Breaking news आईसीयू से हटाने से गई मरीज की जान, सीएमएचओ से शिकायत, जांच कमेटी गठित

अस्पताल प्रबंधन ने कहा नहीं बरती लापरवाही.

By: Abdul Salam

Published: 28 May 2021, 11:41 PM IST

भिलाई. सनशाइन हॉस्पिटल, भिलाई-तीन के खिलाफ चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर, दुर्ग से शिकायत कादम्बरी नगर, दुर्ग में रहने वाले परिवार ने किया। पीडि़त परिवार ने बताया कि किस तरह से उनकी बुजुर्ग मां को आईसीयू से अस्पताल प्रबंधन ने दूसरे मरीज के लिए शिफ्ट किया। जिसके बाद उनकी मां की तबीयत बिगड़ गई। अंत में उनको वेंटिलेटर में रखा गया। जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। इसकी शिकायत करने पर सीएमएचओ ने चार सदस्यों की जांच कमेटी गठित कर दी है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इलाज में उनकी ओर से कोई लापरवाही नहीं बरती गई है।

यह टीम कर रही जांच
सीएमएचओ ने शिकायत पर जांच कमेटी गठित कर दी है। जिसमें डॉक्टर आरके खंडेलवाल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, दुर्ग, डॉक्टर संजय कुमार वालवेंद्रे, निश्चेतना विशेषज्ञ, दुर्ग, डॉक्टर पियाम सिंह, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, सिविल अस्पताल, सुपेला, डॉक्टर आरएस बघेल, दुर्ग शामिल हैं।

क्यों आईसीयू से हटाए मां को
पीडि़त व्यक्ति ने शिकायत में कहा है कि जब दुर्ग से 27 अप्रैल 2021 को सनशाइन अस्पताल के लिए मां को लेकर बहुंच तब उनकी ऑक्सीजन वगैरह जांच कर आईसीयू में दाखिल किया गया। वहीं जब दूसरा मरीज रात में आया तो बुजुर्ग मां को हटाकर उस मरीज को आईसीयू में दाखिल किया गया। पूछने पर कहा कि दूसरे आईसीयू में शिफ्ट कर रहे हैं। इसके बाद मां को किसी बेड में शिफ्ट किए। वहां कोई नहीं था, मां ने कहा कि यहां कोई नहीं है तब जनरल वार्ड में रख दिए। बिना परिवार के सदस्यों से बात किए। शाम 7.30 बजे मां ने बताया कि सांस लेने में तकलीफ हो रही है तब बेटे भागते हुए अस्पताल पहुंचे। तब परिवार के सदस्यों ने अस्पताल के संचालक डॉक्टर से बात किया कि आईसीयू में शिफ्ट किया जाए। तब रात करीब 11 उन्हें आईसीयू में शिफ्ट किए।

दरमियानी रात बिगड़ी तबीयत
इसके बाद भी तबीयत सुधरी नहीं तो वेंटिलेटर में शिफ्ट करने के लिए अस्पताल प्रबंधन ने कहा। परिवार राजी हो गया। तब 29 और 30 अप्रैल के दरमियानी रात में तबीयत बिगड़ गई। रात 3.30 बजे अस्पताल से फोन आया कि क्रिटिकल हो रही है तबीयत। तब भागते हुए अस्पताल पहुंचे। दोपहर करीब 1 बजे पहले प्रबंधन ने पुलिस को बुला लिया और इसके बाद जानकारी दी कि मां दुनिया में नहीं रही।

27 से 30 तारीख तक का मांगा फुटेज
मरीज के साथ 27 से 30 अप्रैल के मध्य क्या-क्या हुआ। इसको लेकर फुटेज मांगा गया। पुलिस को 128 और 64 जीबी का पेन ड्राइव पीडि़त परिवार ने दिया। वे उसका फुटेज उसमें अस्पताल प्रबंधन से लिए। पीडि़त परिवार का कहना है कि पुलिस ने कहा कि आरटीआई के तहत मांगने पर मिलेगा। जब मांगा गया तो उसमें पूरा फुटेज नहीं है। इसकी शिकायत वे एसपी से करने की तैयारी कर रहे हैं।

लापरवारी से गई मां की जान
पीडि़त वी सचदेव ने बताया कि मां की तबीयत बेहतर थी, आईसीयू से हटाकर दूसरे जगह शिफ्ट किए तब उनकी तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद उनकी मौत हो गई। अगर उनको आईसीयू में रखा जाता तो यह दिक्कत नहीं होती। दूसरे मरीज के लिए मां को आईसीयू से हटाया गया। अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

नहीं बरती लापरवाही
सनशाइन हॉस्पिटल भिलाई-तीन के संचालक डॉक्टर विकास अग्रवाल ने बताया कि ईलाज में किसी तरह से भी लापरवाही नहीं बरती गई है। मरीज को आइसीयू से बाहर शिफ्ट किए, परिवार ने वापस आइसीयू में शिफ्ट करने कहा। तो वापस भी लेकर गए। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ी और निधन हो गया। कोरोना संक्रमित होने की वजह से उनको लगातार ऑक्सीजन में रखा जा रहा था।

जांच कमेटी किए हैं गठित
चीफ मेडिकल हेल्थ ऑफिसर, दुर्ग डॉक्टर गंभीर सिंह ठाकुर ने बताया कि सनशाइन हॉस्पिटल, भिलाई-तीन के खिलाफ पीडि़त परिवार ने शिकायत पत्र दिया है। जिसके बाद जांच कमेटी गठित की गई है। कमेटी में चार सदस्य है। उम्मीद है कि सप्ताहभर में जांच कमेटी प्रतिवेदन पेश कर देगी।

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