हास्य कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे के बीजेपी में शामिल होने से बेमेतरा और दुर्ग से प्रबल दावेदारी की चर्चा

हास्य कवि डॉ. सुरेंद्र दुबे के बीजेपी में शामिल होने से बेमेतरा और दुर्ग से प्रबल दावेदारी की चर्चा

Satya Narayan Shukla | Publish: Sep, 05 2018 08:28:53 PM (IST) Bhilai, Chhattisgarh, India

भारतीय जनता पार्टी के मंच और कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ी हास्य कविताओं से लोगों को गुदगुदाने वाले कवि डॉ. सुरेंद्र बीजेपी के हो गए हैं। उन्होंने बुधवार को राजनांदगांव जिले के धर्मनगरी डोंगरगढ़ में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की उपस्थिति में अधिकृत रूप से पार्टी में प्रवेश कर लिया है।

भिलाई. भारतीय जनता पार्टी के मंच और कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ी हास्य कविताओं से लोगों को गुदगुदाने वाले कवि डॉ. सुरेंद्र बीजेपी के हो गए हैं। उन्होंने बुधवार को राजनांदगांव जिले के धर्मनगरी डोंगरगढ़ में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की उपस्थिति में अधिकृत रूप से पार्टी में प्रवेश कर लिया है।

पार्टी का दुपट्टा पहना़कर प्रवेश की विधिवत घोषणा

बता दें कि वे पार्टी के मंच पर आए और मोदी की तारीफ में अपने चीत परिचित अंदाज में हिंदी और छत्तीसगढ़ में कविताएं पढी़ं। इस दौरान मंच पर उनका प्रवेश नहीं हुआ। अमित शाह की उपस्थिति में मुख्यमंत्री डॅा. रमन सिंह ने पार्टी का दुपट्टा पहना़कर विधिवत पार्टी में प्रवेश की घोषणा की। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरम लाल कौशिक, पार्टी की राष्ट्रीय महामंत्री डॉ सरोज पांडेय सहित अन्य उपस्थित थे।

अंतरराष्ट्रीय कवि सुरेंद्र दुबे पेशे से एक आयुर्वेदिक चिकित्सक भी

बता दें कि अंतरराष्ट्रीय कवि सुरेंद्र दुबे पेशे से एक आयुर्वेदिक चिकित्सक भी हैं। सुरेंद्र दुबे का जन्म 8 जनवरी 1953 को बेमेतरा में हुआ था। उन्होंने पांच किताबें लिखी हैं। वह कई मंचों और टेलीविजन शो पर दिखाई दिए हैं। उन्हें भारत सरकार द्वारा 2010 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। वह 2008 में काका हाथरसी पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं। उनका राजभाषा आयोग के सचिव का कार्यकाल अब पूरा हो गया है। उनका राजनीति के आना कई मायनों में अहम साबित हो सकता है।

बेमेतरा व दुर्ग से दावेदारी की चर्चा
डॉ सुरेन्द्र दुबे के भाजपा प्रवेश की चर्चा कई दिनों से चल रही थी। उनके पार्टी में प्रवेश के बाद इस बात को भी बल मिलने लगा है कि सत्ताधारी पार्टी इस बार कई विधानसभा क्षेत्रों में नए चेहरों पर दांव लगाएगी। उनके समर्थक और पार्टी के रणनीतिकार उन्हें बेमेतरा व दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के संभावित दावेदार के रूप में भी देख रहे हैं। ऐसे लोगों का मानना है कि दुर्ग विस सीट हेमचंद यादव के निधन के बाद खाली हो गया है ऐसे में पार्टी डॉ. दुबे जैसे नए चेहरे पर दांव खेल सकती है। वहीं बेमेतरा उनका गृह जिला भी है ऐसे में पार्टी प्रवेश के बाद उनका पहला दावा बेमेतरा सीट पर भी बनता है।

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