालिग के विचाराधीन प्रकरण में न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी ने शनिवार को फैसला सुनाया।

By: Satya Narayan Shukla

Published: 24 Nov 2018, 10:22 PM IST

दुर्ग@patrika. छेडख़ानी की घटना का एफआईआर लिखाने के चार माह बाद मौत को गले लगाने वाली नाबालिग के विचाराधीन प्रकरण में न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी ने शनिवार को फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने आरोपी बघेरा निवासी रोहित निषाद (22 वर्ष) को छेडख़ानी की दो अलग अलग धारा के तहत क्रमश: 3 और 5 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत ५ वर्ष कारावास की सजा अलग से दी है। तीनों ही धारा के तहत आरोपी पर कुल 600 रुपए जुर्माना भी किया है।

पूछताछ करने पर नाबालिग ने घटना का खुलासा किया
प्रकरण के मुताबिक घटना के समय 17 वर्षीय स्व. पीडि़ता शौच के लिए जा रही थी। इसी बीच रोहित ने उसके साथ अश्लील हरकत की थी। घटना से क्षुब्ध युवती घर पहुंचने के बाद अपने कमरे में चली गई थी। परिजनों द्वारा पूछताछ करने पर नाबालिग ने घटना का खुलासा किया। घटना के दूसरे दिन पीडि़ता ने पुलगांव थाना में आरोपी के खिलाफ शिकायत की थी।

मिट्टी तेल छिड़कर लगा ली थी आग
छेडख़ानी की घटना के बाद नाबालिग गुमसुम रहने लगी थी। हालाकि परिवार वाले उसे कई बार समझाइश दे चुके थे। इसके बाद भी नाबालिग शांत रहती थी। चार माह बाद नाबालिग ने अपने घर पर मिट्टी तेल छिड़कर आग लगा ली थी। अस्पताल पहुंचाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

नहीं मिला सुसाइडल नोट
अतिरिक्त लोक अभियोजक कमल वर्मा ने बताया कि घटना के बाद नाबालिग ने आत्महत्या की थी। जांच के दौरान सुसाइडल नोट नहीं मिला था। आत्महत्या क्यों की इसका खुलासा नहीं हो पाया। इसलिए नाबालिग के आत्महत्या करने क ा मामला प्रकरण से अलग रख

Satya Narayan Shukla Desk/Reporting
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