रथ में सवार होकर मौसी के घर घूमने निकले महाप्रभु, कोरोना नियमों के कारण आम लोगों को नहीं मिला मंदिर में प्रवेश

Rathyatra in Bhilai: कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार भी महाप्रभु नियमों में बंधकर रह गए। महाप्रभु रथ पर तो विराजे पर छोटे रथ पर, ताकि उसे खींचने में गिनती के भक्त ही लगे।

By: Dakshi Sahu

Published: 12 Jul 2021, 01:28 PM IST

भिलाई. कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार भी महाप्रभु नियमों में बंधकर रह गए। महाप्रभु रथ पर तो विराजे पर छोटे रथ पर, ताकि उसे खींचने में गिनती के भक्त ही लगे। इस बार महाप्रभु, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के लिए तीन मंजिला नहीं बल्कि एक मंजिला ही रथ तैयार किया गया। इस बार भी महाप्रभु को भक्त मनभावन प्रसाद चढ़ा नहीं पाए और न ही उनका भोग प्रसाद भी पा सकें। बस दूर से उन्हें निहारकर भक्तों ने मन के भाव प्रकट किए। भिलाई के सेक्टर 4 के श्री जगन्नाथ मंदिर समिति के महासचिव सत्यवान नायक ने बताया कि मंदिर परिसर में लगातार कोरोना से बचने जागरुकता अभियान भी चलाया जा रहा है। बिना मास्क के किसी को अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। इधर सेक्टर 6 स्थित जगन्नाथ मंदिर में भी मंदिर परिसर के अंदर ही रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया गया। सेक्टर 6 और सेक्टर 4 जगन्नाथ मंदिर में सिर्फ दस लोगों ने ही रथ खींचकर रथयात्रा निकाली।

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दर्शन का वक्त किया तय
मंदिर समिति ने महाप्रभु के दर्शन के लिए भी समय तय कर दिया है। गुंडिचा मंडप में सुबह 10 से दोपहर 1 बजे और शाम को 5 बजे से 8 बजे तक भक्त भगवान के दर्शन कर पाएंगे। इधर महाप्रभु को रोज चढ़ाए जाने वाला अन्न प्रसाद भी सिर्फ उतना ही तैयार किया जाएगा। जितना तीन थालियों में आएगा। दुर्ग में किल्ला मंदिर और आमदी मंदिर में रथयात्रा सादगी से भक्तिभाव के साथ मनाया गया। मंदिर में पूजा अर्चना हुई और कोविड प्रोटोकाल कापालन करते हुए रथयात्रा की रस्म निभाई गई।

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