लॉकडाउन में इंजीनियर के घर में डेढ़ लाख की चोरी, इधर बेरोजगारी से परेशान केटरर ने फांसी लगाकर दी जान

कुम्हारी में एक सूने मकान में चोरों ने धावा बोलकर सोने चांदी के जेवर और अन्य सामान समेत डेढ़ लाख की चोरी कर ली। घर सूना छोड़कर परिवार बिहार गया था। (Bhilaicrime news)

By: Dakshi Sahu

Published: 12 Apr 2021, 01:52 PM IST

भिलाई. दुर्ग जिले में covid lockdown के बावजूद अपराध रूकने का नाम नहीं ले रहे हैं। कुम्हारी में एक सूने मकान में चोरों ने धावा बोलकर सोने चांदी के जेवर और अन्य सामान समेत डेढ़ लाख की चोरी कर ली। घर सूना छोड़कर परिवार बिहार गया था। शिकायत पर पुलिस ने धारा 380, 457 के तहत जुर्म दर्ज कर मामले को जांच में लिया है। कुम्हारी थाना पुलिस ने बताया कि कुम्हारी वार्ड-6 निवासी इंजीनियर सुनील कुमार शर्मा (43 वर्ष) एक प्राइवेट कंपनी में कार्य करता है। 27 मार्च को परिवार के साथ अपने गृह ग्राम मुजफ्फ रपुर बिहार गया था।

6 अप्रैल को सुबह इंजीनियर के भतीजे ने उसे फोन पर घर में चोरी होने की जानकारी दी। वहां से लौटकर घर आया। घर के अंदर जाकर देखा पूरा सामान बिखरा हुआ था। कमरे में रखे गोदरेज आलमारी और सूटकेस का लॉक टूटा मिला। आलमारी में रखे सोने की ज्वेलरी 20 ग्राम, चांदी 350 ग्राम, झुमका 6 ग्राम, गले का चैन 2 ग्राम, अंगुठी 2 ग्राम, लाकेट 2 ग्राम और चांदी की 3 जोड़ी पायल वजनी करीब 30 ग्राम, 150 ग्राम की चाबी रिंग और ज्वेलरी की रसीद, स्टेट बैंक खाता और एटीएम कार्ड चोरी हो गई थी। जिसकी कीमत करीब डेढ़ लाख रुपए है।

चोरों का गमछा और राजश्री का रैपर मिला
पुलिस ने बताया कि घटना स्थल का मुआयना किया। चोरों ने मुख्य दरवाजे को लोहे की रॉड से तोड़ा है। इसके बाद चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। घटना स्थल पर चोरों का गमछा, राजश्री गुटखा और पेंचकस मिला है। जिसकी जब्ती बनाई गई है। वारदात में चार से अधिक लोगों के शामिल होने की आशंका है। पुलिस की टीम इस मामले में छानबीन कर रही है। जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।

बेरोजगारी से लाचार केटरर ने फांसी लगाकर की खुदकुशी
लॉकडाउन में बेरोजगारी से लाचार होकर एक केटरर ने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। केटरर का काम एक साल से बंद था। पुलिस ने मर्ग कायम किया है। वैशाली नगर थाना पुलिस ने बताया कि रविवार सुबह 7 बजे की घटना है। रामनगर निवासी अनिमेश दास (55 वर्ष) केटरर का काम करता था। इस बीच उसे काम नहीं मिल रहा था। उसके पास कोई रोजगार नहीं था। जिससे वह काफी परेशान था। तीन चार दिन से उसे खांसी भी हो गई थी। अपने घर में दरवाजे के बोल्ट में रस्सी बांधा। इसके बाद पंखे की पाइप में फंसाकर खुदकुशी कर लिया। सुबह जब उसका दामाद टिफिन में नास्ता लेकर पहुंचा तब घटना का पता चला।

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