चैत्र नवरात्रि में इस बार चार सर्वार्थ सिद्धि योग, पहली बार मंदिरों में ज्योति कलश जले पर कपाट रहेंगे नौ दिन बंद

चैत्र नवरात्र हिन्दुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक हैं। चैत्र नवरात्र (chaitra navratri in chhattisgarh) के साथ ही आज से हिन्दू नव वर्ष की शुरुआत हो गई है। भारत सहित छत्तीसगढ़ में पहली बार ऐसा हो रहा है कि नवरात्रि के दौरान सभी मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे।

भिलाई. चैत्र नवरात्र (chaitra navratri 2020) हिन्दुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक हैं। चैत्र नवरात्र के साथ ही आज से हिन्दू नव वर्ष की शुरुआत हो गई है। भारत सहित छत्तीसगढ़ में पहली बार ऐसा हो रहा है कि नवरात्रि के दौरान सभी मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते पूरे देश को लॉक डाउन कर दिया गया है। ऐसे में आज से शुरू हुए नवरात्र पर्व को लेकर भी मंदिरों ने कपाट बंद रखने की घोषणा कर दी है। मंदिरों में हजारों ज्योति, मनोकामना कलश जले पर आम लोग उसका दर्शन नहीं कर पाएंगे। नवरात्र में मंदिरों में होने वाली भीड़ को रोकने के लिए भी प्रशासन ने सख्ती से नियम लागू कर दिए हैं। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के सभी नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के नौ दिनों को बेहद शुभ माना जाता है। इस दौरान लोग देवी के नौ रूपों की आराधना कर उनसे आशीर्वाद मांगते हैं। मान्यता है कि इन नौ दिनों में जो भी सच्चे मन से मां दुर्गा की पूजा करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

घट स्थापना की तिथि और शुभ मुहूर्त
घट स्थापना की तिथि: 25 मार्च 2020
प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 24 मार्च 2020 को दोपहर 2 बजकर 57 मिनट से
प्रतिपदा तिथि समाप्त: 25 मार्च 2020 को शाम 5 बजकर 26 मिनट तक
घट स्थापना मुहूतर्: 25 मार्च 2020 को सुबह 6 बजकर 19 मिनट से सुबह 7 बजकर 17 मिनट तक
कुल अवधि: 58 मिनट

बन रहे ये खास संयोग
इस बार चैत्र नवरात्रि बेहद ही खास है। नवरात्रि के चार सर्वार्थ सिद्धि योग पड़ रहे हैं जो न केवल आराधना के लिए शुभ है, बल्कि नए कार्य करने के लिए भी शुभ रहेंगे। ज्योतिषी पंडित मिश्रा ने बताया कि चैत्र नवरात्रि पहले दिन स्वयं रेवती नक्षत्र रहेगा देवी की आराधना उपासना करने वालों के लिए यह बेहद अहम मौका होगा । इसके साथ नक्षत्र में ब्रह्मा नाम का योग रहेगा जो बेहद उत्तम है। इस बार मीन राशि में चंद्र में और मीन राशि में ही सूर्य के साथ नवरात्रि की शुरुआत हो रही है ।

चैत्र नवरात्र का महत्व
मान्यताओं के अनुसार चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा का जन्म हुआ था। मां दुर्गा के कहने पर ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि का निर्माण किया था। इसलिए चैत्र शुक्ला प्रतिपदा से हिंदू नव वर्ष प्रारंभ होता है। इसके अलावा भगवान विष्णु के 7 अवतार भगवान राम का जन्म भी चैत्र नवरात्रि में हुआ था ।

मकान व्यापार के लिए बेहद शुभ
इस चैत्र नवरात्रि में 4 सर्वार्थ सिद्धि योग रहेंगे। नवरात्रि की द्वितीया 26 तारीख को और 27 को तृतीया के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। इसके बाद 30 तारीख को सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। नवरात्रि के आखिरी दिन रामनवमी 2 अप्रैल को रहेगी उस दिन भी सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। जो लोग नवीन मकान भूमि भवन खरीदना चाहते हैं या व्यापार प्र्रारंभ करना चाहते हैं उनके लिए यह योग बेहद शुभ रहेंगे। नवरात्रि पर्व के दौरान ही 27 अप्रैल को गणगौर सौभाग्य सिद्धि का पर्व है, जिसमे देवी पार्वती की पूजा की जाती है।

आस्था के दीप तो जले श्रद्धालु नहीं कर पाएंगे दर्शन

भिलाई में चैत्र नवरात्रि पर इस बार देवीभक्त अपने हाथों से ज्योति कलश प्रज्वलित नहीं कर पाए। कोरोना वायरस हाई अलर्ट के चलते उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। शहर के बड़े मंदिरों में बुधवार को मंदिर में आस्था के दीप तो जलेंगे पर उसे प्रज्जवलित करने का काम मंदिर समिति के लोग ही करेंगे। साथ ही हवन, पूजन और विसर्जन भी मंदिर के अंदर ही होगा। जिसमें कोई भी श्रद्धालु शामिल नहीं हो सकेंगे। कुछ मंदिरों में ज्योति कलश की जमा रकम वापस कर दी गई है। तो कई मंदिरों में पूजन कार्यक्रम समिति ही करेगी। मंदिर समितियों ने श्रद्धालुओं को घर पर ही रहकर आराधना करने की सलाह दी है।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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