रावलमल जैन दंपती हत्याकांड: 90 दिनों के भीतर चालान पेश करेगी पुलिस,पढि़ए पूरी खबर

नगपुरा पाश्र्व तीर्थ के संस्थापक रावलमल जैन दंपती हत्याकांड में सिटी कोतवाली पुलिस ने जांच पूर्ण किए जाने का दावा किया है।

By: Satya Narayan Shukla

Updated: 13 Mar 2018, 10:47 PM IST

दुर्ग . नगपुरा पाश्र्व तीर्थ के संस्थापक रावलमल जैन दंपती हत्याकांड में सिटी कोतवाली पुलिस ने जांच पूर्ण किए जाने का दावा किया है। टीआई भावेश साव का कहना है कि निर्धारित ९० दिनों के पहले वे न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत कर देंगे। मंगलवार को पुलिस ने न्यायालय में एक आवेदन प्रस्तुत किया। जिसमें आरोपी संदीप जैन का न्यायिक अभिरक्षा बढ़ाने की मांग की। यह छठवां रिमांड आवेदन है। न्यायालय ने पुलिस के आवेदन को स्वीकार करते हुए न्यायिक रिमांड २३ मार्च तक स्वीकृत किया है।

पुलिस न्यायिक रिमांड लेने के पक्ष में नहीं

इस बहुचर्चित प्रकरण में ९० दिनो का समय ३० मार्च को पूरा हो रहा है। निर्धारित दिनों में चालान प्रस्तुत करने की तैयारी में पुलिस जुट गई है। पुलिस का कहना है कि अब वे आरोपी का न्यायिक रिमांड लेने के पक्ष में नहीं है। जल्द ही न्यायालय में सीधे अभियोग पत्र प्रस्तुत किया जाएगा। इस प्रकरण की जांच करने तत्कालीन एसपी अमरेश मिश्रा ने पांच सदस्यी टीम का गठन किया है। पुलिस का दावा कर रही है कि जांच पूर्ण हो चुकी है अब वे अभियोग पत्र प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहे हैं।

आरोपी संदीप स्पेशल बैरक में
आरोपी संदीप को आज न्यायालय लाया गया था। पुलिस द्वारा रिमांड आवेदन प्रस्तुत करने पर उसे कड़ी सुरक्षा में न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। आरोपी को दुर्ग पुलिस तीन जनवरी २०१८ को जेल दाखिल कराया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को स्पेशल सेल में रखा गया है।

नहीं आई जांच रिपोर्ट
पुलिस ने एक जनवरी को रावलमल जैन दपंती की हत्या का खुलासा होने के घंटेभर बाद ही घर के पीछे से पिस्टल और बुलेट बरामद किया था। जिसे फोरेसिंक जांच के लिए लैब भेजा है। अब तक फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट भी नहीं आई है।

इस प्रकरण के महत्वपूर्ण पहलु
- पुलिस की हिरासत में आरोपी ने मार्मिक पत्र लिखा है। अब तक यह स्पष्ट नहीं हुआ कि वास्तव में क्या संदीप ने ही स्वेच्छा से पत्र लिखा है।
- पुलिस ने आरोपी का नार्को टेस्ट क राकर स्थिति स्पष्ट करने का दावा किया था, लेकिन न्यायालय से पुलिस को टेस्ट कराने अनुमति नहीं मिली।
- इस मामले की जांच करने टीम बनाया गया है।खास बात यह है कि चालान प्रस्तुत करने के लिए पुलिस के पास कुछ ही दिन शेष है। इसके बाद भी टीम की बैठक केवल एक बार हुई है।

Satya Narayan Shukla Desk/Reporting
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