बीएसपी में हो रहा टीएमटी सरिया का उत्पादन, नागपुर में मिल रहा सस्ता

बीएसपी में हो रहा टीएमटी सरिया का उत्पादन, नागपुर में मिल रहा सस्ता
BHILAI

Abdul Salam | Publish: Apr, 12 2019 11:17:45 AM (IST) Bhilai, Durg, Chhattisgarh, India

सेल टीएमटी सरिया नागपुर, हैदराबाद में भिलाई से कम दाम में मिल रहा है। इसे दिया तले अंधेरा वाली कहावत से जोड़कर देखा जा सकता है।

भिलाई. भिलाई इस्पात संयंत्र में सेल टीएमटी सरिया का उत्पादन किया जाता है। इसके बाद भी सेल टीएमटी सरिया के दाम भिलाई में ही अधिक है। यह सेल टीएमटी सरिया नागपुर, हैदराबाद, आगरा जैसे शहरों में भिलाई से कम दाम में मिल रहा है। इसे दिया तले अंधेरा वाली कहावत से जोड़कर देखा जा सकता है। बीएसपी में जिस सरिया का उत्पादन हो रहा, उसकी सबसे कम कीमत भिलाई में ही होनी चाहिए। कंपनी से तैयार होकर गेट के बाहर तक लाकर संबंधित ग्राहक के हाथ में दे देना है। इस पर परिवहन खर्च भी नहीं आना है। बावजूद इसके रेट में बड़ा अंतर है। इस्पात मंत्रालय की मंशा है कि घरेलू बाजार में सेल के सरिया का दखल बढ़े, लेकिन अधिक दाम होने से योजना को धक्का लग रहा है।

सेल टीएमटी हैदराबाद में 2,200 रुपए सस्ता
बीएसपी में तैयार होने वाला 8 एमएम का सेल टीएमटी सरिया भिलाई और छत्तीसगढ़ में प्रतिटन 54,000 रुपए थोक में बिक रहा है। वहीं हैदराबाद में इसकी कीमत प्रति टन 51800 रुपए है। इस तरह से 2,200 रुपए सेल टीएमटी सरिया का रेट भिलाई में हैदराबाद से अधिक है। इसी तरह से चेन्नई में इसकी दर 52400 रुपए है, जो भिलाई से प्रति टन करीब 16 सौ कम है। नागपुर और दूसरे शहर में भी रेट भिलाई से कम है।

निजी कंपनी से कर रहे प्रतिस्पर्धा
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की कड़ी प्रतिस्पर्धा वर्तमान में निजी कंपनियों के साथ है। निजी कंपनियां ग्राहकों की संख्या को बढ़ाने के लिए हर तरह के तरीकों को अपना रही है। वे उत्पाद को तैयार करने में कम खर्च करते हंै। इसके बाद ग्राहकों की जरूरत को ध्यान में रखकर वे मटीरियल तैयार करते हैं।

निजी कंपनी एजेंसी को दे रही कमीशन अधिक
निजी कंपनी जहां ग्राहकों को कम दर पर सरिया दे रही है, वहीं एजेंसी संचालकों को अधिक से अधिक कमीशन देने की कोशिश कर रही है। सेल अपने एजेंटों को इसकी अपेक्षा कम कमीशन देता है। सेल अपनी ही पॉलिसी की वजह से सेल टीएमटी सरिया की मांग में अधिक इजाफा नहीं कर पाए हैं। इसके पीछे बड़ी खामियां नजर आती है। सेल टीएमटी मार्केट में बना रहे, इसके लिए रेट को कम करना होगा। सेल टीएमटी सरिया में कमीशन कम मिलने की वजह से एजेंसी संचालक लोकल सरिया को बेचकर अधिक मुनाफा कमा लेता है।

सस्ता रॉ मटेरियल
बीएसपी को आयरन ओर, लाइम स्टोन, डोलोमाइट जैसे रॉ-मटेरियल सस्ते दर पर कंपनी तक पहुंचकर मिल रहा। बीएसपी का खुद का खदान होने से सौ फीसदी रॉ-मटेरियल खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। सरकार पानी भी सस्ते दर पर दे रही है। शहर में तेजी से आवासों, बड़े कॉम्पलेक्स, फ्लैट्स का निर्माण काम चल रहा है। इसके बाद भी सबसे बेहतर उत्पाद सेल टीएमटी की खपत उम्मीद के मुताबिक नहीं हो रही है। इसकी वजह अधिक रेट ही है।

