Corona update 440 बेड लेकर 430 दिनों से तैयार खड़ी मोबाइल कोरोना आइसोलेशन कोच

राज्य सरकार बीमारों को किया निजी अस्पतालों के हवाले, उपचार के नाम पर जेब काटा जा रहा लाखों.

 

By: Abdul Salam

Published: 24 Sep 2020, 01:17 AM IST

भिलाई. कोरोना महामारी के बीच राज्य सरकार ने लोगों को निजी अस्पतालों के भरोसे छोड़ दिया है। सरकारी कोरोना केयर सेंटर में जिस तरह से ऑक्सीजन, साफ-सफाई, भोजन को लेकर शिकायत सामने आने लगी। तब लोग वहां जाने से घबराने लगे। इसका फायदा निजी अस्पताल के संचालकों ने उठाया है। छत्तीसगढ़ सरकार के सामने कोरोना मरीजों के लिए बड़ा विकल्प मोबाइल कोरोना आइसोलेशन ट्रेन मौजूद थी। जिसको रेलवे से लेकर उपयोग किया जा सकता था। इससे उस गरीब तबके को बड़ी मदद मिलती, जो निजी अस्पताल का बिल उधार लेकर जमा कर रहा है।

छत्तीसगढ़ में पहली मौत से पहले तैयार हो गई थी आइसोलेशन ट्रेन
दुर्ग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म में खड़ी आइसोलेशन कोच खड़ी है। मार्च 2020 के आखिरी सप्ताह में इस आइसोलेशन बोगी को तैयार करने का काम शुरू किया गया। दुर्ग में इसे 15 दिनों के भीतर 50 कर्मियों ने मिलकर युद्ध स्तर पर इसे तैयार कर दिया। हर बोगी में ऑक्सीजन सिलेंडर, हेंड वाश, लेट, बाथ, शावर, बाल्टी, मग, बिस्तर, आइना, पंखों, खिड़की में मच्छर प्रवेश न करे, इसके लिए जाली, सुरक्षा के लिए मोटी झिल्ली के पर्दे लगाए गए हैं। जिससे इसमें मौजूद डॉक्टर व स्टाफ संक्रमित न हों।

440 बेड है तैयार
प्रदेश के बड़े कोविड अस्पतालों में आम लोगों को गेट से ही बेड नहीं है कहकर भगा दिया जा रहा है। तब भी प्रदेश सरकार इन आईसोलेशन कोच का इस्तेमाल नहीं कर रही है। 55 बोगी में 440 बेड है। हर बोगी में सिलेंडर लगा है। इसे लेकर चरोदा में रखा जा सकता है। चरोदा, भिलाई-3 के मरीजों को इस आइसोलेशन कोच में रखकर उपचार किया जा सकता है।

यह सुविधा दिखाकर लूट रहे निजी अस्पताल
कोरोना संक्रमितों को ऑक्सीजन और अलग से कमरा देने के नाम पर निजी अस्पताल मोटी रकम वसूलने में जुटे हैं। राज्य सरकार ने जिनको चिंहित कर दिया है, उनकी लाटरी लग गई है। वे दाखिला लेने से पहले ही कैश जमा करवा रहे हैं। पूछने पर राज्य सरकार के गाइड लाइन का हवाला दिया जा रहा है। राज्य सरकार निजी अस्पतालों का मदद डेंगू से लगातार जब मौत हो रही थी, तब भी ले चुकी है, तब मरीजों से पैसा लेने का अधिकार अस्पताल को नहीं दिया गया था।

इस फैसले ने ठगा आम लोगों को
कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। राज्य सरकार ने पहले कुछ कोविड सेंटर शुरू किए। मरीजों की संख्या उसके मुकाबले हर दिन अधिक आने लगी, तब सरकार ने होम आइसोलेशन पर जोर दिया। घर में मरीजों की हालत बिगडऩे लगी, तब चंद निजी अस्पतालों को इलाज के लिए अधिकृत कर दिया। यह फैसला प्रदेश की आम जनता पर भारी पड़ा है। जिसके घर में नकद है ही नहीं, उसके परिवार के सदस्य को अस्पताल पहुंचने के बाद निजी अस्पताल के संचालक मोटी रकम जमा करवा रहे हैं। इतना ही नहीं एक बार में 10 से 20 हजार की दवा मंगवा रहे हैं। आस पड़ोस के लोगों से कर्जा लेकर वे इलाज करवा रहे हैं और खून के आंसू रो रहे हैं। यह आइसोलेशन कोच का उपयोग किया जाता तो कितनों का भला हो जाता। दिल्ली सरकार ने रेलवे के इस तरह के कोच का इस्तेमाल जरूरत पडऩे पर किया।

राज्य सरकार की मांग पर दिया जाएगा आइसोलेशन कोच
शिव प्रसाद, अधिकारी, जनसंपर्क विभाग, रायपुर मंडल ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की मांग पर आइसोलेशन कोच को दिया जाएगा। रेलवे कर्मियों ने इसे 15 अप्रैल 2020 को तैयार कर दिया था। इसके 55 बोगी में 440 बेड हैं।

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