Breaking news मंत्री के गांव में एक भी स्वास्थ्य केंद्र नहीं, सरपंच को चिंता तीसरी लहर की

इंद्राणी सुखीराम सोनकर नव निर्मित भवन को देने तैयार.

 

By: Abdul Salam

Published: 09 Jun 2021, 01:54 AM IST

भिलाई. कोरोना महामारी की दो लहर आकर जा चुकी है, लेकिन छत्तीसगढ़ के मंत्री रविंद्र चौबे के गांव ग्राम पंचायत मौहाभाठा में अब तक एक भी स्वास्थ्य केंद्र नहीं बना है। गांव के लोग संक्रमित भी हुए और मौत भी हुई। खुद सरपंच के पति भी कोरोना से संक्रमित हुए। लाखों रुपए खर्च करने के बाद वे ठीक होकर लौटे हैं। सरपंच चाहती हैं कि तीसरी लहर आने से पहले गांव में बीस ऑक्सीजन युक्त बेड का इंतजाम किया जाए और वहां कम से कम तीन वेंटीलेटर की व्यवस्था हो। जिससे बच्चों के जीवन की हिफाजत कर सकें। इसके लिए वह तुरंत नव निर्मित भवन देने को तैयार हैं, जिसका अभी लोकार्पण भी नहीं हुआ है। वहीं मंत्री का कहना है कि पूरा साजा क्षेत्र ही उनका गांव है, जिसमें तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सुविधा की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है। गांव वालों के जिस दिन जरूरत होगी उसी दिन उनके मांग के मुताबिक व्यवस्था कर दी जाएगी।

साजा क्षेत्र में गई 72 की जान
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक साजा ब्लॉक में करीब 72 लोगों का कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार किया गया। वहीं गांव के लोग बताते हैं कि नगर पंचायत, देवकर में ही 35 लोगों की कोरोना महामारी के दौरान मौत हुई है। इसमें से अधिक से अधिक मौत दूसरी लहर में हुई है। तीसरी लहर से पहले यहां स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर करने की दिशा में पहल करने की जरूरत है। जिससे बच्चों को इस महामारी से सुरक्षित रखा जा सके।

जनप्रतिनिधि को जब दो घंटे तक अस्पताल में नहीं मिला बेड
मौहभांठा की सरपंच इंद्राणी सोनकर ने बताया कि उनके पति सुखीराम सोनकर 2 अप्रैल 2021 को कोरोना संक्रमित हो गए। उनको सांस लेने में तकलीफ होने लगी, तब ऑक्सीजन का लेवल 70 से भी कम होता जा रहा था। सबसे पहले दुर्ग में किसी निजी अस्पताल में दाखिल करने भागे। जब वहां किसी भी निजी अस्पताल में खाली बेड नहीं मिला। तब भिलाई आए वहां भी किसी निजी अस्पताल में बेड खाली नहीं था। आखिर अपने पति को गंभीर हालत में लेकर वह सीधे रायपुर पहुंची। सरपंच ने वहां कई निजी अस्पताल के चक्कर काटे। वहां भी बेड खाली नहीं था।

दो घंटे इंतजार करने कहा बाहर
रायपुर में एक निजी अस्पताल में पहुंचे तो वहां कहा कि दो घंटे इंतजार करना होगा, एक मरीज की छु्टटी हो रही है, उसके बाद बेड मिलेगा। तब दो घंटे बाहर ऑक्सीजन लगाकर इंतजार करते रहे। अस्पताल वालों ने कहा पहले एक लाख रुपए जमा करो। तब देंगे एडमिशन। जल्द बाजी में रिश्तेदारों से पैसा लेकर दिए। तब जाकर दाखिल हुए। 20 अप्रैल तक अस्पताल में रहे और पांच लाख से अधिक का बिल बना। रिश्तेदारों ने जमीन बेचा था, उस पैसे को दिया। तब अस्पताल का बिल जमाकर वहां से लौटे।

गांव के लोग न हों ऐसे परेशान
सरपंच का कहना है कि जिस तरह से वे लोग खुद कोरोना महामारी की दूसरी लहर में परेशान हुए हैं। वैसा परेशान गांव का एक भी व्यक्ति न हो। तीसरी लहर से पहले गांव के भीतर ही तमाम व्यवस्था कर लिया जाए। कम से कम बीस ऑक्सीजय युक्त बेड व तीन वेंटीलेटर का गांव में इंतजाम हो। इसके लिए इशारा करते ही गांव में बने नए भवन को दे दिया जाएगा। वह बहुत बड़ा है।

यहां किए हैं ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था
विधानसभा क्षेत्र में मंत्री ने ऑक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था पिछले लहर में की थी, जिसे अभी भी वैसे ही रखा गया है। जिसमें साजा में 20 ऑक्सीज युक्त बेड, साजा के मंगलभवन में 20 ऑक्सीजन युक्त बेड, पीएससी थान खंमरिया में 20 ऑक्सीजन युक्त बेड और देवकर में 10 ऑक्सीजन युक्त बेड शामिल है। इसके अलावा 20 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर मशीन भी यहां भिजवाई गई है। तीसरे लहर को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ की व्यवस्था भी पहले से की जा रही है।

पहला डोज लगवाया 30205 ने
साजा में कोरोना वैक्सीन का पहला डोज 30205 लोगों ने लगवाया है। वहीं दूसरा डोज 4591 ने लगवाया है। यहां अब तक 3667 लोग संक्रमित हुए, जिसमें से 3302 ठीक हो चुके हैं। वर्तमान में 172 एक्टिव केस है।

गांव के लोगों को दुर्ग और रायपुर का लगाना न पड़े चक्कर,

सरपंच, ग्राम पंचायत, मौहाभाठा, इंद्राणी सुखीराम सोनकर ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर में गांव के लोगों को दुर्ग, रायपुर के अस्पतालों का चक्कर लगाना न पड़े। इसके लिए कम से कम यहां बने नए भवन में 20 बेड का ऑक्सीजन युक्त बेड और तीन वेंटीलेटर की व्यवस्था की जाए। जिससे बच्चों की हिफाजत की जा सके।

दूसरी लहर में हुई बहुत मौत
अध्यक्ष, नगर पंचायत, देवकर, जे बिहारी साहू ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान दूसरी लहर में करीब 36 लोगों की जान नगर पंचायत क्षेत्र, देवकर में गई है। तीसरी लहर के लिए बेहतर इंतजाम करने की जरूरत है। यहां ऑक्सीजन बेड के साथ-साथ लोगों की जान बच सके इसके लिए पिछले बार से बेहतर इंतजाम करने की जरूरत है।

तीसरी लहर से पहले मुक्कम तैयारी
कृषी मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन रविंद्र चौबे ने बताया कि कोरोना महामारी की तीसरी लहर आने से पहले मुक्कम तैयारी की जा रही है। पहले से ऑक्सीजन युक्त बेड तैयार रखा गया है। इसके अलावा नए ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर मशीन भी क्षेत्र में भिजवाया गया है। पूरा साजा ही मेरा गांव है। वहां के हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सुविधा मिले यह प्रयास किया जा रहा है। मौहाभांठा में गांव के लोगों की मांग के मुताबिक जिस दिन जरूरत होगा वहां ऑक्सीजन बेड समेत सबकुछ लगवा दिया जाएगा। वह भवन समाज के लिए बनाया गया है।

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