खर्च घटाने लगा दी ताकत
प्रबंधन ने सेल के उत्पाद की दर को घटाने के लिए नियमित कर्मियों की संख्या कम की। ठेका श्रमिकों से स्थाइ नेचर के काम करवाए। वीआर स्कीम को लाया। प्रबंधन ने कर्मियों की सुविधाओं में कटौती की। इस तरह निजी कंपनी की तरह कम खर्च में अधिक उत्पादन लेने का प्रयास किया।

इस्पात मंत्रालय से लेकर बीएसपी के अधिकारी तक पहुंचे गांव
भारत सरकार के इस्पात मंत्रालय ने खुद सेल के उत्पाद की खपत बढ़ाने के लिए बड़े कार्यक्रम किए। लोकल ग्राहकों को जोडऩे के लिए हर तरह से प्रयास करने की बात कही। इसके बाद बीएसपी के अधिकारियों ने ग्राम जेवरा सिरसा समेत अन्य स्थानों पर जाकर अपने उत्पाद की खूबियों को गिनाया। ग्रामीण अंचल के लोगों को सेल के उत्पादों की बारीकी से जानकारी देने के लिए अधिकारी अपने साथ प्रोजेक्टर भी लेकर चल रहे हैं। जिसके सहारे वे किस तरह से इस सरिया को तैयार किया जा रहा है, उसकी भी जानकारी दे रहे हैं।

पिट रहा था घरेलू बाजार में सेल का सरिया
सेल घरेलू बाजार में पिट रहा था। प्राइवेट कंपनी हर छोटे और बड़े बाजार में दखल देने उपाय करती रहती है। वहीं सेल अब तक पुराने ढर्रे पर चल रहा था। लेकिन समय के साथ सेल ने भी मार्केटिंग के तरीके में बदलाव लाया है। वे सीधे घरेलू बाजार में अपना हिस्सा बढ़ाने के लिए गांव के भीतर तक पहुंच रहे हैं।

ग्राहक आए तो एजेंसी में भेजा
सेल टीएमटी का प्रचार होने पर कुछ ग्राहक एजेंसी में पहुंचे, तो वहां सेल टीएमटी का सरिया नहीं था। तब सेक्टर-१ एक्यूपमेंट चौक के समीप मौजूद सेल के विक्रय कार्यालय पहुंचे। वहां अधिकारियों ने बताया कि विक्रय कार्यालय से सीधा लेना नुकसान दायक सौदा है। विक्रय कार्यालय से सेल टीएमटी का सरिया 40 फीट लंबा और कम से कम 22 टन लेना होगा, तब सही है। कम वजन लेना है, तो एजेंसी के पास जाने पर मिलेगा। हर एजेंसी में यह सरिया नहीं था।

सेल की साख दांव पर
सेल की रेलपटरी उत्पादन में मोनोपल्ली रही है, उसे भी निजी कंपनियों ने तोड़ दिया। सरिया व दूसरे उत्पाद में निजी कंपनी से प्रतिस्पर्धा करने के लिए प्रबंधन को हर दिशा में ध्यान देना होगा। सेल की साख दांव पर है। प्रबंधन उत्पाद के दाम को कम करने के लिए उत्पादन में आने वाले खर्च पर कटौती करने पर ध्यान दे रहा है। नियमित कर्मियों के स्थान पर अब ठेका श्रमिकों से काम लिया जा रहा है.

फैक्ट फाइल
शाखा -- स्थान ------ 8 एमएम -- 10 एमएम -- 12 एमएम -- 16 एमएम -- 25 एमएम -- 28 एमएम -- 32 एमएम
भिलाई -- छत्तीसगढ़ -- 54000 -- 52500 ---- 51900 ---- 51900 ---- 51900 ----- 51900 ------ 51800
हैदराबाद -- तेलंगाना --- 51800 -- 50300 ----- 49700 ---- 50800 ---- 49700 ---- 49700 ------ 49700
विजयवाड़ा -- आंद्र प्रदेश -- 52000 -- 50500 --- 49900 --- 50500 ---- 49900 ----- 49900 ----- 49900
चेन्नई -- तमिलनाडु ---- 52400 --- 50900 ---- 50300 --- 51200 ---- 50000 ----- 49700 ----- 49700
नागपुर -- महाराष्ट्र --- 53300 ---- 51700 ----- 51100 ---- 51500 ---- 51100 ----- 51100 ------ 51100
कोयम्पत्तूर -- तमिलनाडु -- 53000 -- 51700 -- 51200 ---- 51700 ---- 50600 ---- 50600 ---- 50600

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