स्वच्छ भारत अभियान की पोल खोल रहे दुर्ग जिले के मॉडल थाने, यहां वर्दीधारी और फरियादियों के लिए नहीं टॉयलेट की व्यवस्था

पत्रिका की टीम ने दुर्ग, मोहन नगर, सुपेला थाना समेत अन्य थानों का दौरा किया तो वहां थाना प्रभारी और अन्य पुलिस स्टॉफ के लिए शौचालय की व्यवस्था थी, लेकिन थाना में आने वाले फरियादियों की सुविधा के लिए न तो कोई बेहतर सुविधा है न शौचालय है।

By: Dakshi Sahu

Published: 24 Jun 2020, 07:13 PM IST

भिलाई. जहां देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वच्छ भारत अभियान के तहत खुले में शौच मुक्त की बात कर रहे हैं वहीं छत्तीसगढ़ राज्य की पुलिस के पास फरियादियों को लिए न तो कोई सोच (बेहतर पुलिसिंग की योजना) और न ही शौच (शौचालय) है। जब पत्रिका की टीम ने दुर्ग, मोहन नगर, सुपेला थाना समेत अन्य थानों का दौरा किया तो वहां थाना प्रभारी और अन्य पुलिस स्टॉफ के लिए शौचालय की व्यवस्था थी, लेकिन थाना में आने वाले फरियादियों की सुविधा के लिए न तो कोई बेहतर सुविधा है न शौचालय है। यह स्थिति जिले के करीब सभी थानों की है।

छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय की आत्याधुनिक योजनाओं के तहत दुर्ग कोतवाली थाना को मॉडल थाना के तर्ज पर डेवलप किया गया है। नवीन थाना भवन को कॉर्पोरेट ऑफि स की तर्ज पर अफ सरों से लेकर निचले स्तर के पुलिस कर्मियों की सुुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि फरियादियों के लिए एक शौचालय तक की सुविधा नहीं है। अपनी परेशानी लेकर थाना पहुंचने वालों को यूरिन लगने पर थाना के सामने बने खोली में जाना पड़ता है। जहां गंदगी बजबजा रही है। इस तरफ न तो अफसरों का ध्यान जा रहा और न ही थानेदार को सूझ रही। महिला फरियादियों को बेहद परेशान होना पड़ता है।

गंदगी से परेशान रहता है स्टाफ
दुर्ग कोतवाली के कर्मचारियों का कहना है कि इस खोली से भारी परेशानी होती है। हॉल में बैठे और यदि थाना के तरफ यदि हवा चली तो उसकी दुर्गंध से परेशान हो जाते है। फिर भी मजबूरी है काम करना।
महिला स्टाफ की शिकायत भिलाई नगर थाना में महिला कर्मचारी बड़ी संख्या में ड्यूटी करती है। उनकी शिकायत यह है कि थाना के अंदर कॉमन शौचालय बने है। उसी को उन्हें भी उपयोग करना पड़ता है। महिला कर्मचारियों तक के लिए अलग से शौचालय की सुविधा नहीं है।

ऐसा आला अधिकारी करते हैं दावा
थाने में आने वाले फ रियादियों की मदद के लिए ड्यूटी पर मौजूद अधिकारी रिसेप्शनिस्ट की भूमिका निभाएंगे। वे थाने में आने वाले फ रियादियों की बातों को गंभीरता से सुनकर उनकी समस्या का निदान करेंगे। फरियादियों को गिलास में पानी लेकर मिलेंगे। यहां तो सुविधाओं के नाम पर यूरिन खोली सभी दावों की पोल खोल रही।

फरियादियों के लिए शौचालय नहीं
दुर्ग टीआई राजेश बागड़े ने बताया कि फरियादियों के लिए अलग से कोई शौचालय की व्यवस्था नहीं है। किसी को जरुरत पडऩे पर थाना के सामने घेरानूमा दिवार बनाई गई है। वहीं जाना पड़ता है। पानी नल से नहीं बाहर से मंगवाते है। वही फरियादी भी इस्तेमाल करते है।

महिला फरियादियों के लिए नहीं
सुपेला टीआई गोपाल वैश्य ने बताया कि थाना में कॉमन शौचालय की व्यवस्था है। स्टॉफ और फरियादी उसका उपयोग कर लेते है। हां इतना जरुर है कि महिलाओं के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था नहीं है। बजट मिलने पर अलग से व्यवस्था बनाई जाएगी। पानी के लिए थाना के बाहर वाटर कूलर लगा है। उसका उपयोग किया जाता है।

अलग व्यवस्था की जाएगी
आईजी दुर्ग रेंज विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि थाना के अंदर सुविधा है। उसका उपयोग किया जा सकता है। इतना जरुर है कि थाना के अंदर जाने से लोग झिझकते हैं। फिर भी थाना के बाहर जगह का अवलोकन कराया जाएगा। फरियादियों की सुविधा के लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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