रावलमल जैन दंपती हत्याकांड: पुलिस की लापरवाही उजागर, पूरक चालान पेश, पढ़ें खबर

बहुचर्चित रावलमल जैन दंपती हत्याकांड की जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। मामले में अब सुनवाई 2 मई को होगी।

By: Satya Narayan Shukla

Published: 25 Apr 2018, 09:33 PM IST

दुर्ग . बहुचर्चित रावलमल जैन दंपती हत्याकांड की जांच में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने जल्दबाजी में चालान तो प्रस्तुत कर दिया, लेकिन आम्र्स एक्ट के मामले में जिला दंडाधिकारी से अनुमति ही नहीं ली थी। गलती का एहसास होने पर गुपचुप तरीके से पुलिस ने बुधवार को पूरक चालान के रुप में दस्तावेज को विशेष न्यायाधीश मंसूर अहमद के न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले में अब सुनवाई 2 मई को होगी। इस मामले में मृतक दंपती का पुत्र संदीप जैन हत्या का आरोपी है। उसने 31 दिसंबर व 1 जनवरी की दरमियानी रात गोली मारकर अपने माता पिता की हत्या कर दी थी। खुलासा एक जनवरी सुबह ६ बजे आरोपी के भांजा सौरभ के घर आने पर हुआ। उसी ने पुलिस को सूचना दी।

सुनवाई शुरू होने के पहले ही हुआ गलती का एहसास
आम्र्स एक्ट के प्रकरण में अभियोग प्रस्तुत करने से पहले पुलिस को जिला दंडाधिकारी (कलक्टर) से अनुमति लेना आवश्यक है। पुलिस बिना अनुमति के अभियोग पत्र प्रस्तुत नहीं कर सकती। सुनवाई शुरू होने के ठीक पहले पुलिस को गलती का एहसास हुआ। इसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने आनन फानन में जिला दण्डाधिकारी से अनुमति लेकर पूरक चालान के रुप में दस्तावेज को प्रस्तुत किया।

२८ जनवरी को किया था चालान प्रस्तुत

प्रकरण में मृतक के घर के पीछे मिले देशी पिस्टल से निकली गोली ही रावलमल जैन व उसकी पत्नी सूरजी देवी को लगी थी। फोरेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि की है। रिपोर्ट आने के बाद दुर्ग सिटी कोतवाली पुलिस ने २८ जनवरी को तीन आरोपियों के खिलाफ सीजेएम न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था। इसके बाद प्रकरण कमिटल होकर सुनवाई के लिए विशेष न्यायालय में स्थानांतरित हुआ है।

कानूनविद से सलाह फिर भी हुई चूक

खास बात यह है कि इस मामले में जांच से लेकर चालान प्रस्तुत करने के लिए चार सदस्यी टीम का गठन किया गया था। टीम ने ही जांच के बिन्दु निर्धारित कर अभियोग पत्र तैयार करने में मदद की। इसके अलावा चालान प्रस्तुत करने से पहले पुलिस ने २७ मार्च को कानूनविद से राय भी ली थी। इसके बाद भी इस बड़ी चूक पर किसी का ध्यान नही गया।

अब आगे क्या

प्रकरण विशेष न्यायालय में विचाराधीन है। इस मामले में आरोप तय होगा। इसके बाद प्रकरण में ट्रायल प्रोग्राम प्रस्तुत किया जाएगा। आरोप तय पूर्व तर्क के लिए न्यायाधीश ने २ मई का दिन निर्धारित किया है।

हत्या व आम्र्स एक्ट के आरोपी
१. संदीप जैन-(42 वर्ष) मुख्य आरोपी - माता पिता की गोली मार हत्या की

२.भगत सिंह गुरुदत्ता- (47 वर्ष)सहआरोपी- आरोपी को हथियार उपल्बध कराया
३. शैलेन्द्र सागर-(47 वर्ष) सह आरोपी- आरोपी को हथियार उपलब्ध कराया

 

Satya Narayan Shukla Desk/Reporting
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