देशभर में खुलेंगे एक हजार से ज्यादा खेलों इंडिया सेंटर, चैम्पियन तैयार करने मिलेगा 5 लाख रुपए का अनुदान

देशभर में 1 हजार से ज्यादा खेलो इंडिया सेंटर खोलकर खेल मंत्रालय भविष्य के लिए चैम्पियन तैयार करेगा। इस सेंटर की खास बात यह होगी कि इसे पूर्व नेशनल या इंटरनेशनल चैम्पियन ही चला पाएंगे। (Khelo India campaign)

By: Dakshi Sahu

Published: 27 Jul 2020, 01:27 PM IST

भिलाई. ओलम्पिक में देश को ज्यादा से ज्यादा पदक दिलाने केन्द्रीय खेल मंत्रालय ने ग्रास रूट लेवल पर तैयारी शुरू कर दी है। देशभर में 1 हजार से ज्यादा खेलो इंडिया सेंटर खोलकर खेल मंत्रालय भविष्य के लिए चैम्पियन तैयार करेगा। इस सेंटर की खास बात यह होगी कि इसे पूर्व नेशनल या इंटरनेशनल चैम्पियन ही चला पाएंगे। खेल एवं युवा कल्याण विभाग दुर्ग ने जिले में सेंटर खोलने इच्छुक पूर्व खिलाडिय़ों या खेलों के लिए कार्य कर रहे संगठनों से आवेदन मंगाए हैं। 14 चुनिंदा खेलों को बढ़ावा देने बनाए जा रहे इस सेंटर में जमीनी स्तर से खिलाडिय़ों को निखारने की कोशिश की जाएगी। इससे नए खिलाडिय़ों को जहां अनुभवी प्रशिक्षक मिलेंगे वहीं वरिष्ठ खिलाडिय़ों की भी इंकम होगी।

यह खेल हैं शामिल
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अनुसार जिन खेलों को खेलो इंडिया योजना में शामिल किया गया है। उनमें तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बास्केटबॉल, बॉक्सिंग, फेंसिंग, फुटबाल, हॉकी, जूडो, कबड्डी, रग्बी, तैराकी, टेबल टेनिस, टेनिस, वॉलीबाल, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती को शािमल है। यानी इन खेलों में पदक विजेता इसमें सेंटर चलाने आवेदन कर सकते हैं। यह फार्म उन्हें जिला खेल विभाग में मिलेगा। जिसे 30 जुलाई तक भरकर जमा करना होगा। जिसके बाद कलक्टर के माध्यम से यह आवेदन राज्य सरकार के जरिए केन्द्र शासन तक पहुंचेगा।

5 लाख तक का अनुदान
खेलो इंडिया सेंटर के लिए केन्द्र की ओर से 5 लाख तक का अनुदान दिया जाएगा,लेकिन इसके लिए कोच को खिलाडिय़ों के बायोमेट्रिक्ट टेस्ट से लेकर उनके बोन टेस्ट, कोचिंग की वीडियो आदि सब कुछ भेजना होगा। वही आवेदन करने से पहले उन्हें खेल के मैदान की उपलब्धता सहित खेल सामग्री, कोचिंग आदि की व्यवस्था अपनी सुविधा अनुसार या राज्य शासन के सहयोग से करनी होगी। इस सेंटर में न्यूनतम 30 खिलाडिय़ों को शामिल किया जाएगा।

कोच को इस तरह मिलेगी प्राथमिकता
पूर्व चैम्पियन के बीच प्राथमिकता तय करने केन्द्रीय खेल मंत्रालय ने एक व्यवस्था तैयार की है। जिसमें चैंपियन या तो खुद की अकादमी खोलकर उसे संचालित कर सकते हैं या फिर खेलो इंडिया सेंटर में कोच बनकर सेवा दे सकते हैं। इसमें पहली प्राथमिकता उन खिलाडिय़ों को दी जाएगी, जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय संघ के तहत हिस्सा लिया हो। दूसरे वर्ग में सीनियर राष्ट्रीय चैंपयिनशिप या खेलो इंडिया खेलों के पदक विजेता होंगे। तीसरे वर्ग में राष्ट्रीय अखिल भारतीय विश्वविद्यालय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाडिय़ों को रखा जाएगा। चौथे वर्ग में सीनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी शामिल होंगे।

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Dakshi Sahu Desk/Reporting
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