OMG कोविड केयर सेंटर में ऑक्सीजन लीक, मचा हड़कंप, वेटिंलेटर के मरीजों को किए निजी अस्पताल में शिफ्ट

जिला में 34 संक्रमितों का अंतिम संस्कार, नए मरीज मिले 964.

By: Abdul Salam

Updated: 02 Apr 2021, 11:23 PM IST

भिलाई. कोविड केयर सेंटर, शंकराचार्य, जुनवानी में गुरुवार और शुक्रवार के दरमियानी रात में वेटिंलेटर और ऑक्सीजन लगाए मरीजों को बराबर प्रेशर से ऑक्सीजन नहीं पहुंच रहा था। जिसकी जानकारी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मिली। तब वे रात को ही अस्पताल पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने दो मरीज जो वेटिंलेटर में थे, उन्हें वहां से निजी एसआर अस्पताल के वेटिंलेटर में शिफ्ट किया। जिससे दोनों की जान बचाई जा सकी।

लीक हो रही थी ऑक्सीजन
एकाएक ऑक्सीजन के प्रेशर में कमी आने के पीछे अहम वजह पुराने लगे सिस्टम में खामी आना था। यहां ऑक्सीजन लीक हो रही थी, जिससे प्रेशर बन नहीं पा रहा था। मरीज परेशान हो रहे थे। जब इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ, नगर पालिक निगम आयुक्त और एसडीएम को मिली तो वे भागते हुए कोविड केयर सेंटर शंकराचार्य पहुंचे। यहां उन्होंने मौके पर जाकर देखा तो लीक होने की वजह समझ आ गई। उन्होंने सबसे पहले दो वेटिंलेटर वाले मरीजों को शिफ्ट किया।

रातों रात बुलाए मैकेनिक
रात में ही मैकेनिक को बुलवाए। इसके बाद उसका मरम्मत काम शुरू किए। पूरी रात काम चला, सुबह जाकर जब मरम्मत काम पूरा हुआ, तब अधिकारी करीब ५ बजे सुबह अपने-अपने घर के लिए रवाना हुए। अफसर अगर मौके पर जाकर सबकुछ खुद नहीं देखते, तो बड़ा हादसा हो सकता था। यहां दाखिल मरीजों की जान जा सकती थी।

लीक होने की वजह से हो रही थी दिक्कत
चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर, दुर्ग डॉक्टर गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि रात में सूचना मिली मरीजों को ऑक्सीजन बराबर नहीं मिल रहा है। तब निगम आयुक्त, एसडीएम और मैं तीनों मौके पर पहुंचे। सबसे पहले दो वेंटिलेटर में मौजूद मरीजों को निजी अस्पताल में शिफ्ट किए। इसके बाद मैकेनिक बुलाकर पुराने सिस्टम को दुरुस्त करवाए। जब सबकुछ ठीक हुआ तब लौटे।

युवा वर्ग हो रहा अब अधिक संक्रमित
जिला के अलग-अलग मुक्तिधाम में शुक्रवार को 34 शव का अंतिम संस्कार किया गया। राम नगर मुक्तिधाम में कोरोना के लिए तय शेड में सुबह करीब 8 शव के लिए चिता सज गई थी, दोपहर तक अंतिम संस्कार की रस्म पूरी की गई। इसके बाद देर शाम तक कुल करीब 24 शव यहां संक्रमितों का पहुंचा। इसी तरह से दुर्ग के शिवनाथ नदी के मुक्तिधाम में 6 और रिसाली के मुक्तिधाम में 4 लोगों का अंतिम संस्कार किए। शुक्रवार को भी संक्रमित मरीजों की संख्या में कोई बड़ी कमी देखने को नहीं मिली, आज 964 लोग संक्रमित हुए हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन ने 6 संक्रमितों की मौत होने की बात कही है।

सबसे अधिक युवा हो रहे संक्रमित
कोविड-19 के गाइड लाइन की अनदेखी करने वाले युवा अब कोरोना वायरस के चपेट में सबसे अधिक आ रहे हैं। इस वक्त करीब ४८ फीसदी युवा संक्रमित हो रहे हैं। अक्सर बिना मास्क और चाय, पान दुकानों में दोस्तों के साथ चाय, सिगरेट का सेवन करने वाले युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। कोरोना की मार से सुरक्षित रहने के लिए इस वक्त उन्हें कुछ दिनों तक घर पर बिताना होगा। जिससे इस वायरस की कड़ी को तोड़ा जा सके। इसके बाद सबसे अधिक संक्रमित 40 से 49 साल के लोग हो रहे हैं। वे औसतन करीब 40 फीसदी हैं, जो संक्रमित हो रहे हैं। इसके बाद 60 साल से अधिक उम्र के हैं, जो करीब 12 फीसदी संक्रमित हो रहे हैं।

अहम रोल अदा करने वालों का किए बीमा
जिला में अब तक 41032 लोग संक्रमित हुए हैं। जिसमें से 29777 मरीज ठीक हो चुके हैं। एक्टिव केस बढ़कर 10489 तक पहुंच गया है। जिला में लगातार कोरोना संक्रमितों की मौत हो रही है। संक्रमितों के शव को लेकर शव वाहन में अस्पतालों से मुक्तिधाम तक लेकर जाने वाले और मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार करने वालों का जीवन इस वक्त जोखिम में है। वे बार-बार जानना चाहते हैं कि रिस्क लेकर काम कर रहे हैं, अगर कुछ हो गया तो परिवार को बीमा का 50 लाख मिलेगा। इसका जवाब कोई दे नहीं रहा है। एक दिन में 20 से 25 शवों को लेकर एक जगह से दूसरे जगह जाने वाले और अंतिम संस्कार करने वालों को न तो अब तक वैक्सीन लगवाए हैं और न उनका बीमा करने की बात कही जा रही है। अंतिम संस्कार करने वालों को नगर निगम की ओर से मिलने वाला वेतन भी दो माह का बाकी है।

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