कोरोना ने तोड़ा रिकॉर्ड जिला में मिले 519 नए पॉजिटिव केस, शव आने से पहले ही जहां चिता सजकर हो जाती है तैयार

संविदा कर्मचारी लौटे ड्यूटी पर, पटरी पर लौटी कोरोना जांच, 1500 से अधिक का लिए नमूना.

By: Abdul Salam

Updated: 29 Sep 2020, 12:32 AM IST

भिलाई. संविदा कर्मियों के हड़ताल से लौटने के साथ ही कोरोना जांच के आकड़ों में अंतर नजर आने लगा है। सोमवार को 1504 लोगों की कोरोना जांच की गई। हड़ताल के दौरान करीब 1100 लोगों की ही जांच की जा रही थी। इसका असर संक्रमित मरीजों की संख्या कम होने से नजर आ रहा था। अब व्यवस्था पटरी पर लौट गई है, सोमवार को 519 संक्रमित मिले हैं। इसमें नेहरू नगर में रहने वाले एक उद्योगपति के परिवार से 4 लोग शामिल हैं। सोमवार को कोरोना से जिला के महज दो लोगों की जान गई है। सितंबर में यह दूसरी बार हुआ है, इसके पहले 23 सितंबर को सिर्फ 2 ने ही दम तोड़ा था। इधर लॉकडाउन की अवधि खत्म होने के बाद अनलॉक के मसले पर कलेक्टर से साफ कर दिया है कि यह केस की संख्या पर निर्भर करेगा कि अनलॉक कब तक करना है। डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुर, कलेक्टर, दुर्ग ने बताया कि अनलॉक पर अभी फैसला नहीं लिए हैं, केस की संख्या और हालात पर तय किया जाएगा।

हर क्षेत्र से मिल रहे मरीज
कोविड केयर सेंटर के प्रभारी डॉक्टर अनिल शुक्ला ने बताया कि पॉश कालोनी नेहरू नगर से लेकर टाउनशिप, पटरीपार और ग्रामीण अंचल से भी मरीज मिल रहे हैं। बेहतर होगा कि मास्क का उपयोग करें और लोगों से दो गज की दूरी बनाकर चलें। मार्केट में लोग जिस तरह से भीड़ में प्रवेश कर जाते हैं, उससे यह अधिक तेजी से फैल रहा है। बिना वजह घर से न निकलें। यह अच्छा उपाए है कोविड से बचाव का।

भिलाई-चरोदा में 9 मिले संक्रमित
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भिलाई 3 फीवर क्लिनिक में 27 मरीजों की कोविड जांच की गई। जिसमें 6 व्यक्ति कोविड पॉजिटिव मिले हैं। शहरी स्वास्थ्य केंद्र चरोदा में 19 सर्दी खांसी बुखार और अन्य समस्याओं से पीडि़त की कोविड जांच किया गया। जिसमें 3 पॉजिटिव मिले हैं। प्रभारी चिकित्सक डॉक्टर देवेंद्र बेलचंदन ने बताया कि अब जिन गर्भवती महिलाओं की प्रसव तिथि 14 दिवस बाद है, उनका सुरक्षा की दृष्टिकोण से कोविड टेस्ट करेंगे। प्रसूता का 14 दिवस डिलीवरी तिथि के जांच कराने से सुरक्षित प्रसव विशेष देखभाल में होगी । 14 दिन पूर्व प्रसूता पॉजिटिव आती है तो मेडिकल कालेज या एम्स जैसे संस्थान में प्रसव विशेषज्ञ चिकित्सक की देखरेख में होगा।

कोरोना के योद्धाओं ने मुख्यमंत्री से की यह मांग
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री सैयद असलम ने मांग की है प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी कोविड में लगातार सेवा करने से खुद संकमित हो रहे हैं जिसमें कुछ अधिकारी व कर्मचारी कोविड से अकाल मृत्यु भी हो गई है। झीठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लेब टैक्नीशियन की ड्यूटी करने के बाद अचानक उनकी मृत्यु हो गई। इसी प्रकार नागपुर में पदस्थ ड्रेसर विजय यादव की कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद मृत्यु हुई। इस प्रकार जिला अस्पताल दुर्ग के वार्ड भरत धेवरिया भी लगातार डयूटी कर ते हुए जिसकी कोविड-19 जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। केंद्र सरकार ने कोविड डयूटी करने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों को अकाल मृत्यु पर 50 लाख का बीमा कंपनी से दिया जाना है। लेकिन दुर्ग जिले इन कर्मचारियों की प्रधानमंत्री गरीब कल्याण कोष अंतर्गत प्रकलन ही नहीं बनाया गया है। ऐसे स्थिति मे इन परिवारों के लोगों मे असंतोष है। राज्य नोडल एजेंसी संचनालय स्वास्थ्य सेवाओं को जिला नोडल अधिकारी से इस संबंध मे विलंब करने ओर लापरवाही बरतने के संबंध में जानकारी लेकर तत्काल ऐसे प्रकरणों को आवश्यक दस्तावेज तैयार कर राज्य शासन को भेजा जाए। इसमें लापरवाही बरतने वालों पर कठोर कार्यवाई की जाए। इसको लेकर ज्ञापन दिया गया जिसपर अपर कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजकर प्रकलन तैयार करने कहा है। महामंत्री ने कहा कोरोना वारियर्स बोलकर सम्मान करने से काम नहीं चलेगा ऐसे कर्मचारी जिन्होंने अपनी जान गंवा चुके हैं, उन्हें शहीद का दर्जा देते हुए वास्तविक बीमा राशि दिया जाए।

शव आने से पहले ही जहां चिता सजकर हो जाती है तैयार

राम नगर मुक्तिधाम, भिलाई में हर दिन कोरोना संक्रमित मृतकों के लिए सुबह से ही चिता सजा दी जाती है। कोरोना संक्रमितों के शव का अंतिम संस्कार करने अलग से शेड को आरक्षित कर दिया गया है। जिनका अंतिम संस्कार किया जा रहा है। उसमें से सस्पेक्टेड भी हैं। जिनकी जांच रिपोर्ट नहीं मिली और अंतिम संस्कार किया गया।

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