निगम अधिकारियों का कारनामा, NGO को आवास निर्माण का ठेका, अधूरा छोड़ भाग गया फिर भी 31.25 लाख भुगतान

नगर पालिका निगम चरोदा (नगर पालिक परिषद कार्यकाल) में नियम विरुद्ध एक एनजीओ को वाल्मीकि आवास निर्माण का ठेका देने की जांच होगी। (Bhilai News)

भिलाई. नगर पालिका निगम चरोदा (नगर पालिक परिषद कार्यकाल) में नियम विरुद्ध एक एनजीओ को वाल्मीकि आवास निर्माण का ठेका देने की जांच होगी। नियमों को ताक पर रखकर एनजीओ को ठेका दिलाने में सहयोग करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जांच में जो भी दोषित साबित होगा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

आवास निर्माण में देरी से शासन को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई एनजीओ से की जाएगी। भारत सरकार के लेखा नियंत्रक व महापरीक्षक ने नियम विरुद्ध आवास निर्माण का ठेका देने के मामले में आपत्ति की है। आपत्तियों के निराकरण के लिए छत्तीसगढ़ विधानसभा की स्थानीय निकाय एवं पंचायती राज लेखा समिति ने एनजीओ को आवास निर्माण का ठेका देने की जांच कराने का निर्णय लिया है।

इस संबंध में समिति के सभापति व विधायक सत्यनारायण शर्मा की अध्यक्षता की बैठक भी हुई है। विधायक लखेश्वर बघेल, डमरूधर पुजारी ने 2012-13 में नगर पालिका परिषद चरोदा में नियम विरूद्ध 100 वाल्मीकि आवास निर्माण का ठेका एनजीओ को देने का मामला उठाया।

समिति के सदस्यों का कहना था कि एनजीओ को आवास निर्माण का ठेका नहीं दिया जाना चाहिए था। फिर भी ग्वालियर की एनजीओ को ठेका दिया गया। अधूरे आवास को सब कांट्रेक्टर को ठेका में देकर पूर्ण कराना पड़ा। इससे निर्माण की लागत बढ़ गई। अब समिति के सभापति सत्यनारायण शर्मा ने पालिका में एनजीओ को काम दिलाने वाले अधिकारी के बारे में जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। एनजीओ के खिलाफ एफआईआर और वसूली की जानकारी मंगाई है। सब ठेकेदार से आवास निर्माण से शासन से होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई किस तरह से की जा सकती है, इसकी जानकारी मंगाई गई है।

किया जाना था आवास निर्माण
नगर पालिका परिषद चरोदा में 2012-13 में वाल्मीकि आवास योजना के अंतर्गत 100 आवास निर्माण किया जाना था। तत्कालीन अधिकारियों ने आवास निर्माण का ठेका ग्वालियर के एनजीओ को दे दिया था। एनजीओ ने काम अधूरा छोड़ दिया। इसके बाद दुर्ग के केके कंस्ट्रक्शन को ठेका में देकर पूर्ण कराया गया। पालिका परिषद ने एनजीओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसाइटी को पत्र लिखा था, लेकिन रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसाइटी ने एनजीओ को ब्लैक लिस्ट करने से मना कर दिया था।

समिति के सदस्य करेंगे आवासों का निरीक्षण
ग्वालियर का एनजीओ आवास निर्माण का कार्य अधूरा छोड़कर भाग गया फिर भी चरोदा निगम ने बजाए कार्रवाई करने के 31 लाख 25 हजार रुपए का भुगतान कर दिया। इस पर समिति के सदस्यों ने नाराजगी जताई है। आवास का निरीक्षण करने की बात भी कही है।

आवास जर्जर, छत से टपकता है पानी
समिति की बैठक में बीएसयूपी योजना के अंतर्गत निर्मित आवास की मरम्मत को लेकर चर्चा हुई। बताया गया कि योजना के अंतर्गत निर्मित आवास की मरम्मत कराने के लायक हो गया है। आवास में सीपेज की समस्या है। प्लास्टर टूट कर गिर रहा है।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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