Corona ड्यूटी करने वाली नर्सिंग स्टूडेंट्स को मिलेगा अब 5 और 8 हजार रुपए मानदेय, सरकार के आदेश पर दे रहीं सेवाएं

कलेक्टर (Durg collector) के अनुमोदन पर 5 मई 2021 अनुरूप कार्यरत नर्सिंग छात्र-छात्राओं को सीएम रिलीफ फंड या सीएसआर मद से मानदेय दिया जाना स्वीकृत किया गया है।

By: Dakshi Sahu

Published: 08 May 2021, 06:11 PM IST

भिलाई . जिले के विभिन्न निजी और सरकारी नर्सिंग कॉलेज के करीब 359 के स्टूडेंट्स की ड्यूटी कोरोना महामारी को देखते हुए अलग-अलग स्थानों पर लगाई गई है। यह खबर उनके लिए राहत लेकर पहुंची है कि उन्हें अब कम से कम घर से ड्यूटी जाने के लिए ईंधन का पैसा घर से मांगने की जरूरत नहीें पड़ेगी। शासन ने एमएससी नर्सिंग (M.Sc nursing) और बीएससी नर्सिंग (B.Sc Nursing) के छात्राओं को हर माह तय मानदेय देने का फैसला किया है। इसको लेकर गुरुवार को आदेश भी जारी हो गए। इसके पहले इन छात्राओं को ड्यूटी के लिए अपने संसाधन से कार्य स्थल तक पहुंचना पड़ रहा था। जिससे वे निराश थे। वहीं उनके पालक भी परेशान हो रहे थे। इस खबर को पत्रिका ने प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद शासन की ओर से गुरुवार को मानदेय देना का फैसला लिया गया।

क्या कहा है आदेश में
सीएमएचओ ने जारी आदेश में कहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नोवल कोरोना वायरस ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। दुर्ग जिले में कोविड के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिलाधीश के निर्देशानुसार जिले के नर्सिंग कॉलेज के बीएससी, एमएससी नर्सिंग के छात्र-छात्राओं की ड्यूटी होम आइसोलेशन केंद्र, विज्ञान विकास केंद्र व लावलीहुड कॉलेज आइसोलेशन केंद्र, दुर्ग में लगाई है। कलेक्टर के अनुमोदन पर 5 मई 2021 अनुरूप कार्यरत नर्सिंग छात्र-छात्राओं को सीएम रिलीफ फंड या सीएसआर मद से मानदेय दिया जाना स्वीकृत किया गया है।

बैंक पासबुक और आधार कार्ड करना होगा जमा
कार्यरत नर्सिंग के छात्र, छात्राओं को प्रतिमाह अपना वेतन पत्रक निर्धारित प्रपत्र में तय वेबसाइड पर उपलब्ध कराते हुए आदेश की प्रति, बैंक पासबुक व आधार कार्ड की छायाप्रति उपलब्ध कराना होगा। अचानक नर्सिंग स्टूडेंट की ड्यूटी सरकार द्वारा लगाए जाने के बाद छात्राएं अपने खर्च पर काम पर जा रही थी। इसके साथ-साथ वे मास्क, सैनिटाइजर तक खुद खरीद कर उपयोग कर रही थी।

इस आदेश से मचा था हड़कंप
कलेक्टर ने जारी आदेश में कहा है कि सभी नर्सिंग छात्राएं चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर, दुर्ग में अपनी उपस्थिति देंगे। उक्त आदेश के उल्लंघन किए जाने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 30, 34 सहपठित एपिडेमिक डिसिज एक्ट 1897 तथा संशोधित 2020 के तहत कार्रवाई की जाएगी। संबंधित संस्था के स्वास्थ्य संबंधी लायसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। इस आदेश की वजह से ही निजी कॉलेज अपने स्टूडेंट्स पर ड्यूटी जाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया, लेकिन उन्हें किसी तरह की सुविधा देने की बात नहीं कही।

अब मिलेगा मानेदय
छात्र-छात्राएं -- मासिक मानदेय
एमएससी नर्सिंग -- 8000 रुपए प्रतिमाह
बीएससी नर्सिंग -- 5000 रुपए प्रतिमाह

Dakshi Sahu
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